{"_id":"5dc2f0248ebc3e5b02424839","slug":"onion-on-sky-baraut-news-mrt45222992","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्याज की बढ़ती कीमतों ने निकाले आंसु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्याज की बढ़ती कीमतों ने निकाले आंसु
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्याज की बढ़ती कीमतों ने निकाले आंसु
बड़ौत (बागपत)।
प्याज की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर आम आदमी की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। बीते एक सप्ताह में प्याज की कीमतों में 20 से 30 प्रति किलो का इजाफा होने से प्याज गरीबों की थालियां से दूर हो गई हैं।
आलम यह है कि जो प्याज एक सप्ताह पूर्व 50 रुपये प्रति किलो था, वह अब बढ़कर 80 रुपये प्रति किलो हो गया है। इस कारण होटलों और ढाबों के संचालकों ने भोजन की थाली से प्याज गायब कर दिया है। अब सलाद के नाम पर खीरा ही परोसा जा रहा है। ग्राहक द्वारा प्याज मांगे जाने पर उससे अतिरिक्त धन लिया जा रहा है। प्याज के थोक कारोबारी शकील ने बताया कि पहले प्याज की फसल खराब हो गयी थी, फिर मौसम के मिजाज के चलते खपत के मुकाबले मंडी तक प्याज की आवक नहीं हो पा रही है। यहां के कारोबारी दिल्ली, मेरठ, पानीपत व महाराष्ट्र सहित अन्य जगहों से प्याज लाते हैं, लेकिन वहां पर भी आवक कम हो रही है, इस कारण प्याज की कीमतों में इजाफा हुआ है। बावली रोड स्थित सब्जी विक्रेता राज कुमार गोस्वामी ने बताया कि मजबूरी में ही ग्राहक प्याज खरीद रहे हैं, क्योंकि बिना प्याज के चलते सब्जियां का स्वाद नहीं बनता।
विज्ञापन
क्या कहती हैं ग्रहणी
बड़ौत। ग्रहणी बबीता मलिक ने कहा बीते सप्ताह के मुकाबले इस सप्ताह प्याज के साथ ही अन्य कई सब्जियों के दामों में उछाल आया है। इससे घर का बजट गड़बड़ाने लगा है।
बड़ौत। ग्रहणी प्रीति का कहना है कि प्याज की बढ़ती कीमतों से आमजन परेशान हैं। ऐसे में महंगाई के इस दौर में प्याज खरीदने से पहले कई बार सोचना पड़ता है।
विज्ञापन
बड़ौत (बागपत)।
प्याज की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर आम आदमी की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। बीते एक सप्ताह में प्याज की कीमतों में 20 से 30 प्रति किलो का इजाफा होने से प्याज गरीबों की थालियां से दूर हो गई हैं।
विज्ञापन
आलम यह है कि जो प्याज एक सप्ताह पूर्व 50 रुपये प्रति किलो था, वह अब बढ़कर 80 रुपये प्रति किलो हो गया है। इस कारण होटलों और ढाबों के संचालकों ने भोजन की थाली से प्याज गायब कर दिया है। अब सलाद के नाम पर खीरा ही परोसा जा रहा है। ग्राहक द्वारा प्याज मांगे जाने पर उससे अतिरिक्त धन लिया जा रहा है। प्याज के थोक कारोबारी शकील ने बताया कि पहले प्याज की फसल खराब हो गयी थी, फिर मौसम के मिजाज के चलते खपत के मुकाबले मंडी तक प्याज की आवक नहीं हो पा रही है। यहां के कारोबारी दिल्ली, मेरठ, पानीपत व महाराष्ट्र सहित अन्य जगहों से प्याज लाते हैं, लेकिन वहां पर भी आवक कम हो रही है, इस कारण प्याज की कीमतों में इजाफा हुआ है। बावली रोड स्थित सब्जी विक्रेता राज कुमार गोस्वामी ने बताया कि मजबूरी में ही ग्राहक प्याज खरीद रहे हैं, क्योंकि बिना प्याज के चलते सब्जियां का स्वाद नहीं बनता।
विज्ञापन
क्या कहती हैं ग्रहणी
बड़ौत। ग्रहणी बबीता मलिक ने कहा बीते सप्ताह के मुकाबले इस सप्ताह प्याज के साथ ही अन्य कई सब्जियों के दामों में उछाल आया है। इससे घर का बजट गड़बड़ाने लगा है।
बड़ौत। ग्रहणी प्रीति का कहना है कि प्याज की बढ़ती कीमतों से आमजन परेशान हैं। ऐसे में महंगाई के इस दौर में प्याज खरीदने से पहले कई बार सोचना पड़ता है।