जनता ने दी मौत की सजा
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स्कूल में प्रधानाध्यापक सतपाल शर्मा की हत्या करने के बाद एक बदमाश बाइक से पानी की टंकी के पास से बाइक से फरार हो गया। दूसरा बदमाश स्कूल की दीवार कूदकर भाग गया। जबकि तीसरा बदमाश गली के रास्ते पैदल भागने लगा। लोगों ने पीछा कर उसे पकड़े का प्रयास किया। बदमाश ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गांव के लोग बहादुरी का परिचय देते हुए उसका पीछा करते रहे।
गांव के बाहर अपने खेत में चारपाई पर लेटे किसान ठाकुर सत्यवीर सिंह ने बदमाश को पकड़ लिया। बदमाश ने उन्हें धमकी दी। इस दौरान उनकी करीब तीन मिनट तक बदमाश से हाथापाई हुई, लेकिन ठाकुर सत्यवीर ने उसे नहीं छोड़ा। तभी गांव के काफी लोग वहां पर पहुंच गए। लोगों ने उसे घेरकर पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव का इतिहास गवाह है कि यहां से बदमाश बचकर नहीं जाते हैं। छह साल पूर्व अमीनगर सराय-बिलोचपुरा गांव मार्ग पर अमीनगर सराय के व्यापारी से लूटपाट करने के आरोपी बदमाश को पीट-पीटकर मार डाला गया था। वह बदमाश ढ़िकौली गांव का था। इससे पहले गांव के जंगल में वर्ष 1980 -81 गांव में ट्रांसफार्मर चोरी करते दिल्ली के एक बदमाश को पकड़कर मार दिया था।
इसी तरह गांव के जंगल में वर्ष 1974-75 में मेरठ के सरधना क्षेत्र का एक बदमाश तमंचा लेकर बैठा था। चारा काट रही महिलाओं ने उसे देख लिया था। मौके पर पहुंचे लोगों ने पीट-पीटकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। जैसे ही अफसरों को पता चला शनिवार को गांव के लोगों ने बदमाश को पकड़कर मार डाला और इससे पहले भी बदमाश पकड़कर मार चुके हैं। तो अफसर ने कहा तुमने बहुत अच्छा किया। आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है।