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सिर पर सामान, गोद में बच्चे लेकर दो किमी तक पैदल चले यात्री
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बड़ौत में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जाम के कारण पैदल जाती महिलाएं व बच्चे।
- फोटो : BARAUT
नेशनल हाईवे बंद होने से बढ़ी यात्रियों की मुश्किलें
गंतव्य तक पहुंचने के लिए उठानी पड़ी परेशानियां
बड़ौत। नए कृषि कानून के विरोध मेें सर्वखाप चौधरियाें और किसानों द्वारा औद्योगिक पुलिस चौकी पर नेशनल हाईवे जाम करने से यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हाईवे पर लोग सिर पर सामान, गोद मेें बच्चे लेकर गुजरते नजर आए। हालात ऐसे थे कि दो-दो किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा।
शनिवार को दोपहर डेढ़ बजे सर्वखाप चौधरियों और किसानों ने नेशनल हाईवे को जाम कर दिया था। इससे पहले परिवहन निगम कुछ बसों को संचालित कर चुका था। मगर, नेशनल हाईवे जाम होने के बाद बसें बड़ौत डिपो पर ही खड़ी रही। इससे यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दो-दो किलोमीटर तक सिर पर सामान और गोद में बच्चों को लेकर चलाना पड़ा। दिल्ली से रमाला गांव लौट रही कविता अपने तीन बच्चे और परिवार के एक युवक के साथ पैदल जा रही थी। उसने बताया कि दिल्ली में रिश्तेदार के यहां पर गई हुई थी। लौटने पर हाईवे जाम होने से मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कांधला निवासी मुमताज का कहना था कि वह लोनी गई हुई थी। लौटने पर पता चला कि हाईवे बंद है। बड़ौली गांव से बड़ौत में दिल्ली बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए पांच किलोमीटर का सफर तय करना बच्चों के साथ मुश्किल भरा रहा। काफी परेशानी हुई।
रूट डायवर्ट कर गांवों से निकाल गए वाहन
बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम होने के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा रूट डायवर्ट किया गया। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे बंद होने के बाद शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर की ओर जाने वाली बसों का संचालन दिल्ली बस स्टैंड से कराया गया। सुबह ही बड़ौत से कई बसों को निकालकर दिल्ली बस स्टैंड भेज दिया गया था। ताकि शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर की ओर जाने वाली सवारियों को दिक्कतें न हो। दिल्ली की ओर आने वाली बसों को नथैला मोड़ वाया लुहारी-जौनमाना व बड़ौत से निकाला गया। इस दौरान बड़ौत-कोताना मार्ग पर वाहनों का आवागमन अन्य दिनों के मुकाबले अधिक रहा। कई बार जाम की स्थिति भी बनी, लेकिन वहां पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने जाम को खुलवाकर मार्ग को आवागमन के लिए सुचारुकराया। इस दौरान बहुत से वाहन चालकों ने जाम से बचने के लिए गांव के रास्ते का सहारा भी लिया।
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हाईवे जाम से रोडवेज को लगी लाखों की चपत
बड़ौत। नए कृषि कानून के विरोध में सर्वखाप चौधरियों के आह्वान पर शनिवार को नेशनल हाईवे जाम होने से रोडवेज को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा। रोडवेज के पास 77 निगम और 45 अनुबंधित बसें है। शनिवार को नए कृषि कानून के विरोध मेें नेशनल हाईवे जाम करने के लिए सर्वखाप चौधरी और किसान तकरीबन डेढ़ बजे औद्योगिक पुलिस चौकी पर पहुंचे। इससे पहले परिवहन निगम कुछ बसों को संचालित कर चुका था। मगर, नेशनल हाईवे जाम होने के बाद बसें बड़ौत डिपो पर ही खड़ी रही। रोडवेज अधिकारी हाईवे खुलने का इंतजार करते रहे। हाईवे बंद की सूचना पर एडीएम अमित कुमार, एएसपी मनीष मिश्र, एसडीएम दुर्गेश मिश्र, सीओ आलोक कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी खाप चौधरियों के पास पहुंचे और हाईवे को खोलने की बात करते रहे। एक बार तो हाईवे को एक तरफ से खोल दिया गया था, लेकिन फिर बंद कर दिया गया। बस संचालन प्रभारी नरेंद्र मान ने बताया कि नेशनल हाईवे बंद होने से करीब 20 बसें डिपो में ही खड़ी रही। इससे रोडवेज को पांच लाख का नुकसान उठाना पड़ा।
जाम में फंसी एंबुलेंस को किसानों ने निकलवाया
