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हिंदुओं का हुआ लाक्षागृह: एक-दूसरे को मिठाई बांट मनाया जश्न, टीले पर पुलिस बल किया गया तैनात

Mon, 05 Feb 2024 09:49 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Mon, 05 Feb 2024 09:49 PM IST
सार

Baghpat News : अदालत ने वहां महाभारत कालीन लाक्षागृह और शिव मंदिर मानते हुए जमीन पर हिंदुओं को मालिकाना हक दिया है।

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Police deployed on mound, Barnawa Lakshagriha became site of Hindus, people celebrated by distributing sweets
प्राचीन टीले पर फोर्स तैनात। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बागपत में बरनावा में लाक्षागृह पर न्यायालय का आदेश आते ही पुलिस अलर्ट हो गई। जिसके बाद कचहरी परिसर से लेकर लाक्षागृह पर पुलिस तैनात की गई। उधर, पुलिस अधिकारियों ने भी लाक्षागृह पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया।

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टीला लाक्षागृह को शेख बदरुद्दीन की दरगाह और कब्रिस्तान बताने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिका सोमवार को न्यायालय में खारिज कर दी गई। जिसके बाद पुलिस ने पूरी सतर्कता दिखाई और कई थानों की पुलिस लाक्षागृह पहुंच गई। जिसके बाद शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए सीओ हरीश भदौरिया ने पुलिस बल के साथ मिलकर फ्लैग मार्च किया। इसके अलावा न्यायालय पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई और वहां पुलिस बल मौजूद रहा।

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आचार्यों व ब्रह्मचारियों ने बांटी मिठाई
बरनावा के ऐतिहासिक टीला लाक्षागृह पर न्यायालय का फैसला आने के बाद संस्कृत महाविद्यालय के आचार्यों और ब्रह्मचारियों ने खुशी का इजहार किया। उन्होंने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न भी मनाया।

हिंदू पक्ष ने जताई खुशी, मुस्लिम पक्ष करेगा अपील
लाक्षागृह के मुकदमे में न्यायालय का फैसला अपने पक्ष में आने पर हिंदू पक्ष ने खुशी जताई है। उन्होंने इसको हिंदुओं की आस्था की जीत बताया है। वहीं, मुस्लिम पक्ष ने जिला न्यायालय में अपील करने की बात कही है। जिसके लिए वह जल्द ही अधिवक्ता के माध्यम से प्रक्रिया शुरू करेंगे।

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श्री गांधी धाम समिति संस्कृत महाविद्यालय गुरुकुल लाक्षागृह के अध्यक्ष यशोधर्मा सोलंकी ने कहा कि 54 वर्षों से चल रहे विवाद का आज निपटारा हुआ। यह खुशी की बात है। न्यायालय ने बिल्कुल सही फैसला सुनाया है।

प्रधानाचार्य अरविंद कुमार शास्त्री ने कहा कि कौरव और पांडवों में धर्म की लड़ाई थी। यह वही लाक्षागृह है, जहां पांडवों को जलाकर मारने का प्रयास किया गया था। न्यायालय के फैसले से आज सत्य की जीत हुई है।

बरनावा के गुरुकुल लाक्षागृह में काम करने वाले पैरोकार विजयपाल कश्यप ही न्यायालय में फैसले के दौरान मौजूद थे। उन्होंने फैसला आते ही खुशी जताई और सभी को फोन करके फैसले के बारे में बताया। उनका कहना है कि न्यायालय ने सत्य को देखते हुए फैसला सुनाया है।

बरनावा के ग्राम प्रधान फिरोज खान ने कहा कि न्यायालय के फैसले का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से शांति व्यवस्था, भाईचारा व सौहार्द कायम रखने की अपील की। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन का सहयोग करने के लिए सभी से कहा है।

हम जिला न्यायालय में अपील करेंगे
बरनावा के लाक्षागृह पर न्यायालय का फैसला आने पर मुस्लिम पक्ष के पैरोकार बरनावा निवासी इरशाद मुन्ना ने कहा कि उनकी तरफ से भी काफी साक्ष्य दिए गए थे। उनके पास मजार के सभी साक्ष्य हैं। वह इस मामले में जिला न्यायालय में अपील करेंगे।

यह भी पढ़ें: क्या है प्राचीन टीला विवाद: मुस्लिम पक्ष का दावा खारिज, मस्जिद-कब्रिस्तान नहीं, वहां है लाक्षागृह और शिव मंदिर

न्यायालय में मुस्लिम पक्ष के वादी खालिद खान ने कहा कि उनके पक्ष के लोग जिस तरह का फैसला लेंगे। उसके अनुसार ही आगे कदम उठाया जाएगा। वह जिला न्यायालय में अपील करने की बात कह रहे हैं तो अपील की जाएगी।

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