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Baghpat News: मौसम में बदलाव से आलू में लगता है झुलसा रोग
Fri, 24 Jan 2025 12:27 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Fri, 24 Jan 2025 12:27 AM IST
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लहचौड़ा में खराब हुई आलू की फसल देखते कृषि वैज्ञानिक अनिल कुमार । संवाद
- फोटो : किसानों से बात करते अधिकारी।
बागपत, रटौल। रटौल, लहचौड़ा, गौना क्षेत्र में आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की जानकारी मिलने के बाद कृषि वैज्ञानिक क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव के कारण फसल में झुलसा रोग लगता है। इसलिए किसान कीटनाशक दवाई का अधिक छिड़काव करें।
खेकड़ा से कृषि वैज्ञानिक अनिल चौधरी व उद्यान विभाग से सतवीर सिंह ने रटौल, लहचौड़ा व गौना गांव के आलू के खेतों में जाकर किसानों की आलू की फसल में लगा झुलसा रोग की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को झुलसा रोग के बचाव के लिए कीटनाशक दवाई का सप्रे करने की सलाह दी। लहचौड़ा गांव में राजकुमार शर्मा के आलू की फसल में लगा झुलसा रोग देखने पहुंचे और किसान की झुलसा रोग से खत्म हुई आलू की फसल को देखा।
उन्होंने बताया की मौसम में बदलाव कभी गर्मी कभी सर्दी और कभी बरसात के चलते वातावरण में बदलाव होता है। इससे झुलसा रोग लग जाता है। उन्होंने बताया की झुलसा रोग लगने से पहले सल्फर रसायन का स्प्रे करें तो झुलसा रोग नहीं आता है। झुलसा रोग आने पर एन्ट्राकोल, एम 45, कार्बन डिजम को दो ग्राम एक लीटर पानी में मिलाकर एक माह में तीन से चार बार स्प्रे करना चाहिए। इससे झुलसा रोग खत्म हो जाता है। कृषि वैज्ञानिक अनिल चौधरी ने किसानों को बताया कि खेकड़ा में कृषि इकाई पर विभिन्न प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं, जिसे किसान खरीदकर लाभ उठा सकते हैं।
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खेकड़ा से कृषि वैज्ञानिक अनिल चौधरी व उद्यान विभाग से सतवीर सिंह ने रटौल, लहचौड़ा व गौना गांव के आलू के खेतों में जाकर किसानों की आलू की फसल में लगा झुलसा रोग की जानकारी ली। उन्होंने किसानों को झुलसा रोग के बचाव के लिए कीटनाशक दवाई का सप्रे करने की सलाह दी। लहचौड़ा गांव में राजकुमार शर्मा के आलू की फसल में लगा झुलसा रोग देखने पहुंचे और किसान की झुलसा रोग से खत्म हुई आलू की फसल को देखा।
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उन्होंने बताया की मौसम में बदलाव कभी गर्मी कभी सर्दी और कभी बरसात के चलते वातावरण में बदलाव होता है। इससे झुलसा रोग लग जाता है। उन्होंने बताया की झुलसा रोग लगने से पहले सल्फर रसायन का स्प्रे करें तो झुलसा रोग नहीं आता है। झुलसा रोग आने पर एन्ट्राकोल, एम 45, कार्बन डिजम को दो ग्राम एक लीटर पानी में मिलाकर एक माह में तीन से चार बार स्प्रे करना चाहिए। इससे झुलसा रोग खत्म हो जाता है। कृषि वैज्ञानिक अनिल चौधरी ने किसानों को बताया कि खेकड़ा में कृषि इकाई पर विभिन्न प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं, जिसे किसान खरीदकर लाभ उठा सकते हैं।
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