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नमूनों की जांच रिपोर्ट से राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:52 AM IST
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ग्लैंडर्स और बर्डफ्लू सर्विलांस योजना से पशु चिकित्सा विभाग घोड़े और पक्षियों की जांच करा रहा है। इसमें जिले में घोड़े और पक्षियों के 185 नमूने लिए जा चुके हैं। इन नमूनों को बरेली और हिसार लैब में भेजा। कुछ की रिपोर्ट आ गई हैं, इनमें अभी तक किसी भी रोग की पुष्टि नहीं है।
घोड़े की नस्ल के पशुओं में ग्लैंडर्स और पक्षियों में बर्डफ्लू रोग हो जाता है। इससे इन पशुओं की मौत तक हो जाती है। बर्डफ्लू से आम जन को भी नुकसान पहुंचता है। ग्लैंडर्स और बर्डफ्लू की जांच के लिए पशुपालन विभाग ने सर्विलांस योजना शुरू की है। इसमें घोड़े की नस्ल के सभी पशुओं में ग्लैंडर्स रोग की जांच के लिए नमूने लिए जा रहे हैं। नमूनों को हरियाणा राज्य के हिसार जनपद स्थित लैब में भेजा जा रहा है।
अभी तक जिले के विभिन्न गांवों से 81 नमूनों को भेजा है। कुछ नमूनों की जांच रिपोर्ट आ चुकी हैं, इनमें रोग की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह बर्डफ्लू के लिए मुर्गी फार्म और कबूतरों पालन करने वाले लोगों के यहां से 84 नमूने लिए हैं। इन्हें आईबीआरआई केटरेट लैब बरेली भेजा है। जांच रिपोर्ट के अनुसार बर्डफ्लू की पुष्टि भी नहीं हुई है।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया सर्विलांस योजना में ग्लैंडर्स और बर्डफ्लू के लिए घोड़े और पक्षियों के 184 नमूने जांच के लिए भेजे हैं। कुछ रिपोर्ट आ गई, इनमें किसी भी रोग की पुष्टि नहीं हुई। कहीं पर पुष्टि हुई तो तुरंत कर्रवाई की जाएगी।
ग्लैंडर्स से हो चुकी है घोड़ी की मौत
करीब एक वर्ष पूर्व खेकड़ा क्षेत्र के घिटौरा गांव में एक घोड़ी में ग्लैंडर्स की पुष्टि हुई थी। अन्य पशुओं में यह रोग न फैले, इसे देखकर उस घोड़ी को मारना पड़ा था। विभाग ने घोड़ी मालिक को 25 हजार का मुआवजा दिया था।
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घोड़े की नस्ल के पशुओं में ग्लैंडर्स और पक्षियों में बर्डफ्लू रोग हो जाता है। इससे इन पशुओं की मौत तक हो जाती है। बर्डफ्लू से आम जन को भी नुकसान पहुंचता है। ग्लैंडर्स और बर्डफ्लू की जांच के लिए पशुपालन विभाग ने सर्विलांस योजना शुरू की है। इसमें घोड़े की नस्ल के सभी पशुओं में ग्लैंडर्स रोग की जांच के लिए नमूने लिए जा रहे हैं। नमूनों को हरियाणा राज्य के हिसार जनपद स्थित लैब में भेजा जा रहा है।
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अभी तक जिले के विभिन्न गांवों से 81 नमूनों को भेजा है। कुछ नमूनों की जांच रिपोर्ट आ चुकी हैं, इनमें रोग की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह बर्डफ्लू के लिए मुर्गी फार्म और कबूतरों पालन करने वाले लोगों के यहां से 84 नमूने लिए हैं। इन्हें आईबीआरआई केटरेट लैब बरेली भेजा है। जांच रिपोर्ट के अनुसार बर्डफ्लू की पुष्टि भी नहीं हुई है।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल सिंह ने बताया सर्विलांस योजना में ग्लैंडर्स और बर्डफ्लू के लिए घोड़े और पक्षियों के 184 नमूने जांच के लिए भेजे हैं। कुछ रिपोर्ट आ गई, इनमें किसी भी रोग की पुष्टि नहीं हुई। कहीं पर पुष्टि हुई तो तुरंत कर्रवाई की जाएगी।
ग्लैंडर्स से हो चुकी है घोड़ी की मौत
करीब एक वर्ष पूर्व खेकड़ा क्षेत्र के घिटौरा गांव में एक घोड़ी में ग्लैंडर्स की पुष्टि हुई थी। अन्य पशुओं में यह रोग न फैले, इसे देखकर उस घोड़ी को मारना पड़ा था। विभाग ने घोड़ी मालिक को 25 हजार का मुआवजा दिया था।