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धोती-कुर्ते वाले अपने, अब जींस पहनने वालों को जोड़ना है : जयंत
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धोती-कुर्ते वाले अपने, अब जींस पहनने वालों को जोड़ना है : जयंत
बागपत। जयंत चौधरी ने युवाओं की नब्ज टटोलते हुए कहा कि धोती-कुर्ते वाले तो अपने हैं, अब जींस पहनने वालों को जोड़ना है। इसीलिए मैं भी अब जींस पहनने लगा हूं। युवाओं से ट्रैक्टर पर बैठकर अपनी फोटो ट्विटर पर हैशटैग ट्रैक्टर प्राइड को ट्रेंड कराने का आह्वान किया।
महापंचायत में जुटी भीड़ को देख जयंत चौधरी ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने चौधरी चरण सिंह का साथ दिया। क्योंकि वे किसान-मजदूरों की लड़ाई देशभर में लड़ने में सक्षम थे। फिर यहां की जनता ने अजित सिंह का हाथ पकड़ा। वर्तमान में किसानों का विरोध करने वाले सत्ता पर काबिज हैं। बिजली के बिल कई गुना बढ़ गए हैं। ढिकौली के किसान ने बिजली के बिल और कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली थी, हमें ये याद रखना होगा।
मोदी-योगी पर कसा तंज
जयंत ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसानों से एक फोन कॉल की दूरी है। बंगाल में रैली कर रहे हैं, किसानों से बात करने का समय उनके पास नहीं है। प्रधानमंत्री बेचने में माहिर हैं। ये गंजे को कंघी भी बेच सकते हैं। पता नहीं यूपी वाले बाबा इनसे खरीद रहे हैं या नहीं। युवाओं से सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हुए अपने यहां के मुद्दे उठाने का आह्वान किया।
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हमें बचानी खेती-खलिहानी, इन्हें बचाने हैं अडानी-अंबानी
जयंत चौधरी ने महापंचायत में प्रस्ताव रखा कि किसानों के पक्ष में बोलने वालों के खिलाफ सरकार कोई कार्रवाई करेगी तो उसके विरोध में कोई भी कुर्बानी देने के लिए हम तैयार रहेंगे। माया त्यागी कांड की तरह जेल भरने से भी पीछे नहीं हटेंगे। कृषि कानून में किसान का कोई हित नहीं है। अडानी और अंबानी का ही फायदा है। प्रधानमंत्री अपने नाम पर स्टेडियम और उसमें अडानी व अंबानी एंड बनवाते हैं। हमें बचानी खेती-खलिहानी और इन्हें बचाने अंबानी-अडानी। भाजपा नेताओं को मशहूर शायर साहिर लुधियानवी की पंक्तियों के जरिए चेताते हुए कहा कि आज से मेरे फन का मकसद जंजीरें पिघलाना है, आज से मैं शबनम के बदले अंगारे बरसाऊंगा। अपना संबोधन जय जवान-जय किसान और किसान एकता जिंदाबाद के नारे से साथ खत्म किया।
नहीं पहनी नोटों की माला
जयंत चौधरी ढिकौली महापंचायत में ट्रॉली से मंच तक पहुंचे तो ढाका खाप की ओर से कैप्टन राज सिंह ढाका ने पगड़ी पहनाकर उनका सम्मान किया। जयंत को 11 हजार रुपये के नोटों की माला पहनाने लगे तो उन्होंने इन्कार कर दिया। माला हाथ में ले ली।
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बागपत। जयंत चौधरी ने युवाओं की नब्ज टटोलते हुए कहा कि धोती-कुर्ते वाले तो अपने हैं, अब जींस पहनने वालों को जोड़ना है। इसीलिए मैं भी अब जींस पहनने लगा हूं। युवाओं से ट्रैक्टर पर बैठकर अपनी फोटो ट्विटर पर हैशटैग ट्रैक्टर प्राइड को ट्रेंड कराने का आह्वान किया।
महापंचायत में जुटी भीड़ को देख जयंत चौधरी ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने चौधरी चरण सिंह का साथ दिया। क्योंकि वे किसान-मजदूरों की लड़ाई देशभर में लड़ने में सक्षम थे। फिर यहां की जनता ने अजित सिंह का हाथ पकड़ा। वर्तमान में किसानों का विरोध करने वाले सत्ता पर काबिज हैं। बिजली के बिल कई गुना बढ़ गए हैं। ढिकौली के किसान ने बिजली के बिल और कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली थी, हमें ये याद रखना होगा।
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मोदी-योगी पर कसा तंज
जयंत ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसानों से एक फोन कॉल की दूरी है। बंगाल में रैली कर रहे हैं, किसानों से बात करने का समय उनके पास नहीं है। प्रधानमंत्री बेचने में माहिर हैं। ये गंजे को कंघी भी बेच सकते हैं। पता नहीं यूपी वाले बाबा इनसे खरीद रहे हैं या नहीं। युवाओं से सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हुए अपने यहां के मुद्दे उठाने का आह्वान किया।
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हमें बचानी खेती-खलिहानी, इन्हें बचाने हैं अडानी-अंबानी
जयंत चौधरी ने महापंचायत में प्रस्ताव रखा कि किसानों के पक्ष में बोलने वालों के खिलाफ सरकार कोई कार्रवाई करेगी तो उसके विरोध में कोई भी कुर्बानी देने के लिए हम तैयार रहेंगे। माया त्यागी कांड की तरह जेल भरने से भी पीछे नहीं हटेंगे। कृषि कानून में किसान का कोई हित नहीं है। अडानी और अंबानी का ही फायदा है। प्रधानमंत्री अपने नाम पर स्टेडियम और उसमें अडानी व अंबानी एंड बनवाते हैं। हमें बचानी खेती-खलिहानी और इन्हें बचाने अंबानी-अडानी। भाजपा नेताओं को मशहूर शायर साहिर लुधियानवी की पंक्तियों के जरिए चेताते हुए कहा कि आज से मेरे फन का मकसद जंजीरें पिघलाना है, आज से मैं शबनम के बदले अंगारे बरसाऊंगा। अपना संबोधन जय जवान-जय किसान और किसान एकता जिंदाबाद के नारे से साथ खत्म किया।
नहीं पहनी नोटों की माला
जयंत चौधरी ढिकौली महापंचायत में ट्रॉली से मंच तक पहुंचे तो ढाका खाप की ओर से कैप्टन राज सिंह ढाका ने पगड़ी पहनाकर उनका सम्मान किया। जयंत को 11 हजार रुपये के नोटों की माला पहनाने लगे तो उन्होंने इन्कार कर दिया। माला हाथ में ले ली।