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बारिश से गर्मी से मिली राहत, सब्जी की खेती करने वाले किसानों को नुकसान
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चांदीनगर (बागपत)। मंगलवार देर रात के बाद शुरू होकर बुधवार रात तक हुई बरसात से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं सब्जी की खेती कर रहे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में जलभराव होने से किसानों की सब्जी की खेती बर्बाद हो गई। कोरोना कर्फ्यू और अब बरसात से नुकसान होने के कारण सब्जी की खेती करने वाले किसान को काफी नुकसान होने की संभावना है। उधर कृषि वैज्ञानिकों ने बरसात को अन्य फसलों के लिए फायदेमंद बताया है।
दो दिन तक लगातार हुई बरसात के बाद खेतों में जलभराव हो गया है। जलभराव के कारण हरी सब्जी और टमाटर की फसल बर्बाद होने की संभावना बढ़ गई है। मौसम खराब होने से सब्जी के दामों में कमी आई है। रटौल के सब्जी किसान इसरार का कहना है कि फसल पर आए फूल और फल खराब हो गए है। खेतों में जलभराव होने के कारण छोटे-छोटे फल खराब होने की संभावना बढ़ गई है। गांव के ही नूर मोहम्मद का कहना है उसने दस बीघा लोकी की फसल बो रखी है। बरसात के बाद खेतों में जलभराव हो गया है। फसल के फूल टूट गए है और जलभराव के कारण फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है। गांव के ही किसान साबिर का कहना है कि उसने गांव में लोकी, तोरई, खीरा और मिर्च की फसल लगा रखी है। बारिश में जलभराव के कारण फसल पर आए छोटे-छोटे फल और फूल खराब हो गए है। जिससे फसल का उत्पादन घटने की संभावना है। उधर, कृषि वैज्ञानिक संदीप चौधरी का कहना है कि जिले में अधिकांश सब्जी की खेती ऊंचे स्थानों पर की जाती है। बरसात से उन्हीं खेतों में नुकसान होने की संभावना है, जहां जलभराव होने की संभावना है। जिले में बरसात से 20 फीसदी सब्जी का नुकसान होने की संभावना है। उनका कहना है कि बरसात के साथ तेज हवा होने पर आम बागानों में नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है। बरसात सभी फसलों के लिए फायदेमंद है। इस मौसम में बरसात होने से फसलों पर लगने वाले कीड़े नष्ट हो जाते है और पूरा पानी जमीन के अंदर जाता है।
गन्ने के लाल सड़न रोग से मिली राहत
बागपत। दो दिन में अच्छी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान सुभाष नैन का कहना है कि गन्ने की फसल में जो लाल सड़न रोग में अन्य बीमारी लग रही थी, उससे राहत मिली है। गन्ने की फसल के लिए यह बहुत ही लाभकारी बारिश है। लेकिन कुछ किसानों का गन्ना जो खेत में खड़ा है, उसकी कटाई अभी दो-तीन दिन नहीं होगी। जिन किसानों की सिंचाई नहीं की थी वह हरा चारा या ईख की फसल बो सकते हैं या अन्य फसल की बुआई भी कर सकते हैं।
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दो दिन तक लगातार हुई बरसात के बाद खेतों में जलभराव हो गया है। जलभराव के कारण हरी सब्जी और टमाटर की फसल बर्बाद होने की संभावना बढ़ गई है। मौसम खराब होने से सब्जी के दामों में कमी आई है। रटौल के सब्जी किसान इसरार का कहना है कि फसल पर आए फूल और फल खराब हो गए है। खेतों में जलभराव होने के कारण छोटे-छोटे फल खराब होने की संभावना बढ़ गई है। गांव के ही नूर मोहम्मद का कहना है उसने दस बीघा लोकी की फसल बो रखी है। बरसात के बाद खेतों में जलभराव हो गया है। फसल के फूल टूट गए है और जलभराव के कारण फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है। गांव के ही किसान साबिर का कहना है कि उसने गांव में लोकी, तोरई, खीरा और मिर्च की फसल लगा रखी है। बारिश में जलभराव के कारण फसल पर आए छोटे-छोटे फल और फूल खराब हो गए है। जिससे फसल का उत्पादन घटने की संभावना है। उधर, कृषि वैज्ञानिक संदीप चौधरी का कहना है कि जिले में अधिकांश सब्जी की खेती ऊंचे स्थानों पर की जाती है। बरसात से उन्हीं खेतों में नुकसान होने की संभावना है, जहां जलभराव होने की संभावना है। जिले में बरसात से 20 फीसदी सब्जी का नुकसान होने की संभावना है। उनका कहना है कि बरसात के साथ तेज हवा होने पर आम बागानों में नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है। बरसात सभी फसलों के लिए फायदेमंद है। इस मौसम में बरसात होने से फसलों पर लगने वाले कीड़े नष्ट हो जाते है और पूरा पानी जमीन के अंदर जाता है।
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गन्ने के लाल सड़न रोग से मिली राहत
बागपत। दो दिन में अच्छी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसान सुभाष नैन का कहना है कि गन्ने की फसल में जो लाल सड़न रोग में अन्य बीमारी लग रही थी, उससे राहत मिली है। गन्ने की फसल के लिए यह बहुत ही लाभकारी बारिश है। लेकिन कुछ किसानों का गन्ना जो खेत में खड़ा है, उसकी कटाई अभी दो-तीन दिन नहीं होगी। जिन किसानों की सिंचाई नहीं की थी वह हरा चारा या ईख की फसल बो सकते हैं या अन्य फसल की बुआई भी कर सकते हैं।
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