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यमुना की धारा रोकने की जांच के आदेश
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:19 AM IST
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बागपत में खनन माफियाओं द्वारा यमुना के प्रवाह रोके जाने के मामले में प्रशासन गंभीर हुआ है। जिलाधिकारी ने खनन माफियाओं की कारगुजारी की जांच खनन अधिकारी को सौंपी है।
बागपत में निवाड़ा पुलिस चौकी के नजदीक खनन माफियाओं ने रेत खनन करने के लिए न सिर्फ यमुना की धार को रोक दिया बल्कि बांध बनाकर यमुना की धार को हरियाणा की ओर कर दिया। जेसीबी और पोकलेन मशीनों से यमुना के सीने में जख्म करने शुरू कर दिए। मामला सार्वजनिक होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। यमुना की प्राकृतिक धारा के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए जांच बैठा दी है। हालांकि इसकी जांच भी खनन अधिकारी को ही दी गई है।
जबकि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ही रेत माफियाओं ने इतनी हिम्मत दिखाई है। जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी अजयदीप सिंह ने बताया कि किसी भी प्रकार कोई गलत कार्य नहीं होने दिया जाएगा। यमुना की प्राकृतिक धारा से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यमुना में गहरे गड्ढे नहीं होने दिए जाएंगे। इसकी जांच उन्होंने खनन अधिकारी को दी है। अभी उनके पास जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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जागोस में बड़े पैमाने पर यमुना में अवैध खनन
बड़ौत। जागोस में यमुना खादर में खनन माफियाओं द्वारा जेसीबी मशीन से यमुना का सीना छलनी किया जा रहा है। हैरत यह है कि जानकारी के बावजूद पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। कभी भी यहां खूनी संघर्ष हो सकता है।
जागोस गांव के खादर में दिन रात जेसीबी मशीनों से डंफर, ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खुलेआम भरी जा रही है। खनन माफियाओं को खादी और खाकी दोनों का संरक्षण है। यहीं वजह है कि पुलिस प्रशासन अवैध खनन को रोकने में पूरी तरह विफल है।
हालात ऐसे है कि अवैध खनन को लेकर लगातार टकराव के आसार बने हुए है। पूर्व में भी जागोस गांव के खादर में खनन माफियाओं के बीच खूनी संघर्ष हो चुका है और गोलियां भी चल चुकी है। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। यदि अवैध रेत खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी खूनी संघर्ष हो सकता है। इस संबंध में एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव का कहना है कि अभी तक यह मामला उनके सामने नहीं आया है। यदि अवैध रेत खनन हो रहा है तो वे इसे दिखवाएंगे और खनन माफियाओं पर शिकंजा कसा जाएगा।
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बागपत में निवाड़ा पुलिस चौकी के नजदीक खनन माफियाओं ने रेत खनन करने के लिए न सिर्फ यमुना की धार को रोक दिया बल्कि बांध बनाकर यमुना की धार को हरियाणा की ओर कर दिया। जेसीबी और पोकलेन मशीनों से यमुना के सीने में जख्म करने शुरू कर दिए। मामला सार्वजनिक होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। यमुना की प्राकृतिक धारा के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए जांच बैठा दी है। हालांकि इसकी जांच भी खनन अधिकारी को ही दी गई है।
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जबकि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से ही रेत माफियाओं ने इतनी हिम्मत दिखाई है। जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी अजयदीप सिंह ने बताया कि किसी भी प्रकार कोई गलत कार्य नहीं होने दिया जाएगा। यमुना की प्राकृतिक धारा से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यमुना में गहरे गड्ढे नहीं होने दिए जाएंगे। इसकी जांच उन्होंने खनन अधिकारी को दी है। अभी उनके पास जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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जागोस में बड़े पैमाने पर यमुना में अवैध खनन
बड़ौत। जागोस में यमुना खादर में खनन माफियाओं द्वारा जेसीबी मशीन से यमुना का सीना छलनी किया जा रहा है। हैरत यह है कि जानकारी के बावजूद पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। कभी भी यहां खूनी संघर्ष हो सकता है।
जागोस गांव के खादर में दिन रात जेसीबी मशीनों से डंफर, ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खुलेआम भरी जा रही है। खनन माफियाओं को खादी और खाकी दोनों का संरक्षण है। यहीं वजह है कि पुलिस प्रशासन अवैध खनन को रोकने में पूरी तरह विफल है।
हालात ऐसे है कि अवैध खनन को लेकर लगातार टकराव के आसार बने हुए है। पूर्व में भी जागोस गांव के खादर में खनन माफियाओं के बीच खूनी संघर्ष हो चुका है और गोलियां भी चल चुकी है। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। यदि अवैध रेत खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी खूनी संघर्ष हो सकता है। इस संबंध में एसडीएम यशवर्धन श्रीवास्तव का कहना है कि अभी तक यह मामला उनके सामने नहीं आया है। यदि अवैध रेत खनन हो रहा है तो वे इसे दिखवाएंगे और खनन माफियाओं पर शिकंजा कसा जाएगा।