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कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने को तैयारी तेज
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बागपत। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला अस्पताल में 40 बेड का पीसीआईयू बनकर तैयार है। ऑक्सीजन प्लांट भी तैयार हो गया है। अब पीआईसीयू तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इस माह के अंत तक इसके पूरे होने की उम्मीद है।
इसके अतिरिक्त खेकड़ा और सरूरपुर सीएचसी में भी ऑक्सीजन प्लांट का कार्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि विभाग को जीवनरक्षक उपकरण और चिकित्सकों की कमी से जूझना पड़ सकता है। जिले में करीब 10 साल तक के बच्चों की संख्या करीब 4 लाख है। इसके सापेक्ष जिले में महज चार सरकारी बाल रोग विशेषज्ञ हैं। इसलिए निजी चिकित्सकों को भी बीते दिनों प्रशिक्षण दिया गया। अभी पीसीआईयू में महज 10 पीडियाट्रिक वेंटिलेटर की व्यवस्था है। शासन से और वेंटिलेटरों की मांग की गई है।
50 बेड से ऊपर ऑक्सीजन की व्यवस्था
जिले में 72 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें से छह अस्पताल में ही 50 से अधिक बेड की व्यवस्था है। अन्य अस्पतालों में 50 से कम बेड हैं। ऐसे अस्पतालों में एक बेड पर डी टाइप का सिलिंडर और दो बेड पर एक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था कराई जाएगी।
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पीसीआईयू में ये पड़ेगी जरूरत
40 पीडियाट्रिक वेंटिलेटर
25 बाल रोग विशेषज्ञ
35 स्टाफ नर्स
50 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तेजी से तैयारी कर रहा है। जुलाई के अंत तक सभी तैयारी पूरी होने की उम्मीद है। शासन से जीवनरक्षक उपकरणों की मांग की गई है। जल्द ही उनके मिलने की उम्मीद है।-राज सिंह, बाल रोग अधिकारी
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इसके अतिरिक्त खेकड़ा और सरूरपुर सीएचसी में भी ऑक्सीजन प्लांट का कार्य जल्द पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि विभाग को जीवनरक्षक उपकरण और चिकित्सकों की कमी से जूझना पड़ सकता है। जिले में करीब 10 साल तक के बच्चों की संख्या करीब 4 लाख है। इसके सापेक्ष जिले में महज चार सरकारी बाल रोग विशेषज्ञ हैं। इसलिए निजी चिकित्सकों को भी बीते दिनों प्रशिक्षण दिया गया। अभी पीसीआईयू में महज 10 पीडियाट्रिक वेंटिलेटर की व्यवस्था है। शासन से और वेंटिलेटरों की मांग की गई है।
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50 बेड से ऊपर ऑक्सीजन की व्यवस्था
जिले में 72 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें से छह अस्पताल में ही 50 से अधिक बेड की व्यवस्था है। अन्य अस्पतालों में 50 से कम बेड हैं। ऐसे अस्पतालों में एक बेड पर डी टाइप का सिलिंडर और दो बेड पर एक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था कराई जाएगी।
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पीसीआईयू में ये पड़ेगी जरूरत
40 पीडियाट्रिक वेंटिलेटर
25 बाल रोग विशेषज्ञ
35 स्टाफ नर्स
50 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तेजी से तैयारी कर रहा है। जुलाई के अंत तक सभी तैयारी पूरी होने की उम्मीद है। शासन से जीवनरक्षक उपकरणों की मांग की गई है। जल्द ही उनके मिलने की उम्मीद है।-राज सिंह, बाल रोग अधिकारी