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दशलक्षण पर्व आज : पूरे दिन तैयारियों में जुटे रहे लोग, घरों व मंदिरों में की पूजन की व्यवस्था
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बड़ौत में दशलक्षण पर्व के दौरान सजाया गया श्री 1008 अजित नाथ दिगंबर जैन मंदिर
- फोटो : BARAUT
पूरे दिन तैयारियों में जुटे रहे लोग, घरों व मंदिरों में की पूजन की व्यवस्था
बागपत, बड़ौत। जैन धर्म के पर्वाधिराज पर्युषण पर्व अथवा दशलक्षण पर्व को लेकर मंगलवार को नगर व देहात क्षेत्र के जैन मंदिरों में साज सजावट व तैयारियां जोरों पर रहीं। इस दौरान जैन समाज द्वारा उपवास और घरों व मंदिरों में पूजन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
जैन धर्म के महत्वपूर्ण पर्व दशलक्षण बुधवार से प्रारंभ हो रहे हैं। इस पर श्रद्धालुओं द्वारा प्रात: मंदिर में श्रीजी का अभिषेक, नित्य नियम पूजन एवं दशलक्षण धर्म की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इस पर्व को लेकर नगर के मंदिरों में विशेष साज सज्जा की जा रही है। नगर के दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, शांतिनाथ जैन मंदिर, श्री अजीतनाथ जैन मंदिर, पारसनाथ मंदिर, परमागम महावीर स्वामी मंदिर समेत अन्य सभी जैन मंदिरों को सजाया जा रहा है।
महापर्व का विशिष्ट महत्व
विनोद जैन एडवोकेट ने बताया कि जैन धर्म के पर्वों की शृंखला में पर्वाधिराज पर्यूषण दशलक्षण महापर्व का विशिष्ट महत्व है। यह महापर्व मनुष्य के जीवन के साथ मानव की आत्मा में नूतन ज्योति जलाने आता है। इसमें दस दिन तक दस धर्मों उत्तम क्षमा, आजर्व, सत्य, शोच, संयम, तप, त्याग, अकिंचन एवं ब्रह्मचर्य के अनुसार साधना कर आत्मा में बैठे मन को साधकर मुक्ति लक्ष्मी पाने का मोक्ष मार्ग की तरफ जाने का पर्व है।
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बागपत, बड़ौत। जैन धर्म के पर्वाधिराज पर्युषण पर्व अथवा दशलक्षण पर्व को लेकर मंगलवार को नगर व देहात क्षेत्र के जैन मंदिरों में साज सजावट व तैयारियां जोरों पर रहीं। इस दौरान जैन समाज द्वारा उपवास और घरों व मंदिरों में पूजन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
जैन धर्म के महत्वपूर्ण पर्व दशलक्षण बुधवार से प्रारंभ हो रहे हैं। इस पर श्रद्धालुओं द्वारा प्रात: मंदिर में श्रीजी का अभिषेक, नित्य नियम पूजन एवं दशलक्षण धर्म की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इस पर्व को लेकर नगर के मंदिरों में विशेष साज सज्जा की जा रही है। नगर के दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, शांतिनाथ जैन मंदिर, श्री अजीतनाथ जैन मंदिर, पारसनाथ मंदिर, परमागम महावीर स्वामी मंदिर समेत अन्य सभी जैन मंदिरों को सजाया जा रहा है।
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महापर्व का विशिष्ट महत्व
विनोद जैन एडवोकेट ने बताया कि जैन धर्म के पर्वों की शृंखला में पर्वाधिराज पर्यूषण दशलक्षण महापर्व का विशिष्ट महत्व है। यह महापर्व मनुष्य के जीवन के साथ मानव की आत्मा में नूतन ज्योति जलाने आता है। इसमें दस दिन तक दस धर्मों उत्तम क्षमा, आजर्व, सत्य, शोच, संयम, तप, त्याग, अकिंचन एवं ब्रह्मचर्य के अनुसार साधना कर आत्मा में बैठे मन को साधकर मुक्ति लक्ष्मी पाने का मोक्ष मार्ग की तरफ जाने का पर्व है।
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