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600 शिक्षकों के 50 लाख काटे, बीमा हुआ न मिले रहे रुपये
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बागपत। शिक्षा विभाग ने 600 शिक्षकों के वेतन से 50 लाख रुपये काट लिए, लेकिन जिस बीमे के नाम पर आठ साल से यह रुपये काटे जा रहे हैं, वह बीमा भी नहीं हुआ और शिक्षकों के रुपये भी वापस नहीं लौटाए जा रहे हैं। अब शिक्षकों ने सवाल उठाया तो विभाग के अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं। साथ ही शासन से सामूहिक बीमा की राशि नहीं काटने के निर्देश मिलने का इंतजार करने की बात कह रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों का सामूहिक बीमा किया जाता है। जिसके तहत एक शिक्षक के वेतन से प्रतिमाह 87 रुपये की कटौती की जाती है। यह राशि काटने के बाद ही वेतन जारी किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत शिक्षक के आकस्मिक निधन पर उसके परिजनों को एक लाख रुपये दिया जाता था। इसके अलावा शिक्षक की सेवानिवृत्त पर उनके वेतन से काटी गई राशि का ब्याज सहित भुगतान किया जाता था।
बीमा कंपनी ने वर्ष 2014 के बाद शिक्षकों के सामूहिक बीमे पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद वर्ष 2014 के बाद भर्ती हुए शिक्षकों के वेतन से प्रतिमाह सामूहिक बीमे के नाम पर 87 रुपये की कटौती की जा रही है, जबकि उनका सामूहिक बीमा भी नहीं कराया गया है और इसके बावजूद रुपये काटे जा रहे हैं। शिक्षकों ने रुपये काटने बंद करने की मांग उठाई है।
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इस तरह 50 लाख रुपये से ज्यादा विभाग ने काटे
जिले में 2014 के बाद भर्ती हुए 600 शिक्षकों की तैनाती है और उनके वेतन से नियमित कटौती की जा रही है। एक शिक्षक के खाते से 87 रुपये के हिसाब से एक साल में एक हजार 44 रुपये और आठ साल में आठ हजार 352 रुपये की कटौती की जा चुकी है। अब तक 600 शिक्षकों के खातों से 50 लाख 11 हजार दो सौ रुपये की कटौती की गई है।
- शिक्षकों के वेतन से काटे जाने वाली सामूहिक बीमा राशि को वापस लौटने के लिए मांग की जा रही है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। - राकेश यादव, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
- 2014 में बीमा कंपनी की ओर से शिक्षकों के सामूहिक बीमा योजना बंद कर दी है, इसके बावजूद शिक्षकों के वेतन से कटौती की जा रही है। इसका शिक्षक संघ विरोध करता है। - विकास मलिक, जिलाध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ
- शिक्षकों के वेतन से काटी जा रही सामूहिक बीमा की धनराशि वापस कराने के लिए संघ के पदाधिकारी संघर्ष कर रहे हैं। शिक्षकों के वेतन से की गई कटौती वापस कराई जाएगी। - राजकुमार शर्मा, जिलामंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ
कोट...
शासन स्तर से 2014 के बाद भर्ती हुए शिक्षकों के वेतन से सामूहिक बीमा राशि की कटौती बंद करने के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है। शासन से निर्देश मिलने पर शिक्षकों की धनराशि वापस कराई जाएगी। आशीष, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग
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बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों का सामूहिक बीमा किया जाता है। जिसके तहत एक शिक्षक के वेतन से प्रतिमाह 87 रुपये की कटौती की जाती है। यह राशि काटने के बाद ही वेतन जारी किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत शिक्षक के आकस्मिक निधन पर उसके परिजनों को एक लाख रुपये दिया जाता था। इसके अलावा शिक्षक की सेवानिवृत्त पर उनके वेतन से काटी गई राशि का ब्याज सहित भुगतान किया जाता था।
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बीमा कंपनी ने वर्ष 2014 के बाद शिक्षकों के सामूहिक बीमे पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद वर्ष 2014 के बाद भर्ती हुए शिक्षकों के वेतन से प्रतिमाह सामूहिक बीमे के नाम पर 87 रुपये की कटौती की जा रही है, जबकि उनका सामूहिक बीमा भी नहीं कराया गया है और इसके बावजूद रुपये काटे जा रहे हैं। शिक्षकों ने रुपये काटने बंद करने की मांग उठाई है।
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इस तरह 50 लाख रुपये से ज्यादा विभाग ने काटे
जिले में 2014 के बाद भर्ती हुए 600 शिक्षकों की तैनाती है और उनके वेतन से नियमित कटौती की जा रही है। एक शिक्षक के खाते से 87 रुपये के हिसाब से एक साल में एक हजार 44 रुपये और आठ साल में आठ हजार 352 रुपये की कटौती की जा चुकी है। अब तक 600 शिक्षकों के खातों से 50 लाख 11 हजार दो सौ रुपये की कटौती की गई है।
- शिक्षकों के वेतन से काटे जाने वाली सामूहिक बीमा राशि को वापस लौटने के लिए मांग की जा रही है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। - राकेश यादव, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
- 2014 में बीमा कंपनी की ओर से शिक्षकों के सामूहिक बीमा योजना बंद कर दी है, इसके बावजूद शिक्षकों के वेतन से कटौती की जा रही है। इसका शिक्षक संघ विरोध करता है। - विकास मलिक, जिलाध्यक्ष पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ
- शिक्षकों के वेतन से काटी जा रही सामूहिक बीमा की धनराशि वापस कराने के लिए संघ के पदाधिकारी संघर्ष कर रहे हैं। शिक्षकों के वेतन से की गई कटौती वापस कराई जाएगी। - राजकुमार शर्मा, जिलामंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ
कोट...
शासन स्तर से 2014 के बाद भर्ती हुए शिक्षकों के वेतन से सामूहिक बीमा राशि की कटौती बंद करने के लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है। शासन से निर्देश मिलने पर शिक्षकों की धनराशि वापस कराई जाएगी। आशीष, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग