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सोने की स्थिति में बदलाव करने से दूर होगी ऑक्सीजन की कमी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। अधिकांश कोरोना संक्रमित मरीजों में ऑक्सीजन की कमी मिल रही है। संक्रमण के लक्षण अथवा संक्रमित होने पर सोने की स्थिति में बदलाव करने से ऑक्सीजन की कमी को दूर किया जा सकता है।
सीएमओ डॉ. आरके टंडन का कहना है पेट के बल लेटने से ऑक्सीजन की कमी को दूर किया जा सकता है। पेट के बल सोते समय दो ताकिए छाती के नीचे, दो ताकिए पैर के नीचे और एक तकिया गर्दन के नीचे रखकर तीस मिनट से दो घंटे तक सोने से लाभ मिलेगा। इसके अलावा 30 मिनट से दो घंटे तक बाई करवट और दाई करवट और दोनों पैर सीधे कर पीठ को टीकाकर सोने से भी ऑक्सीजन के लेवल में सुधार होता है। उन्होंने गर्भवती महिलाएं, ह्दय और स्पाइन के रोगियों को पेट के बल न सोने की सलाह दी है। उनका कहना है कि गर्भवती महिला और ह्दय व स्पाइन के मरीजों को पेट के बल सोना घातक साबित हो सकता है।
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बागपत। अधिकांश कोरोना संक्रमित मरीजों में ऑक्सीजन की कमी मिल रही है। संक्रमण के लक्षण अथवा संक्रमित होने पर सोने की स्थिति में बदलाव करने से ऑक्सीजन की कमी को दूर किया जा सकता है।
सीएमओ डॉ. आरके टंडन का कहना है पेट के बल लेटने से ऑक्सीजन की कमी को दूर किया जा सकता है। पेट के बल सोते समय दो ताकिए छाती के नीचे, दो ताकिए पैर के नीचे और एक तकिया गर्दन के नीचे रखकर तीस मिनट से दो घंटे तक सोने से लाभ मिलेगा। इसके अलावा 30 मिनट से दो घंटे तक बाई करवट और दाई करवट और दोनों पैर सीधे कर पीठ को टीकाकर सोने से भी ऑक्सीजन के लेवल में सुधार होता है। उन्होंने गर्भवती महिलाएं, ह्दय और स्पाइन के रोगियों को पेट के बल न सोने की सलाह दी है। उनका कहना है कि गर्भवती महिला और ह्दय व स्पाइन के मरीजों को पेट के बल सोना घातक साबित हो सकता है।
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