बड़ौत। जाम में एंबुलेंस भी फंस गई। जैसे ही किसानों को इसकी भनक लगी, वे धरना स्थल से उठकर मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस को जाम से निकलवाकर रवाना किया।
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गंतव्य तक पहुंचने के लिए उठानी पड़ी परेशानियां
बड़ौत। नए कृषि कानून के विरोध मेें सर्वखाप चौधरियाें और किसानों द्वारा औद्योगिक पुलिस चौकी पर नेशनल हाईवे जाम करने से यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हाईवे पर लोग सिर पर सामान, गोद मेें बच्चे लेकर गुजरते नजर आए। हालात ऐसे थे कि दो-दो किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा।
शनिवार को दोपहर डेढ़ बजे सर्वखाप चौधरियों और किसानों ने नेशनल हाईवे को जाम कर दिया था। इससे पहले परिवहन निगम कुछ बसों को संचालित कर चुका था। मगर, नेशनल हाईवे जाम होने के बाद बसें बड़ौत डिपो पर ही खड़ी रही। इससे यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दो-दो किलोमीटर तक सिर पर सामान और गोद में बच्चों को लेकर चलाना पड़ा। दिल्ली से रमाला गांव लौट रही कविता अपने तीन बच्चे और परिवार के एक युवक के साथ पैदल जा रही थी। उसने बताया कि दिल्ली में रिश्तेदार के यहां पर गई हुई थी। लौटने पर हाईवे जाम होने से मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कांधला निवासी मुमताज का कहना था कि वह लोनी गई हुई थी। लौटने पर पता चला कि हाईवे बंद है। बड़ौली गांव से बड़ौत में दिल्ली बस स्टैंड तक पहुंचने के लिए पांच किलोमीटर का सफर तय करना बच्चों के साथ मुश्किल भरा रहा। काफी परेशानी हुई।
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रूट डायवर्ट कर गांवों से निकाल गए वाहन
बड़ौत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम होने के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा रूट डायवर्ट किया गया। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे बंद होने के बाद शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर की ओर जाने वाली बसों का संचालन दिल्ली बस स्टैंड से कराया गया। सुबह ही बड़ौत से कई बसों को निकालकर दिल्ली बस स्टैंड भेज दिया गया था। ताकि शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर की ओर जाने वाली सवारियों को दिक्कतें न हो। दिल्ली की ओर आने वाली बसों को नथैला मोड़ वाया लुहारी-जौनमाना व बड़ौत से निकाला गया। इस दौरान बड़ौत-कोताना मार्ग पर वाहनों का आवागमन अन्य दिनों के मुकाबले अधिक रहा। कई बार जाम की स्थिति भी बनी, लेकिन वहां पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने जाम को खुलवाकर मार्ग को आवागमन के लिए सुचारुकराया। इस दौरान बहुत से वाहन चालकों ने जाम से बचने के लिए गांव के रास्ते का सहारा भी लिया।
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हाईवे जाम से रोडवेज को लगी लाखों की चपत
बड़ौत। नए कृषि कानून के विरोध में सर्वखाप चौधरियों के आह्वान पर शनिवार को नेशनल हाईवे जाम होने से रोडवेज को लाखों का नुकसान उठाना पड़ा। रोडवेज के पास 77 निगम और 45 अनुबंधित बसें है। शनिवार को नए कृषि कानून के विरोध मेें नेशनल हाईवे जाम करने के लिए सर्वखाप चौधरी और किसान तकरीबन डेढ़ बजे औद्योगिक पुलिस चौकी पर पहुंचे। इससे पहले परिवहन निगम कुछ बसों को संचालित कर चुका था। मगर, नेशनल हाईवे जाम होने के बाद बसें बड़ौत डिपो पर ही खड़ी रही। रोडवेज अधिकारी हाईवे खुलने का इंतजार करते रहे। हाईवे बंद की सूचना पर एडीएम अमित कुमार, एएसपी मनीष मिश्र, एसडीएम दुर्गेश मिश्र, सीओ आलोक कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी खाप चौधरियों के पास पहुंचे और हाईवे को खोलने की बात करते रहे। एक बार तो हाईवे को एक तरफ से खोल दिया गया था, लेकिन फिर बंद कर दिया गया। बस संचालन प्रभारी नरेंद्र मान ने बताया कि नेशनल हाईवे बंद होने से करीब 20 बसें डिपो में ही खड़ी रही। इससे रोडवेज को पांच लाख का नुकसान उठाना पड़ा।
जाम में फंसी एंबुलेंस को किसानों ने निकलवाया
बड़ौत। जाम में एंबुलेंस भी फंस गई। जैसे ही किसानों को इसकी भनक लगी, वे धरना स्थल से उठकर मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस को जाम से निकलवाकर रवाना किया।