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Baghpat News: 37 हजार रुपये फीस के बदले शुल्क प्रतिपूर्ति में एक रुपया
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बागपत/सहारनपुर। कॉलेज में 37 हजार रुपये फीस जमा करने के बाद शुल्क प्रतिपूर्ति में केवल एक रुपया खाते में आए तो यह किसी मजाक से कम नहीं होगा। यह मजाक जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने प्रदेश के अधिकतर जिलों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से किया है।
अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सरकार से शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में कॉलेज में जमा की गई फीस के रुपये वापस मिलते हैं। इसके लिए विद्यार्थी को फीस की रसीद, परिवार का आय प्रमाणपत्र और पिछली परीक्षा के अंकपत्र के साथ आवेदन करना होता है। उनकी जांच कराने के बाद शुल्क प्रतिपूर्ति के रुपये विद्यार्थियों के खाते में भेजे जाते हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की तरफ से वर्ष 2024-25 के सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को शुल्क प्रतिपूर्ति के रुपये खाते में भेजे गए। जब काफी विद्यार्थियों के खाते में एक-एक रुपया आया तो विभागीय अधिकारी और विद्यार्थी चौंक गए।
- प्रदेश के अधिकतर जिलों में इस तरह के मामले
शुल्क प्रतिपूर्ति का विद्यार्थियों के खाते में एक रुपया भेजने का कोई एक मामला नहीं है, बल्कि प्रदेश के अधिकतर जिलों में ऐसा हुआ है। सहारनपुर में 137, बागपत व मुजफ्फरनगर में एक-एक, मेरठ में पांच विद्यार्थियों के खाते में एक-एक रुपया आया है। अन्य जिलों में भी इस तरह की स्थिति है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने निदेशक को पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत कराया है।
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केस एक
बागपत में बीसीए की छात्रा को मिला एक रुपया मिला
बागपत के स्याद्वाद इंस्टीट्यूट में बीसीए प्रथम वर्ष की छात्रा अनुष्का जैन ने 37 हजार रुपये फीस जमा करके शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया। अब उसके खाते में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने एक रुपया भेज दिया है। शुल्क प्रतिपूर्ति में केवल एक रुपया मिलने पर छात्रा के साथ ही विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी भी चौंक गए। अब इसमें पत्राचार शुरू किया जा रहा है, जिससे समस्या का कोई समाधान हो।
केस दो
सहारनपुर में बीयूएमएस के छात्र को दिया एक रुपया
बेहट के रहने वाले आरिफ ने बताया कि वह एक विश्वविद्यालय से बीयूएमएस कर रहा है। विश्वविद्यालय में फीस जमा करने के बाद शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया। अब पता चला कि विभाग से उसके खाते में केवल एक रुपया आया है। एक रुपया देने का क्या मतलब है, वह खुद भी नहीं समझ सका। वह इस संबंध में विश्वविद्यालय में शिकायत करेगा।
- जिले के 137 विद्यार्थियों को शुल्क प्रतिपूर्ति में एक-एक रुपया मिला है। इसके लिए ऑनलाइन फार्म भरे जाते हैं। किस स्तर से चूक हुई है, इसका पता कराया जा रहा है। जिससे मुख्यालय को अवगत कराकर समस्या का समाधान कराया जाए। - सुमन गौतम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सहारनपुर
यहां एक छात्रा को शुल्क प्रतिपूर्ति में एक रुपया मिला है। इस बारे में विभागीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और पत्र भी निदेशक को भेज दिया गया है। वहां से जांच के बाद स्थिति साफ होगी कि ऐसा कैसे हुआ है। - कैलाशचंद तिवारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बागपत
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अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सरकार से शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में कॉलेज में जमा की गई फीस के रुपये वापस मिलते हैं। इसके लिए विद्यार्थी को फीस की रसीद, परिवार का आय प्रमाणपत्र और पिछली परीक्षा के अंकपत्र के साथ आवेदन करना होता है। उनकी जांच कराने के बाद शुल्क प्रतिपूर्ति के रुपये विद्यार्थियों के खाते में भेजे जाते हैं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की तरफ से वर्ष 2024-25 के सत्र में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को शुल्क प्रतिपूर्ति के रुपये खाते में भेजे गए। जब काफी विद्यार्थियों के खाते में एक-एक रुपया आया तो विभागीय अधिकारी और विद्यार्थी चौंक गए।
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- प्रदेश के अधिकतर जिलों में इस तरह के मामले
शुल्क प्रतिपूर्ति का विद्यार्थियों के खाते में एक रुपया भेजने का कोई एक मामला नहीं है, बल्कि प्रदेश के अधिकतर जिलों में ऐसा हुआ है। सहारनपुर में 137, बागपत व मुजफ्फरनगर में एक-एक, मेरठ में पांच विद्यार्थियों के खाते में एक-एक रुपया आया है। अन्य जिलों में भी इस तरह की स्थिति है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने निदेशक को पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत कराया है।
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केस एक
बागपत में बीसीए की छात्रा को मिला एक रुपया मिला
बागपत के स्याद्वाद इंस्टीट्यूट में बीसीए प्रथम वर्ष की छात्रा अनुष्का जैन ने 37 हजार रुपये फीस जमा करके शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया। अब उसके खाते में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने एक रुपया भेज दिया है। शुल्क प्रतिपूर्ति में केवल एक रुपया मिलने पर छात्रा के साथ ही विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी भी चौंक गए। अब इसमें पत्राचार शुरू किया जा रहा है, जिससे समस्या का कोई समाधान हो।
केस दो
सहारनपुर में बीयूएमएस के छात्र को दिया एक रुपया
बेहट के रहने वाले आरिफ ने बताया कि वह एक विश्वविद्यालय से बीयूएमएस कर रहा है। विश्वविद्यालय में फीस जमा करने के बाद शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन किया। अब पता चला कि विभाग से उसके खाते में केवल एक रुपया आया है। एक रुपया देने का क्या मतलब है, वह खुद भी नहीं समझ सका। वह इस संबंध में विश्वविद्यालय में शिकायत करेगा।
- जिले के 137 विद्यार्थियों को शुल्क प्रतिपूर्ति में एक-एक रुपया मिला है। इसके लिए ऑनलाइन फार्म भरे जाते हैं। किस स्तर से चूक हुई है, इसका पता कराया जा रहा है। जिससे मुख्यालय को अवगत कराकर समस्या का समाधान कराया जाए। - सुमन गौतम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सहारनपुर
यहां एक छात्रा को शुल्क प्रतिपूर्ति में एक रुपया मिला है। इस बारे में विभागीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और पत्र भी निदेशक को भेज दिया गया है। वहां से जांच के बाद स्थिति साफ होगी कि ऐसा कैसे हुआ है। - कैलाशचंद तिवारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बागपत