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सांसद-विधायकों के प्रस्तावों पर जिपं सदस्यों का अनुमोदन से इनकार
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बागपत जिला पंचायत कार्यालय पर बोर्ड बैठक के दौरान अधिकारियों के सामने हंगामा करते जिंप सदस्य
- फोटो : BAGHPAT
- बोर्ड बैठक में सीडीओ के सामने ही विकास कार्यों में खूब घोटाले होने के लगाए आरोप, जिला पंचायत के कार्य बढ़ाए जाने की मांग
- जिला पंचायत का संशोधित बजट पेश किया, 2021-22 में आय 49.27 करोड़ के सापेक्ष व्यय 40.60 करोड़ होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला पंचायत कार्यालय में मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में सांसद और विधायकों के प्रस्तावों पर जिला पंचायत सदस्यों ने अनुमोदन करने से इंकार कर दिया। सांसद-विधायकों के जिला पंचायत के पदेन सदस्य होने के बावजूद प्रस्ताव पर अनुमोदन न करने पर हंगामा भी हुआ। पंचायत सदस्यों ने सीडीओ के सामने ही विकास कार्यों में खूब घोटाले होने के आरोप लगाए। साथ ही जिला पंचायत के कार्य बढ़ाए जाने का मुद्दा रखा गया। हंगामे के बीच बैठक में संशोधित बजट पेश किया गया। वर्ष 2021-22 में आय करीब 49.27 करोड़ और व्यय करीब 40.60 करोड़ होगा।
जिला पंचायत कार्यालय सभागार में अध्यक्ष ममता किशोर की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक शुरू हुई, जिसमें सीडीओ रणजीत सिंह, एएमए नईम अख्तर समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। एएमए नईम अख्तर ने बताया कि पिछली बार जारी किए गए बजट को संशोधित किया गया है। इसमें वर्ष 2021-22 में आय करीब 49.27 करोड़ और व्यय करीब 40.60 करोड़ होगा। वर्ष 2022-23 का प्रस्तावित बजट आय 35.84 करोड़ और व्यय 27.20 करोड़ रुपये होगा। उन्होंने जिला पंचायत सदस्यों से 2022-23 के लिए जिला पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए प्रस्ताव मांगे। इसके बाद पुराने विकास कार्यों पर बजट खर्च करने की बात उठी तो जिला पंचायत सदस्यों ने आपत्ति जताई। अधिकारियों ने बताया कि जितने कार्य की पहले मंजूरी होकर टेंडर हो चुके है, वह जरूर कराए जाएंगे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की दो सड़कों के प्रस्ताव पर मुहर लगाने के लिए सदस्यों से कहा गया तो उन्होंने प्रस्ताव के बारे में जानकारी मांगी। पता चला कि पहले ही काफी सड़कों के प्रस्ताव सांसद और विधायक भेज चुके है। इस पर जिला पंचायत सदस्यों ने हंगामा कर दिया। कहा कि उनके प्रस्ताव का यहां अनुमोदन किस लिए कराया जा रहा है। सांसद और विधायकों के प्रस्ताव पर जिला पंचायत सदस्य अनुमोदन नहीं करेंगे, जिससे उनको रोक दिया गया।
इसी तरह बामनौली में एक रास्ते के निर्माण का प्रस्ताव विधायक ने दिया हुआ है, उसके भी अनुमोदन से जिला पंचायत सदस्यों ने साफ इंकार कर दिया। इसके अलावा 294 लाख के मनरेगा के श्रम बजट पर भी सदस्यों ने अनुमोदन देने से इंकार कर दिया। आरोप लगाया कि विकास कार्यों में खूब घपले किए जा रहे है और उनके बताए हुए कार्य नहीं हो रहे है। इस पर सीडीओ रणजीत सिंह ने प्रस्तावों पर जल्द ही कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया। बड़ौत में दुकान बनाने, हाईवे किनारे कैफेटेरिया बनाने को मंजूरी दी गई तो लुहारी के छह ग्राम पंचायत सदस्यों का इस्तीफा मंजूर किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य मनुपाल बंसल, धनपाल उज्ज्वल, रहीसुद्दीन, बबलू, जय कुमार, महबूब अलवी, बबली देवी, रीता मलिक के अलावा जिला पंचायत सदस्य प्रविंद्र के प्रतिनिधि शौकेंद्र तोमर, गीता के प्रतिनिधि संजय, साक्षी के प्रतिनिधि विनय, सीमा के प्रतिनिधि राजेंद्र चौधरी, शाहिदा के प्रतिनिधि फखरूद्दीन मौजूद रहे।
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ग्रामीण क्षेत्र की छोटी दुकानों का टैक्स खत्म होगा, नोटिस नहीं जाएंगे
ग्रामीण क्षेत्र में छोटी दुकानों पर अभी तक टैक्स लगाया जाता है। जिला पंचायत से भी नोटिस भी भेज दिए गए। इसका सभी सदस्यों ने विरोध जताया। जिला पंचायत सदस्य प्रविंद्र के प्रतिनिधि शौकेंद्र तोमर ने कहा कि गांवों में दुकानों से कोई टैक्स नहीं लिया जाएं और नोटिस भी नहीं भेजा जाए। इसके लिए अधिकारियों ने आश्वासन दिया। इसके अलावा कहा गया कि डेंगू का कहर चल रहा है और फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। जिला पंचायत सदस्य को जिम्मेदारी और फंड दिया जाएं तो सभी जगह फॉगिंग करा सकते है।
13 करोड़ रुपये में 2.5 करोड़ वेतन तो अन्य विकास पर खर्च होंगे
