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थाने के मालखाने से गायब हुई रिवाल्वर
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बागपत : दोघट थाने में जमा की गई रिवाल्वर का फाइल फोटो।
- फोटो : BAGHPAT
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थाने के मालखाने से गायब हुई रिवाल्वर
बागपत। अगर अपना लाइसेंसी हथियार थाने में जमा करा रहे हैं, तो वह हथियार वहां से भी गुम हो सकता है। भगवानपुर मौजिजाबाद नांगल गांव के पूर्व प्रधान का निधन होने के बाद दोघट थाने के मालखाने में जमा रिवाल्वर गायब हो गई। अब उनका बेटा विरासत में लाइसेंस बनने के बाद रिवाल्वर थाने में लेने पहुंचा, तो वह गायब मिली।
भगवानपुर मौजिजाबाद नांगल गांव के रहने वाले परीक्षित पंवार उर्फ केतन के पिता पूर्व प्रधान सुक्रमपाल के नाम एक शस्त्र लाइसेंस था। उनके पास इंग्लैंड निर्मित पांच लाख रुपये की रिवाल्वर थी। सुक्रमपाल का 11 अगस्त 2019 को निधन हो गया था। परीक्षित ने 21 नवंबर 2019 को दोघट थाने में हेड मोहर्रिर मामचंद सागर के पास मालखाने में रिवाल्वर जमा करा दी थी। जमा करने की रसीद भी दी गई थी। परीक्षित ने बताया कि 18 मई 2022 को विरासत में शस्त्र लाइसेंस उसके नाम ट्रांसफर हो गया। जिसके बाद पूरे दस्तावेज लेकर वह रिवाल्वर लेने के लिए दोघट थाने में गया, लेकिन उसे रिवाल्वर नहीं दी गई।
उसे बताया गया कि रिवाल्वर नहीं मिल रही है। आरोप लगाया कि हेड मोहर्रिर ने उसके साथ अभद्रता करते हुए गाली-गलौज भी की, लेकिन रिवाल्वर नहीं दी। लाइसेंसी रिवाल्वर गायब होने का मामला डीएम और एसपी तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया।
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10 बार जा चुका है थाने
परीक्षित ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस ट्रांसफर होने के बाद वह दस से अधिक बार दोघट थाने में रिवाल्वर लेने के लिए जा चुका है, लेकिन रिवाल्वर नहीं दी गई। आरोप है कि मामला दबाने के लिए उसे धमकाया जा रहा है।
कोट...
अब से पहले ऐसी कोई शिकायत नहीं आई थी कि किसी का थाने के मालखाने में जमा असलाह नहीं मिल रहा है। अब मामला जानकारी में आया है और इसका पता कराया जा रहा है। मुंशी चाबी लेकर थाने से अनुपस्थित है। उसे बुलवाया गया है और रिवाल्वर नहीं मिलती है, तो रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। - नीरज कुमार जादौन, एसपी
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बागपत। अगर अपना लाइसेंसी हथियार थाने में जमा करा रहे हैं, तो वह हथियार वहां से भी गुम हो सकता है। भगवानपुर मौजिजाबाद नांगल गांव के पूर्व प्रधान का निधन होने के बाद दोघट थाने के मालखाने में जमा रिवाल्वर गायब हो गई। अब उनका बेटा विरासत में लाइसेंस बनने के बाद रिवाल्वर थाने में लेने पहुंचा, तो वह गायब मिली।
भगवानपुर मौजिजाबाद नांगल गांव के रहने वाले परीक्षित पंवार उर्फ केतन के पिता पूर्व प्रधान सुक्रमपाल के नाम एक शस्त्र लाइसेंस था। उनके पास इंग्लैंड निर्मित पांच लाख रुपये की रिवाल्वर थी। सुक्रमपाल का 11 अगस्त 2019 को निधन हो गया था। परीक्षित ने 21 नवंबर 2019 को दोघट थाने में हेड मोहर्रिर मामचंद सागर के पास मालखाने में रिवाल्वर जमा करा दी थी। जमा करने की रसीद भी दी गई थी। परीक्षित ने बताया कि 18 मई 2022 को विरासत में शस्त्र लाइसेंस उसके नाम ट्रांसफर हो गया। जिसके बाद पूरे दस्तावेज लेकर वह रिवाल्वर लेने के लिए दोघट थाने में गया, लेकिन उसे रिवाल्वर नहीं दी गई।
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उसे बताया गया कि रिवाल्वर नहीं मिल रही है। आरोप लगाया कि हेड मोहर्रिर ने उसके साथ अभद्रता करते हुए गाली-गलौज भी की, लेकिन रिवाल्वर नहीं दी। लाइसेंसी रिवाल्वर गायब होने का मामला डीएम और एसपी तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया।
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10 बार जा चुका है थाने
परीक्षित ने बताया कि शस्त्र लाइसेंस ट्रांसफर होने के बाद वह दस से अधिक बार दोघट थाने में रिवाल्वर लेने के लिए जा चुका है, लेकिन रिवाल्वर नहीं दी गई। आरोप है कि मामला दबाने के लिए उसे धमकाया जा रहा है।
कोट...
अब से पहले ऐसी कोई शिकायत नहीं आई थी कि किसी का थाने के मालखाने में जमा असलाह नहीं मिल रहा है। अब मामला जानकारी में आया है और इसका पता कराया जा रहा है। मुंशी चाबी लेकर थाने से अनुपस्थित है। उसे बुलवाया गया है और रिवाल्वर नहीं मिलती है, तो रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। - नीरज कुमार जादौन, एसपी