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पंचायत में किसानों ने केंद्र सरकार से वाजिब मुआवजा मांगा
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Sun, 18 Oct 2015 11:35 PM IST
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क्षेत्र के ग्राम फुलैरा में आयोजित पंचायत में केंद्र सरकार से पेरिफेरल हाईवे के निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि का वाजिब मुआवजा दिलाने की मांग की गई। मांग पूरी नहीं होने पर आरपार की लड़ाई का एलान किया गया। ग्रामीणों ने मुबारिकपुर के जंगल में पहुंच हाईवे के निर्माण का कार्य बंद करा दिया।
केंद्र सरकार दिल्ली में वाहनों के बढ़ते लोड को कम करने के लिए जाम की समस्या से निजात हेतु ईस्टन पेरिफेरल हाईवे का निर्माण करा रही है। इस हाईवे के निर्माण में क्षेत्र के 11 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहीत की गई है। कुंडली हरियाणा से शुरू होकर यह हाईवे बागपत, गाजियाबाद, नोएडा होते हुए पलवल तक जाएगा।
दो हजार सात में भूमि अधिग्रहण कर मुआवजे का किसानों को आवंटन किया जा चुका है। हालांकि अब किसान अधिग्रहीत भूमि का बढ़ा मुआवजा मांग रहे हैं। धीरे धीरे किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है। रविवार को ग्राम फुलैरा में संबंधित गांवों के किसानो की पंचायत हुई। पंचायत में सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक बढे़ हुए मुआवजे का सरकार किसानों को आवंटन नहीं करेगी, तब तक वह हाईवे का निर्माण नहीं होने देंगे।
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विरोध में सड़कों पर उतर आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके बाद आक्रोशित किसान एकत्रित हो क्षेत्र के ग्राम मुबारिकपुर के जंगल में पहुंचे और वहां पर चल रहे हाईवे के निर्माण को बंद कराया। साथ ही कहा कि निर्माण कार्य मुआवजा मिलने पर ही शुरू होने देंगे। इस दौरान राजेंद्र यादव, राजेश यादव, विनोद, हरपाल सिंह, तेजपाल, दिनेश यादव, दिनेश त्यागी, अनिल, गजेंद्र, सतीश, राजपाल आदि मौजूद रहे।
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केंद्र सरकार दिल्ली में वाहनों के बढ़ते लोड को कम करने के लिए जाम की समस्या से निजात हेतु ईस्टन पेरिफेरल हाईवे का निर्माण करा रही है। इस हाईवे के निर्माण में क्षेत्र के 11 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहीत की गई है। कुंडली हरियाणा से शुरू होकर यह हाईवे बागपत, गाजियाबाद, नोएडा होते हुए पलवल तक जाएगा।
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दो हजार सात में भूमि अधिग्रहण कर मुआवजे का किसानों को आवंटन किया जा चुका है। हालांकि अब किसान अधिग्रहीत भूमि का बढ़ा मुआवजा मांग रहे हैं। धीरे धीरे किसानों में आक्रोश बढ़ रहा है। रविवार को ग्राम फुलैरा में संबंधित गांवों के किसानो की पंचायत हुई। पंचायत में सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक बढे़ हुए मुआवजे का सरकार किसानों को आवंटन नहीं करेगी, तब तक वह हाईवे का निर्माण नहीं होने देंगे।
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विरोध में सड़कों पर उतर आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके बाद आक्रोशित किसान एकत्रित हो क्षेत्र के ग्राम मुबारिकपुर के जंगल में पहुंचे और वहां पर चल रहे हाईवे के निर्माण को बंद कराया। साथ ही कहा कि निर्माण कार्य मुआवजा मिलने पर ही शुरू होने देंगे। इस दौरान राजेंद्र यादव, राजेश यादव, विनोद, हरपाल सिंह, तेजपाल, दिनेश यादव, दिनेश त्यागी, अनिल, गजेंद्र, सतीश, राजपाल आदि मौजूद रहे।