फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   People are shedding cow dung and polythene in drains

Baghpat News: लोग नालियों में बहा रहे गोबर व पॉलीथिन, पानी डेढ़ घंटे देरी से हो रहा साफ

Mon, 10 Apr 2023 12:28 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत Updated Mon, 10 Apr 2023 12:28 AM IST
विज्ञापन
People are shedding cow dung and polythene in drains
बागपत के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में गोबर हटाती जेसीबी मशीन
बागपत। शहर के लोग नालियों में गोबर के साथ पॉलीथिन बहा रहे हैं। जिससे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तीन घंटे की जगह साढ़े चार घंटे तक चलाना पड़ रहा है। उसके बाद ही दूषित पानी साफ हो रहा है। इसके अलावा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचने वाले पानी से रोजाना एक ट्राली से अधिक गोबर निकाला जा रहा है।
विज्ञापन




केंद्र सरकार के नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत यमुना नदी को साफ बनाने और शहर के दूषित पानी को खेती लायक बनाने के लिए 41.38 करोड़ रुपये की लागत से वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया गया था। जिसमें शहर का दूषित पानी पहुंचाने के लिए नालों को जोड़ा गया है और ट्रीटमेंट प्लांट में रोजाना पांच एमएलडी पानी ट्रीटमेंट के बाद सीधा यमुना नदी में छोड़ा जा रहा है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचने वाले दूषित पानी में गोबर, पॉलीथिन, रसायनों की भारी मात्रा मिल रही है, जिसने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की परेशानी बढ़ा दी है।
विज्ञापन

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रभारी अभिषेक ने बताया कि दूषित पानी को साफ करने के लिए प्लांट अधिकतम तीन घंटे चलाया जाता है, जबकि गोबर व रसायनों की मात्रा अधिक होने के कारण ट्रीटमेंट प्लांट चार घंटे से अधिक चलाना पड़ रहा है। उधर दूषित पानी में ट्रीटमेंट तक पहुंचने वाले गोबर को हटवाने के लिए भी सीवरेट ट्रीटमेंट प्लांट के कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


--



-बीओडी 250 तो सीओडी 600 से अधिक

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के प्रभारी अभिषेक ने बताया कि प्लांट तक पहुंचने वाले दूषित पानी में बीओडी व सीओडी की मात्रा बहुत अधिक हो गई है। उन्होंने बताया कि दूषित पानी की सीओडी 600 से अधिक, बीओडी 250 से 300, टीएसएफ 200 तक पहुंच गई है। जिसका ट्रीटमेंट करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।



- पॉलीथिन से जगह-जगह नाले हुए ओवरफ्लो



शहर से निकलने वाले दूषित पानी में पॉलीथिन डाली जाने के कारण नाले जगह-जगह से अटे हुए हैं। जिस कारण सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचने वाले नाले भी कई जगह ओवरफ्लो हो जाते हैं। जिससे प्लांट तक कम पानी पहुंच रहा है। नालों का बहाव जारी रखने के लिए कई बार जेसीबी मशीन भेजकर सफाई कराई जाती है।


-वर्जन
- शहर के नालों में गोबर व पॉलीथिन अधिक बहाई जाने के कारण दूषित पानी का ट्रीटमेंट करने में कुछ परेशानी बढ़ी है। जिस कारण ट्रीटमेंट प्लांट को अधिक समय तक चलाना पड़ रहा है। नगर पालिका के अधिकारियों को डेयरी संचालकों को गोबर बहाने से रोकने के लिए कहा गया है। इसके अलावा पॉलीथिन नाले के बजाय कूड़ेदान में डालें। जिससे कूड़ा अलग इकट्ठा हो सके और नालियां ठीक रहेंगी। - माधव मुकूंद, सहायक अभियंता, जल निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed