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Baghpat News: बारिश से रेलवे अंडरपास डूबे, 30 से अधिक गांवों का टूटा सम्पर्क
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-रविवार तड़के हुई बारिश से खड़ी हुई समस्या, लोग परेशान
फोटो संख्या 3
बड़ौत, खेकड़ा। रेलेव प्रशासन द्वारा बड़का, लहौड्डा, असारा, जिवाना हाल्ट के पास बनाए गए अंडरपास परेशानी का सबब बन गए हैं। बारिश के दिनों में अंडरपास में तीन से चार फीट पानी भर जाने से लोगों का आवागमन बंद हो जाती है। रविवार तड़के आई बरसात से अंडरपास जलमग्न हो गए, जिससे क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों का संपर्क एक-दूसरे से टूट गया।
रविवार तड़के से हो रही बारिश से ये अंडरपास फिर से तरणताल बन गए। रेलवे अंडरपास में कई-कई फीट तक पानी भरा हुआ है। उधर, बारिश जारी रहने से जलभराव का स्तर भी बढ़ता जा रहा है। पैदल राहगीर तो किसी भी तरह इन्हें पर नहीं कर सकता, उल्टा वाहन भी इनमें फंसकर खड़े हो रहे हैं। वहीं पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं हो सका है, जिस कारण बड़का, हिलवाड़ी, बाम, औसिक्का, इदरीशपुर, जिवाना, असारा, थल, मौजिजाबाद नांगल सहित इन अंडरपास से जुड़े तकरीबन 30 से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया। वहीं कई वाहन इनमे फंस गए, जिन्हें ट्रैक्टर की मदद से बमुश्किल निकाला जा सका। इसके अलावा खेकड़ा में फखरपुर और बसी अंडरपास में कई फीट तक जलभराव हो गया है। लोगों को परेशानी उठाकर पानी के बीच से आना जाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बारिश थमने के बाद भी इनमें तीन-चार दिनों तक पानी भरा रहता है। रेलवे द्वारा बनाये गए ये अंडरपास सुविधा देने के बजाय परेशानी का सबब बन गए हैं। बता दें बड़का रेलवे अंडरपास में पिछले साल जलभराव में एक व्यक्ति की डूबकर मौत भी हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी रेलवे प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीण लगातार रेलवे अंडरपास के पानी निकासी की मांग कर रहे हैं।
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फोटो संख्या 3
बड़ौत, खेकड़ा। रेलेव प्रशासन द्वारा बड़का, लहौड्डा, असारा, जिवाना हाल्ट के पास बनाए गए अंडरपास परेशानी का सबब बन गए हैं। बारिश के दिनों में अंडरपास में तीन से चार फीट पानी भर जाने से लोगों का आवागमन बंद हो जाती है। रविवार तड़के आई बरसात से अंडरपास जलमग्न हो गए, जिससे क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों का संपर्क एक-दूसरे से टूट गया।
रविवार तड़के से हो रही बारिश से ये अंडरपास फिर से तरणताल बन गए। रेलवे अंडरपास में कई-कई फीट तक पानी भरा हुआ है। उधर, बारिश जारी रहने से जलभराव का स्तर भी बढ़ता जा रहा है। पैदल राहगीर तो किसी भी तरह इन्हें पर नहीं कर सकता, उल्टा वाहन भी इनमें फंसकर खड़े हो रहे हैं। वहीं पानी की निकासी का कोई प्रबंध नहीं हो सका है, जिस कारण बड़का, हिलवाड़ी, बाम, औसिक्का, इदरीशपुर, जिवाना, असारा, थल, मौजिजाबाद नांगल सहित इन अंडरपास से जुड़े तकरीबन 30 से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया। वहीं कई वाहन इनमे फंस गए, जिन्हें ट्रैक्टर की मदद से बमुश्किल निकाला जा सका। इसके अलावा खेकड़ा में फखरपुर और बसी अंडरपास में कई फीट तक जलभराव हो गया है। लोगों को परेशानी उठाकर पानी के बीच से आना जाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि बारिश थमने के बाद भी इनमें तीन-चार दिनों तक पानी भरा रहता है। रेलवे द्वारा बनाये गए ये अंडरपास सुविधा देने के बजाय परेशानी का सबब बन गए हैं। बता दें बड़का रेलवे अंडरपास में पिछले साल जलभराव में एक व्यक्ति की डूबकर मौत भी हो गई थी, लेकिन इसके बाद भी रेलवे प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीण लगातार रेलवे अंडरपास के पानी निकासी की मांग कर रहे हैं।
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