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Baghpat News: कटान से चौसाना क्षेत्र के किसानों की फसलें बर्बाद
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झिंझाना। क्षेत्र के किसानों के लिए यमुना में लगातार हो रहे कटान ने बड़ी आपदा पैदा कर दी है। पहले बढ़ते जलस्तर से कई फसलें डूब गईं और अब घटते जलस्तर के साथ जो बची हुई फसल थी, वह रेत में दबकर नष्ट हो रही हैं।
लक्ष्मीपुरा, भड़ी, मुस्तफाबाद, सालहापुर, मंगलौरा और नाई नगला सहित सैकड़ों बीघा उड़द और गन्ने की फसलें कटान और रेत में दबने से बर्बाद हो चुकी हैं। भड़ी निवासी इमरान, सोमीन व मनोज ने बताया कि उनके 30 बीघा गन्ना खेत की फसल पहले डूबी थी। अब रेत में दबकर पूरी तरह नष्ट हो गई है। कुल नुकसान करोड़ों रुपये बताया जा रहा है। किसान ओमपाल मंगलोरा, महिपाल, धीरज कादियान, सुखपाल और रविन्द्र, भड़ी निवासी नाजिम,इस्पाक,इलयास,समेत अन्य स्थानीय किसान प्रशासन से राहत और मुआवजा देने की मांग की है।
पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण हथिनी कुंड बैराज से यमुना में ज्याद पानी छोड़ा गया था।
क्षेत्र में सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हुई थी। चार दिन बाद जलस्तर घटने लगा, लेकिन कटान से किसानों की मुश्किलें अब भी बढ़ रही है।
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लक्ष्मीपुरा, भड़ी, मुस्तफाबाद, सालहापुर, मंगलौरा और नाई नगला सहित सैकड़ों बीघा उड़द और गन्ने की फसलें कटान और रेत में दबने से बर्बाद हो चुकी हैं। भड़ी निवासी इमरान, सोमीन व मनोज ने बताया कि उनके 30 बीघा गन्ना खेत की फसल पहले डूबी थी। अब रेत में दबकर पूरी तरह नष्ट हो गई है। कुल नुकसान करोड़ों रुपये बताया जा रहा है। किसान ओमपाल मंगलोरा, महिपाल, धीरज कादियान, सुखपाल और रविन्द्र, भड़ी निवासी नाजिम,इस्पाक,इलयास,समेत अन्य स्थानीय किसान प्रशासन से राहत और मुआवजा देने की मांग की है।
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पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण हथिनी कुंड बैराज से यमुना में ज्याद पानी छोड़ा गया था।
क्षेत्र में सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हुई थी। चार दिन बाद जलस्तर घटने लगा, लेकिन कटान से किसानों की मुश्किलें अब भी बढ़ रही है।