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Baghpat News: आयुर्वेदिक अस्पताल में चिकित्सक नहीं, फार्मासिस्ट कर रहे उपचार
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बागपत। जिले के आयुर्वेदिक एवं यूनानी अस्पतालों में चिकित्सकों की भारी कमी है, जिसके चलते अस्पताल में फार्मासिस्ट ही लोगों का इलाज करते हैं। खेकड़ा और मलकपुर के आयुर्वेदिक अस्पताल में 26 साल से चिकित्सकों के पद स्वीकृत ही नहीं हुए हैं। दोनों अस्पतालों में विभाग की ओर से सप्ताह में दो-दो दिन के लिए चिकित्सक की व्यवस्था कराई गई है। सप्ताह में चार दिन फार्मासिस्ट ही मरीजों की जांच और इलाज की जिम्मेदारी संभालते है।
जिले में आठ आयुर्वेदिक एवं दो यूनानी अस्पताल हैं। इनमें बागपत जिला मुख्यालय के अलावा खेकड़ा, मलकपुर, पूरनपुर, अमीनगर सराय, ख्वाजा नंगला, बड़ौत, बिनौली में आयुर्वेदिक व असारा और औसिक्का गांव में यूनानी अस्पताल है। आठ आयुर्वेदिक व दो यूनानी अस्पताल में एक-एक चिकित्सक और जिला स्तर पर दो चिकित्सक के पद हैं। इनके अलावा एक अस्पताल में एक फार्मासिस्ट का पद हैं।
जिले के आठ आयुर्वेदिक अस्पतालों में तीन चिकित्सक तैनात हैं, जबकि छह पद रिक्त चल रहे हैं। खेकड़ा और मलकपुर के आयुर्वेदिक अस्पताल में तो 26 साल से चिकित्सक के पद ही स्वीकृत नहीं हुए हैं। दोनों अस्पताल में सप्ताह में चार दिन फार्मासिस्ट ही लोगों के इलाज की जिम्मेदारी संभालते हैं।
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विभाग की ओर से शासन को कई बार चिकित्सक की तैनाती की मांग भेजी जा चुकी है। चिकित्सकों के अभाव में मलकपुर और खेकड़ा में फार्मासिस्ट ही लोगों का इलाज कर रहे हैं। - डॉ. मोनिका गुप्ता, आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी
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जिले में आठ आयुर्वेदिक एवं दो यूनानी अस्पताल हैं। इनमें बागपत जिला मुख्यालय के अलावा खेकड़ा, मलकपुर, पूरनपुर, अमीनगर सराय, ख्वाजा नंगला, बड़ौत, बिनौली में आयुर्वेदिक व असारा और औसिक्का गांव में यूनानी अस्पताल है। आठ आयुर्वेदिक व दो यूनानी अस्पताल में एक-एक चिकित्सक और जिला स्तर पर दो चिकित्सक के पद हैं। इनके अलावा एक अस्पताल में एक फार्मासिस्ट का पद हैं।
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जिले के आठ आयुर्वेदिक अस्पतालों में तीन चिकित्सक तैनात हैं, जबकि छह पद रिक्त चल रहे हैं। खेकड़ा और मलकपुर के आयुर्वेदिक अस्पताल में तो 26 साल से चिकित्सक के पद ही स्वीकृत नहीं हुए हैं। दोनों अस्पताल में सप्ताह में चार दिन फार्मासिस्ट ही लोगों के इलाज की जिम्मेदारी संभालते हैं।
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विभाग की ओर से शासन को कई बार चिकित्सक की तैनाती की मांग भेजी जा चुकी है। चिकित्सकों के अभाव में मलकपुर और खेकड़ा में फार्मासिस्ट ही लोगों का इलाज कर रहे हैं। - डॉ. मोनिका गुप्ता, आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी