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Baghpat News: एक साल से पहले ही टूटी ग्रामीण अभियंत्रण की सड़क, जांच समिति बनाई
Sun, 22 Sep 2024 03:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sun, 22 Sep 2024 03:22 AM IST
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बागपत। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की फैजपुर निनाना-बिहारीपुर सड़क को बने एक साल भी नहीं हुआ और यह जगह-जगह से टूटनी शुरू हो गई। निर्माण के दौरान दो-दो मीटर की पटरी तक नहीं बनाई गई। सड़क का निरीक्षण कर डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने नाराजगी जताते हुए तकनीकी अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग से जांच कराने के के लिए जांच समिति का गठन किया।
फैजपुर निनाना से बिहारीपुर को जाने वाली 1700 मीटर सड़क की हालत काफी खराब था। इस सड़क का निर्माण ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने 88 लाख रुपये की लागत से किया था। लोगों ने सड़क के जगह-जगह से टूटने की शिकायत डीएम से की थी। इसके बाद शनिवार को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की 1700 मीटर सड़क का निरीक्षण किया तो वहां घटिया सामग्री का प्रयोग मिला और जांच करने पर पता चला कि सड़क को अभी एक साल भी नहीं हुआ।
सड़क के निर्माण कार्य की घटिया सामग्री को देखकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण करते समय मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। विभाग ने भी सड़क की जांच किए बगैर ही भुगतान कर दिया। सड़क निर्माण के दौरान दोनों तरफ दो-दो मीटर की पटरी नहीं बनाई गई। डीएम ने मामले की जांच करने के लिए जांच समिति का गठन कर तकनीकि अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग से मामले की जांच कराने के आदेश दिए। इस दौरान अधिशासी अभियंता जल निगम अमित कुमार मौजूद रहे।
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फैजपुर निनाना से बिहारीपुर को जाने वाली 1700 मीटर सड़क की हालत काफी खराब था। इस सड़क का निर्माण ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने 88 लाख रुपये की लागत से किया था। लोगों ने सड़क के जगह-जगह से टूटने की शिकायत डीएम से की थी। इसके बाद शनिवार को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की 1700 मीटर सड़क का निरीक्षण किया तो वहां घटिया सामग्री का प्रयोग मिला और जांच करने पर पता चला कि सड़क को अभी एक साल भी नहीं हुआ।
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सड़क के निर्माण कार्य की घटिया सामग्री को देखकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण करते समय मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। विभाग ने भी सड़क की जांच किए बगैर ही भुगतान कर दिया। सड़क निर्माण के दौरान दोनों तरफ दो-दो मीटर की पटरी नहीं बनाई गई। डीएम ने मामले की जांच करने के लिए जांच समिति का गठन कर तकनीकि अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग से मामले की जांच कराने के आदेश दिए। इस दौरान अधिशासी अभियंता जल निगम अमित कुमार मौजूद रहे।
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