किसानों को जमाती और आंदोलनजीवी कहकर सम्मान को पहुंचाई ठेस: नरेश टिकैत
- भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले, प्रधानमंत्री अपने पद की गरिमा के अनुरूप शब्दों का प्रयोग करें
- कृषि कानून वापस होने तक जारी रहेगा किसानों का आंदोलन
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उत्तर प्रदेश के बागपत में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने पद की गरिमा के अनुरूप शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। किसानों को जमाती और आंदोलनजीवी बताकर उन्होंने अपमान किया है। किसान सरकार की भाषा को समझ रहे हैं। कानून वापसी के बिना किसान किसी भी कीमत पर घर नहीं लौटेंगे।
बुधवार को दोघट में राजेंद्र चौधरी के आवास पर किसानों की पंचायत हुई। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि प्रधानमंत्री सबका होता है, लेकिन देश के किसानों का अपमान किया गया। प्रधानमंत्री के शब्दों से ही साफ पता चल रहा है कि यह सरकार किसानों के हित में नहीं है।
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प्रधानमंत्री के मन की बात और आय दोगुनी करने जैसे सभी बातों को अब देश की जनता समझ चुकी है। किसान के पास शांति का हथियार है और वह सदा ही शांति चाहता है। लेकिन सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है।
सरकार की तरफ से बार बार बयान जारी किया जाता है कि वह किसानों से बात करने को तैयार है, लेकिन बात नहीं करते है। किसान बात करने के लिए ही तो धरने पर बैठे है। सरकार साफ समझ लें किसान भी धरने से तभी लौटेंगे जब कृषि कानून वापिस, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापिस कराए जाएंगे। इससे पहले किसान घर वापस नहीं होंगे।
पंचायत की अध्यक्षता देश खाप चौधरी सुरेंद्र सिंह और संचालन राजकुमार ने किया। ओमप्रकाश पंवार, बॉबी तोमर, ऋषिपाल, बिजेंद्र, सुदेशपाल, नरेंद्र राठी, शहीद, जहीर हसन, धर्मेंद्र राठी, अरविंद राठी, सुरेश, रामनिवास, मनोज पंवार, पवन राठी, सहेंद्र, सुरेंद्र सिंह पूर्व प्रधान, अशोक मौजूद रहे।