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लैब में केवल 200 जांच, 300 भेजनी पड़ रही नोएडा
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बागपत के सरूरपुर गांव में बनी आरटीपीसीआर लैब
- फोटो : BAGHPAT
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- दूसरी लहर में जिले में 1500 जांच करानी पड़ी थी, अब 500 की कराई जा रही
- नोएडा से तीन दिन में मिलती है जांच रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना के नए वैरियंट को लेकर प्रशासन को स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के निर्देश दिए गए है। मगर, बिना जांच के कोरोना संक्रमण से बचाव करना मुश्किल है। दूसरी लहर में जहां जिले में प्रतिदिन 1500 जांच कराई जा रही थी और अब मात्र 500 हो गई है। इसमें सबसे बड़ी समस्या यह है कि सरूरपुरकलां में आरटीपीसीअर लैब शुरू जरूर हुई, लेकिन उसमें केवल 200 सैंपल की जांच हो रही है। 300 सैंपल जांच के लिए नोएडा की लैब भेजे जा रहे है।
जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के सापेक्ष एक तिहाई जांच कराई जा रही है। इनमें सरूरपुरकलां गांव की सीएचसी में बनी आरटीपीसीआर लैब में केवल 200 जांच होती है और 300 सैंपल को नोएडा भेजा जा रहा है। बड़ी समस्या यह होती है कि नोएडा से जांच रिपोर्ट करीब तीन दिन बाद मिलती है। तब तक रिपोर्ट आती है तो उससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नोएडा भेजने की जगह सरूरपुर कलां की लैब में जांच बढ़ाई जाएगी तो मरीज का बेहतर उपचार हो सकेगा।
अभी तक 2250 जांच हुई, एक भी संक्रमित नहीं मिला
सरूरपुर कलां सीएचसी में शुरू की गई आरटीपीसीआर लैब में अभी तक केवल 2250 जांच हो सकी है। इसका वर्चुअल तौर पर उद्घाटन सीएम योगी आदित्यनाथ से कराया गया था। यहां शुरूआत में जांच नहीं हो सकी। इसका बड़ा कारण यह रहा है कि केमिकल ही नहीं मिल सका। जब केमिकल मिला तो केवल 20 जांच से शुरूआत हुई। इसके बाद धीरे-धीरे बढ़ाकर इसको 200 तक किया गया है। अभी इसे स्थिति को देखते हुए और बढ़ाना होगा।
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व्यवस्थाएं बेहतर कर बढ़ाएंगे जांच
शासन स्तर से लैब में अभी 200 जांच करने के ही निर्देश मिले है। शासन से निर्देश मिलने पर लैब में जांच की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए कुछ व्यवस्थाएं बेहतर करनी होगी और उससे जांच बढ़ाई जा सकती है। - डॉ दिनेश कुमार, सीएमओ
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- नोएडा से तीन दिन में मिलती है जांच रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना के नए वैरियंट को लेकर प्रशासन को स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के निर्देश दिए गए है। मगर, बिना जांच के कोरोना संक्रमण से बचाव करना मुश्किल है। दूसरी लहर में जहां जिले में प्रतिदिन 1500 जांच कराई जा रही थी और अब मात्र 500 हो गई है। इसमें सबसे बड़ी समस्या यह है कि सरूरपुरकलां में आरटीपीसीअर लैब शुरू जरूर हुई, लेकिन उसमें केवल 200 सैंपल की जांच हो रही है। 300 सैंपल जांच के लिए नोएडा की लैब भेजे जा रहे है।
जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के सापेक्ष एक तिहाई जांच कराई जा रही है। इनमें सरूरपुरकलां गांव की सीएचसी में बनी आरटीपीसीआर लैब में केवल 200 जांच होती है और 300 सैंपल को नोएडा भेजा जा रहा है। बड़ी समस्या यह होती है कि नोएडा से जांच रिपोर्ट करीब तीन दिन बाद मिलती है। तब तक रिपोर्ट आती है तो उससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नोएडा भेजने की जगह सरूरपुर कलां की लैब में जांच बढ़ाई जाएगी तो मरीज का बेहतर उपचार हो सकेगा।
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अभी तक 2250 जांच हुई, एक भी संक्रमित नहीं मिला
सरूरपुर कलां सीएचसी में शुरू की गई आरटीपीसीआर लैब में अभी तक केवल 2250 जांच हो सकी है। इसका वर्चुअल तौर पर उद्घाटन सीएम योगी आदित्यनाथ से कराया गया था। यहां शुरूआत में जांच नहीं हो सकी। इसका बड़ा कारण यह रहा है कि केमिकल ही नहीं मिल सका। जब केमिकल मिला तो केवल 20 जांच से शुरूआत हुई। इसके बाद धीरे-धीरे बढ़ाकर इसको 200 तक किया गया है। अभी इसे स्थिति को देखते हुए और बढ़ाना होगा।
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व्यवस्थाएं बेहतर कर बढ़ाएंगे जांच
शासन स्तर से लैब में अभी 200 जांच करने के ही निर्देश मिले है। शासन से निर्देश मिलने पर लैब में जांच की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए कुछ व्यवस्थाएं बेहतर करनी होगी और उससे जांच बढ़ाई जा सकती है। - डॉ दिनेश कुमार, सीएमओ