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दूसरे दिन भी बैंकों पर लटके रहे ताले

Sun, 02 Feb 2020 01:06 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 02 Feb 2020 01:06 AM IST
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On the second day, the locks kept hanging on the banks
बड़ौत (बागपत)। केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में शनिवार को बैंकों की हड़ताल जारी रही। दो दिन में करीबन 400 करोड़ रुपयों का कारोबार प्रभावित रहा। उधर, हड़ताल पर चल रहे बैंकों से संबंधित 90 से अधिक एटीएम के शटर भी गिरे रहे। इससे ग्राहकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग नगदी निकालने को लेकर इधर से उधर भटकते नजर आए।
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सभी सरकारी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी पूर्वाह्न 11 बजे सिंडिकेट बैंक शाखा के गेट पर एकत्र हुए तथा केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूएफबीयू के संयोजक विक्रम आर्य, हुरमेंद्र व सचिन ने बताया कि सरकार की अव्यवहारिक एवं श्रमिक विरोधी नीतियों के कारण देश की विकास दर पांच प्रतिशत से भी नीचे आ गई है। उद्योग जगत भयंकर मंदी के चपेट में है। बेरोजगारी की दर भी बढ़ रही है। यूएफबीयू के संयोजक विक्रम आर्य ने बताया कि हड़ताल से दो दिन में करीब 400 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। सोमवार से बैंक यथावत खुलेंगे। इस अवसर पर नीरज, राजेश कुमार, भूपेंद्र, अधीर कुमार भारती, अभिषेक, ओमशंकर, सचिन, दीपक कुमार, मोहम्मद नवाज, मुकेश, सचिन पंवार, सन्नी आदि मौजूद रहे।
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ग्राहकों को उठानी पड़ी दिक्कतें
बड़ौत। बैंकों की हड़ताल का असर एटीएम पर भी देखने को मिला। ज्यादातर एटीएम पहले ही दिन कैशलेस हो गए। जिन इक्का-दुक्का एटीएम में कैश था, वहां लंबी कतार लगी हुई थी। पैसे निकालने को लेकर लोगों के बीच नोंकझोंक होती दिखी। दो दिन तक चलने वाली बैंक की हड़ताल के मद्देनजर जहां खाताधारक एक-एक पैसे के लिए भागदौड़ करते दिखे, वहीं एटीएम भी शोपीस बनकर रह गए।
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ये हैं बैंक कर्मियों की मांगे
1- पर्याप्त लोडिंग के साथ वेतन पर्ची घटकों पर बीस प्रतिशत वृद्धि पर वेतन पुनरीक्षण समझौता।
2- पांच दिवसीय बैंकिंग।
3- मूल वेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय।
4- नई पेंशन योजना (एनपीएस) को समाप्त करें।
5- पेंशन का अद्यतनीकरण।
6- पारिवारिक पेंशन में सुधार।
7- परिचालन लाभ के आधार पर कर्मचारी कल्याण कोष को आवंटन।
8- बिना सीमा के सेवानिवृत्त लाभों पर आयकर से छूट।
9- शाखाओं में कारोबार के समय भोजनावकाश आदि का एक समान निर्धारण।
10- अवकाश बैंक की शुरूआत।
11- अधिकारियों के लिए निश्चित काम के घंटे।
12- ठेका कर्मचारियों/ बिजनेस कोरेस्पोंडेंट्स के लिए समान काम के लिए समान वेतन।
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