{"_id":"61b7920e556b420cfa1645a1","slug":"order-to-file-a-case-against-doctors-baghpat-news-mrt5688197193","type":"story","status":"publish","title_hn":"वकील की पत्नी की जान जोखिम में डालने के आरोप में डाक्टरों पर मुकदमे का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वकील की पत्नी की जान जोखिम में डालने के आरोप में डाक्टरों पर मुकदमे का आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनीपत के लिए भी
नगर के मुन्नालाल एंक्लेव स्थित निकिता नर्सिंग होम में अधिवक्ता ने कराया था पत्नी की पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन
ऑपरेशन के बाद बिगड़ती गई हालत, मेरठ में कराने पड़े दो ऑपरेशन, कोर्ट ने दिया मुकदमा दर्ज कराने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नगर के मुन्नालाल एंक्लेव स्थित निकिता नर्सिंग होम में एक अधिवक्ता की पत्नी का ऑपरेशन कर जान जोखिम में डालने का आरोप लगा है। जिसमें तीन डाक्टरों पर सीजेएम कोर्ट से मुकदमा दर्ज करने के आदेश हुए हैं।
नगर निवासी अधिवक्ता दीपक कुमार ने कोर्ट में याचिका डाली थी कि बीती 13 अप्रैल को उनकी पत्नी शिवांगी को पित्त की थैली में पथरी का दर्द हुआ। उन्हें निकिता नर्सिंग होम में लेकर पहुंचे। वहां खुद को चिकित्सक बताने वाले सीमा व सतीश ने जानकारी दी कि शिवांगी का ऑपरेशन दूरबीन विधि से करना पड़ेगा। ऐसा नहीं करने पर पित्त की थैली फटने से जान को खतरे की आशंका है। इसके बाद उनकी पत्नी शिवांगी का सोनीपत के चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार को बुलाकर ऑपरेशन कराया गया। आरोप है कि उनकी पत्नी की कॉमन बॉयल डक्ट (आम पित्त नली) काटकर क्षतिग्रस्त कर दी। इस बारे में उन्हें व पत्नी को नहीं बताया गया। अगले दिन दोपहर को सब कुछ सही बताकर छुट्टी कर दी गई। ऑपरेशन के बाद से उनकी पत्नी की हालत खराब रहने लगी तो उन्हें दवा दे गई।
इसके करीब पंद्रह दिन बाद उनकी पत्नी का पेट फूल गया। वे फिर से निकिता नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। जहां से उनको कई अन्य जगह भेजकर परेशान किया गया। इसके बाद भी शिवांगी स्वस्थनहीं हुई। इस पर वह मेरठ के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां बताया कि शिवांगी की बॉयल काटकर क्षतिग्रस्त कर दी गई है, इसलिए दो ऑपरेशन करने होंगे। वहां दो ऑपरेशन करने के बाद उनकी पत्नी की जान बच सकी।
विज्ञापन
वहीं, अधिवक्ता दीपक का आरोप है कि उनसे निकिता नर्सिंग होम में डेढ़ लाख रुपये लिए परंतु रसीद व उपचार की फाइल तक नहीं दी गई। उनसे रसीद लेने पहुंचे तो धमकी दी गई। सीजेएम प्रीति सिंह ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। वहीं, डॉ. सीमा का कहना है कि ऑपरेशन सर्जन डॉ. संतोष नहीं किया था और इस बारे में वहीं बता सकते हैं।
विज्ञापन
नगर के मुन्नालाल एंक्लेव स्थित निकिता नर्सिंग होम में अधिवक्ता ने कराया था पत्नी की पित्त की थैली में पथरी का ऑपरेशन
ऑपरेशन के बाद बिगड़ती गई हालत, मेरठ में कराने पड़े दो ऑपरेशन, कोर्ट ने दिया मुकदमा दर्ज कराने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नगर के मुन्नालाल एंक्लेव स्थित निकिता नर्सिंग होम में एक अधिवक्ता की पत्नी का ऑपरेशन कर जान जोखिम में डालने का आरोप लगा है। जिसमें तीन डाक्टरों पर सीजेएम कोर्ट से मुकदमा दर्ज करने के आदेश हुए हैं।
नगर निवासी अधिवक्ता दीपक कुमार ने कोर्ट में याचिका डाली थी कि बीती 13 अप्रैल को उनकी पत्नी शिवांगी को पित्त की थैली में पथरी का दर्द हुआ। उन्हें निकिता नर्सिंग होम में लेकर पहुंचे। वहां खुद को चिकित्सक बताने वाले सीमा व सतीश ने जानकारी दी कि शिवांगी का ऑपरेशन दूरबीन विधि से करना पड़ेगा। ऐसा नहीं करने पर पित्त की थैली फटने से जान को खतरे की आशंका है। इसके बाद उनकी पत्नी शिवांगी का सोनीपत के चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार को बुलाकर ऑपरेशन कराया गया। आरोप है कि उनकी पत्नी की कॉमन बॉयल डक्ट (आम पित्त नली) काटकर क्षतिग्रस्त कर दी। इस बारे में उन्हें व पत्नी को नहीं बताया गया। अगले दिन दोपहर को सब कुछ सही बताकर छुट्टी कर दी गई। ऑपरेशन के बाद से उनकी पत्नी की हालत खराब रहने लगी तो उन्हें दवा दे गई।
विज्ञापन
इसके करीब पंद्रह दिन बाद उनकी पत्नी का पेट फूल गया। वे फिर से निकिता नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। जहां से उनको कई अन्य जगह भेजकर परेशान किया गया। इसके बाद भी शिवांगी स्वस्थनहीं हुई। इस पर वह मेरठ के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां बताया कि शिवांगी की बॉयल काटकर क्षतिग्रस्त कर दी गई है, इसलिए दो ऑपरेशन करने होंगे। वहां दो ऑपरेशन करने के बाद उनकी पत्नी की जान बच सकी।
विज्ञापन
वहीं, अधिवक्ता दीपक का आरोप है कि उनसे निकिता नर्सिंग होम में डेढ़ लाख रुपये लिए परंतु रसीद व उपचार की फाइल तक नहीं दी गई। उनसे रसीद लेने पहुंचे तो धमकी दी गई। सीजेएम प्रीति सिंह ने मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। वहीं, डॉ. सीमा का कहना है कि ऑपरेशन सर्जन डॉ. संतोष नहीं किया था और इस बारे में वहीं बता सकते हैं।