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मतगणना केंद्र के बाहर पथराव करने में 459 रालोद कार्यकर्ताओं पर रिपोर्ट दर्ज
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बड़ौत विधानसभा की मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को किया था हंगामा
पुलिस के रोकने पर किया गया था पथराव और तोड़फोड़, नौ के नाम से की गई रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पथराव और तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने नौ नामजद और 450 अज्ञात रालोद कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर मारपीट, हत्या का प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, सरकारी कार्य में बाधा डाला सहित अन्य गंभीर धाराएं लगाई गई है। एसपी का कहना है कि वीडियो और फोटो के आधार पर बवाल करने वालों की पहचान की जा रही है।
बागपत कोतवाली प्रभारी तपेश्वर सागर की ओर से यह रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें उन्होंने बताया कि उनकी ड्यूटी दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर सेक्टर प्रभारी के रूप में लगी थी। उनके अलावा सीओ खेकड़ा, तीन थाना प्रभारियों व अन्य पुलिस कर्मी भी शांति व्यवस्था में लगे थे। करीब 400 रालोद कार्यकर्ता बैरियर को हटाकर मतगणना केंद्र की तरफ बढ़ने लगे। उन्हें समझाकर रोकने का प्रयास किया तो बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने लगे। रोका गया तो पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। इसके बाद बवालियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके बाद ही बवाली वहां से हटे। इस पथराव में खुद तपेश्वर सागर के साथ ही सीओ युवराज सिंह, इंस्पेक्टर दीक्षित त्यागी, कौशलेंद्र, देवेश शर्मा समेत 18 पुलिस कर्मी घायल हो गए।
पुलिस की ओर से इस मामले में योगेंद्र निवासी जौनमाना, बोबी लंगड़ा निवासी बावली, रामधन निवासी फखरपुर, अमित राठी निवासी टीकरी, बिजेंद्र नीर निवासी निरपुड़ा, भीम निवासी लुहारी, विशेष उर्फ रिंकू निवासी बसी, नसीब अंसारी निवासी अमीनगर सराय, राहुल ढाका निवासी खेकड़ा को नामजद करते हुए 450 अज्ञात के खिलाफ मारपीट, हत्या का प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, सरकारी कार्य में बाधा डाला आदि आरोपों में मुकदमा किया गया है। पुलिस ने वीडियो और फोटो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है।
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वीडियो और फोटो के आधार पर आरोपियों की पहचान कराई जा रही है। जिनके नाम सामने आते जाएंगे, उन्हें विवेचना में शामिल किया जाएगा। साथ ही गिरफ्तारी भी की जाएगी। - नीरज कुमार जादौन, एसपी
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पुलिस के रोकने पर किया गया था पथराव और तोड़फोड़, नौ के नाम से की गई रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर पथराव और तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने नौ नामजद और 450 अज्ञात रालोद कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर मारपीट, हत्या का प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, सरकारी कार्य में बाधा डाला सहित अन्य गंभीर धाराएं लगाई गई है। एसपी का कहना है कि वीडियो और फोटो के आधार पर बवाल करने वालों की पहचान की जा रही है।
बागपत कोतवाली प्रभारी तपेश्वर सागर की ओर से यह रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें उन्होंने बताया कि उनकी ड्यूटी दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर सेक्टर प्रभारी के रूप में लगी थी। उनके अलावा सीओ खेकड़ा, तीन थाना प्रभारियों व अन्य पुलिस कर्मी भी शांति व्यवस्था में लगे थे। करीब 400 रालोद कार्यकर्ता बैरियर को हटाकर मतगणना केंद्र की तरफ बढ़ने लगे। उन्हें समझाकर रोकने का प्रयास किया तो बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने लगे। रोका गया तो पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। इसके बाद बवालियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके बाद ही बवाली वहां से हटे। इस पथराव में खुद तपेश्वर सागर के साथ ही सीओ युवराज सिंह, इंस्पेक्टर दीक्षित त्यागी, कौशलेंद्र, देवेश शर्मा समेत 18 पुलिस कर्मी घायल हो गए।
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पुलिस की ओर से इस मामले में योगेंद्र निवासी जौनमाना, बोबी लंगड़ा निवासी बावली, रामधन निवासी फखरपुर, अमित राठी निवासी टीकरी, बिजेंद्र नीर निवासी निरपुड़ा, भीम निवासी लुहारी, विशेष उर्फ रिंकू निवासी बसी, नसीब अंसारी निवासी अमीनगर सराय, राहुल ढाका निवासी खेकड़ा को नामजद करते हुए 450 अज्ञात के खिलाफ मारपीट, हत्या का प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, सरकारी कार्य में बाधा डाला आदि आरोपों में मुकदमा किया गया है। पुलिस ने वीडियो और फोटो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है।
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वीडियो और फोटो के आधार पर आरोपियों की पहचान कराई जा रही है। जिनके नाम सामने आते जाएंगे, उन्हें विवेचना में शामिल किया जाएगा। साथ ही गिरफ्तारी भी की जाएगी। - नीरज कुमार जादौन, एसपी