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Baghpat News: मुशर्रफ के परिवार की जमीन के 1.38 करोड़ जमा, अब खरीदारों के नाम होगी
Thu, 23 Jan 2025 12:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Thu, 23 Jan 2025 12:03 AM IST
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बागपत। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के भाई व परिवार की जमीन के मालिक बड़ौत व गाजियाबाद के लोग बन जाएंगे। कोताना में मौजूद उनकी शत्रु संपत्ति घोषित हो चुकी करीब 13 बीघा जमीन को इन्होंने 1.38 करोड़ रुपये में खरीदा था और अब इसके पैसे जमा कर दिए गए। अब इन फर्म के नाम ही यह संपत्ति दर्ज की जाएगी।
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का परिवार वर्ष 1943 में कोताना से दिल्ली जाकर रहने लगा था और वर्ष 1947 में बंटवारे के समय पाकिस्तान में चला गया था। मगर उनके परिवार की हवेली व खेती की जमीन कोताना में मौजूद थी। जिसमें परवेज मुशर्रफ की जमीन बेच दी गई थी तो उनके भाई डाॅ. जावेद मुशर्रफ व परिवार के सदस्यों की जमीन को पंद्रह साल पहले शत्रु संपत्ति में दर्ज कर दिया गया था। मगर, इस जमीन की पहचान इनके नाम से होती है।
इसमें से बांगर की करीब 13 बीघा शत्रु संपत्ति की नीलामी शत्रु संपत्ति अभिरक्षक विभाग ने सितंबर 2024 में कराई थी। यह 13 बीघा जमीन नौ खसरों में मौजूद है और खसरों के अनुसार इसकी अलग-अलग बोली लगाकर बड़ौत की फर्म पंकज ट्रेडर्स के अलावा गाजियाबाद की एक अन्य फर्म ने खरीदी थी।
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इन सभी ने जमीन के एक करोड़ 38 लाख रुपये जमा कर दिए हैं। अब सरकार की ओर से इन सभी के नाम जमीन की जाएगी।
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पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का परिवार वर्ष 1943 में कोताना से दिल्ली जाकर रहने लगा था और वर्ष 1947 में बंटवारे के समय पाकिस्तान में चला गया था। मगर उनके परिवार की हवेली व खेती की जमीन कोताना में मौजूद थी। जिसमें परवेज मुशर्रफ की जमीन बेच दी गई थी तो उनके भाई डाॅ. जावेद मुशर्रफ व परिवार के सदस्यों की जमीन को पंद्रह साल पहले शत्रु संपत्ति में दर्ज कर दिया गया था। मगर, इस जमीन की पहचान इनके नाम से होती है।
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इसमें से बांगर की करीब 13 बीघा शत्रु संपत्ति की नीलामी शत्रु संपत्ति अभिरक्षक विभाग ने सितंबर 2024 में कराई थी। यह 13 बीघा जमीन नौ खसरों में मौजूद है और खसरों के अनुसार इसकी अलग-अलग बोली लगाकर बड़ौत की फर्म पंकज ट्रेडर्स के अलावा गाजियाबाद की एक अन्य फर्म ने खरीदी थी।
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इन सभी ने जमीन के एक करोड़ 38 लाख रुपये जमा कर दिए हैं। अब सरकार की ओर से इन सभी के नाम जमीन की जाएगी।