{"_id":"37644a13905a176c220a71b68a2fdee0","slug":"protest-for-bijli-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली की अंधेरगर्दी पर गुस्सा फूटा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली की अंधेरगर्दी पर गुस्सा फूटा
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Thu, 17 Sep 2015 01:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागपत में बिजली के लिए जिलेभर में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। शहर से लेकर देहात तक बिजली की अंधाधुंध कटौती के कारण हाहाकार मच गया। पूरे जिले में लोगों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी का इजहार किया। बड़ौत विधायक और अधिशासी अभियंता में तीखी झड़प हो गई। दोघट में बिजली नहीं आने से आक्रोशित लोगों ने खंभे तोड़ डाले। किसान दिवस में भी बिजली का मुद्दा ही छाया रहा।
जिले में बिजली की अंधाधुंध कटौती से लोगों का धैर्य जवाब दे गया। बुधवार को पूरे जिलेभर के लोग सड़कों पर उतर पड़े। निरपुड़ा में लोगों ने बिजली के लिए धरना प्रदर्शन किया।
दोघट में बिजली नहीं आने से खफा लोगों ने खंभे ही तोड़ डाले। किसान दिवस में भी लोगों ने बिजली का मुद्दा उठाते हुए आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की।
अग्रवाल मंडी टटीरी के लोग विकास भवन पहुंचे और वहां हंगामा किया, जहां अधिकारियों ने महिलाओं को यह कहकर लौटा दिया कि शाम तक बिजली आ जाएगी।
बिजली आपूर्ति शाम तक सुचारु नहीं होने पर लोग विधायक लोकेश दीक्षित के नेतृत्व में अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों का घेराव किया।
लोगों ने कार्यालय की बिजली काट दी और दफ्तर पर ताला जड़ दिया। विधायक लोकेश दीक्षित और अधिशासी अभियंता देशराज सिंह सोनी के बीच नोकझोंक हुई। प्रदर्शनकारियों ने आपूर्ति शीघ्र सुचारु नहीं होने पर बृहस्पतिवार से ऊर्जा निगम के दफ्तरों पर तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
विज्ञापन
इसके बाद बागपत के लोगों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। लोगों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर बागपत की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।
अधिशासी अभियंता देशराज सिंह सोनी का कहना है कि अग्रवाल मंडी टटीरी में ट्रांसफार्मर खराब हो गया है। शाम तक आने की उम्मीद थी, लेकिन नहीं आ सका।
20 घंटे बिजली गुल
बागपत। जिले में 20 घंटे की बिजली कटौती से लोगों का हाल बेहाल हो गया। सुबह से 15 घंटे में सिर्फ एक घंटा आपूर्ति हो सकी। मोबाइल तक की चार्जिंग के लिए लोगों को भटकना पड़ा।
शहर में पानी की सप्लाई भी नहीं हुई। शहर में बिजली की कटौती मंगलवार की रात आठ बजे ही कर दी गई। रात दो बजे बिजली की सप्लाई की गई, लेकिन पौने पांच बजे ही कटौती कर दी गई।
सुबह से ठप हुई सप्लाई लगभग 12.20 पर सुचारु की गई, लेकिन 1.30 बजे फिर सप्लाई काट दी गई। इसके बाद रात आठ बजे तक सप्लाई नहीं मिल सकी। पिछले 15 घंटे में मात्र एक घंटे ही सप्लाई मिल सकी, जबकि 24 घंटे में 20 घंटे की कटौती हो गई।
उधर, शहर में पानी की सप्लाई नहीं की गई। जिससे लोगों को पानी के लिए भी भटकना पड़ गया। लोग हैंडपंपों पर सुबह से शाम जूझते रहे।
मुझे नहीं मालूम बिजली क्यों नहीं आ रही
बिजली कटौती के बारे में ऊर्जा निगम के अधिकारी ही जवाब देने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। अधिशासी अभियंता देशराज सिंह सोनी ने तो बिजली कटौती के कारण के बारे में जानकारी होने से ही इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें नहीं मालूम कि बिजली क्यों नहीं आ रही है। उन्हें बस इतना पता है कि मुरादनगर से काटी गई है बिजली। लेकिन क्यों काटी है, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
जिले में बिजली की अंधाधुंध कटौती से लोगों का धैर्य जवाब दे गया। बुधवार को पूरे जिलेभर के लोग सड़कों पर उतर पड़े। निरपुड़ा में लोगों ने बिजली के लिए धरना प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
दोघट में बिजली नहीं आने से खफा लोगों ने खंभे ही तोड़ डाले। किसान दिवस में भी लोगों ने बिजली का मुद्दा उठाते हुए आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की।
अग्रवाल मंडी टटीरी के लोग विकास भवन पहुंचे और वहां हंगामा किया, जहां अधिकारियों ने महिलाओं को यह कहकर लौटा दिया कि शाम तक बिजली आ जाएगी।
बिजली आपूर्ति शाम तक सुचारु नहीं होने पर लोग विधायक लोकेश दीक्षित के नेतृत्व में अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों का घेराव किया।
लोगों ने कार्यालय की बिजली काट दी और दफ्तर पर ताला जड़ दिया। विधायक लोकेश दीक्षित और अधिशासी अभियंता देशराज सिंह सोनी के बीच नोकझोंक हुई। प्रदर्शनकारियों ने आपूर्ति शीघ्र सुचारु नहीं होने पर बृहस्पतिवार से ऊर्जा निगम के दफ्तरों पर तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी।
विज्ञापन
इसके बाद बागपत के लोगों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। लोगों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर बागपत की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।
अधिशासी अभियंता देशराज सिंह सोनी का कहना है कि अग्रवाल मंडी टटीरी में ट्रांसफार्मर खराब हो गया है। शाम तक आने की उम्मीद थी, लेकिन नहीं आ सका।
20 घंटे बिजली गुल
बागपत। जिले में 20 घंटे की बिजली कटौती से लोगों का हाल बेहाल हो गया। सुबह से 15 घंटे में सिर्फ एक घंटा आपूर्ति हो सकी। मोबाइल तक की चार्जिंग के लिए लोगों को भटकना पड़ा।
शहर में पानी की सप्लाई भी नहीं हुई। शहर में बिजली की कटौती मंगलवार की रात आठ बजे ही कर दी गई। रात दो बजे बिजली की सप्लाई की गई, लेकिन पौने पांच बजे ही कटौती कर दी गई।
सुबह से ठप हुई सप्लाई लगभग 12.20 पर सुचारु की गई, लेकिन 1.30 बजे फिर सप्लाई काट दी गई। इसके बाद रात आठ बजे तक सप्लाई नहीं मिल सकी। पिछले 15 घंटे में मात्र एक घंटे ही सप्लाई मिल सकी, जबकि 24 घंटे में 20 घंटे की कटौती हो गई।
उधर, शहर में पानी की सप्लाई नहीं की गई। जिससे लोगों को पानी के लिए भी भटकना पड़ गया। लोग हैंडपंपों पर सुबह से शाम जूझते रहे।
मुझे नहीं मालूम बिजली क्यों नहीं आ रही
बिजली कटौती के बारे में ऊर्जा निगम के अधिकारी ही जवाब देने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। अधिशासी अभियंता देशराज सिंह सोनी ने तो बिजली कटौती के कारण के बारे में जानकारी होने से ही इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें नहीं मालूम कि बिजली क्यों नहीं आ रही है। उन्हें बस इतना पता है कि मुरादनगर से काटी गई है बिजली। लेकिन क्यों काटी है, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।