एएमए नईम अख्तर ने बताया कि जिला पंचायत को इस साल 13 करोड़ 39 लाख रुपये मिलेंगे। इनमें से 2.5 करोड़ वेतन पर खर्च हो जाएंगे तो अन्य करीब 10 करोड़ 89 लाख रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। इन रुपयों को सभी को बराबर बांटा जाएगा।
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- जिला पंचायत का संशोधित बजट पेश किया, 2021-22 में आय 49.27 करोड़ के सापेक्ष व्यय 40.60 करोड़ होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला पंचायत कार्यालय में मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में सांसद और विधायकों के प्रस्तावों पर जिला पंचायत सदस्यों ने अनुमोदन करने से इंकार कर दिया। सांसद-विधायकों के जिला पंचायत के पदेन सदस्य होने के बावजूद प्रस्ताव पर अनुमोदन न करने पर हंगामा भी हुआ। पंचायत सदस्यों ने सीडीओ के सामने ही विकास कार्यों में खूब घोटाले होने के आरोप लगाए। साथ ही जिला पंचायत के कार्य बढ़ाए जाने का मुद्दा रखा गया। हंगामे के बीच बैठक में संशोधित बजट पेश किया गया। वर्ष 2021-22 में आय करीब 49.27 करोड़ और व्यय करीब 40.60 करोड़ होगा।
जिला पंचायत कार्यालय सभागार में अध्यक्ष ममता किशोर की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक शुरू हुई, जिसमें सीडीओ रणजीत सिंह, एएमए नईम अख्तर समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। एएमए नईम अख्तर ने बताया कि पिछली बार जारी किए गए बजट को संशोधित किया गया है। इसमें वर्ष 2021-22 में आय करीब 49.27 करोड़ और व्यय करीब 40.60 करोड़ होगा। वर्ष 2022-23 का प्रस्तावित बजट आय 35.84 करोड़ और व्यय 27.20 करोड़ रुपये होगा। उन्होंने जिला पंचायत सदस्यों से 2022-23 के लिए जिला पंचायत विकास योजना तैयार करने के लिए प्रस्ताव मांगे। इसके बाद पुराने विकास कार्यों पर बजट खर्च करने की बात उठी तो जिला पंचायत सदस्यों ने आपत्ति जताई। अधिकारियों ने बताया कि जितने कार्य की पहले मंजूरी होकर टेंडर हो चुके है, वह जरूर कराए जाएंगे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की दो सड़कों के प्रस्ताव पर मुहर लगाने के लिए सदस्यों से कहा गया तो उन्होंने प्रस्ताव के बारे में जानकारी मांगी। पता चला कि पहले ही काफी सड़कों के प्रस्ताव सांसद और विधायक भेज चुके है। इस पर जिला पंचायत सदस्यों ने हंगामा कर दिया। कहा कि उनके प्रस्ताव का यहां अनुमोदन किस लिए कराया जा रहा है। सांसद और विधायकों के प्रस्ताव पर जिला पंचायत सदस्य अनुमोदन नहीं करेंगे, जिससे उनको रोक दिया गया।
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इसी तरह बामनौली में एक रास्ते के निर्माण का प्रस्ताव विधायक ने दिया हुआ है, उसके भी अनुमोदन से जिला पंचायत सदस्यों ने साफ इंकार कर दिया। इसके अलावा 294 लाख के मनरेगा के श्रम बजट पर भी सदस्यों ने अनुमोदन देने से इंकार कर दिया। आरोप लगाया कि विकास कार्यों में खूब घपले किए जा रहे है और उनके बताए हुए कार्य नहीं हो रहे है। इस पर सीडीओ रणजीत सिंह ने प्रस्तावों पर जल्द ही कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया। बड़ौत में दुकान बनाने, हाईवे किनारे कैफेटेरिया बनाने को मंजूरी दी गई तो लुहारी के छह ग्राम पंचायत सदस्यों का इस्तीफा मंजूर किया गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य मनुपाल बंसल, धनपाल उज्ज्वल, रहीसुद्दीन, बबलू, जय कुमार, महबूब अलवी, बबली देवी, रीता मलिक के अलावा जिला पंचायत सदस्य प्रविंद्र के प्रतिनिधि शौकेंद्र तोमर, गीता के प्रतिनिधि संजय, साक्षी के प्रतिनिधि विनय, सीमा के प्रतिनिधि राजेंद्र चौधरी, शाहिदा के प्रतिनिधि फखरूद्दीन मौजूद रहे।
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ग्रामीण क्षेत्र की छोटी दुकानों का टैक्स खत्म होगा, नोटिस नहीं जाएंगे
ग्रामीण क्षेत्र में छोटी दुकानों पर अभी तक टैक्स लगाया जाता है। जिला पंचायत से भी नोटिस भी भेज दिए गए। इसका सभी सदस्यों ने विरोध जताया। जिला पंचायत सदस्य प्रविंद्र के प्रतिनिधि शौकेंद्र तोमर ने कहा कि गांवों में दुकानों से कोई टैक्स नहीं लिया जाएं और नोटिस भी नहीं भेजा जाए। इसके लिए अधिकारियों ने आश्वासन दिया। इसके अलावा कहा गया कि डेंगू का कहर चल रहा है और फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। जिला पंचायत सदस्य को जिम्मेदारी और फंड दिया जाएं तो सभी जगह फॉगिंग करा सकते है।
13 करोड़ रुपये में 2.5 करोड़ वेतन तो अन्य विकास पर खर्च होंगे
एएमए नईम अख्तर ने बताया कि जिला पंचायत को इस साल 13 करोड़ 39 लाख रुपये मिलेंगे। इनमें से 2.5 करोड़ वेतन पर खर्च हो जाएंगे तो अन्य करीब 10 करोड़ 89 लाख रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए जाएंगे। इन रुपयों को सभी को बराबर बांटा जाएगा।