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खेकड़ा के मोहल्ला चक्रसेनपुर में मां की तेहरवी के दिन पुत्र ने भी तोड़़ा दम
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मां की तेरहवीं के दिन सदमे में पुत्र ने भी तोड़ा दम
खेकड़ा (बागपत) मोहल्ला चक्रसेनपुर में परिजनों और रिश्तेदारों के साथ मां की तेरहवीं के दौरान सदमे में आए पुत्र ने भी दम तोड़ दिया। पहले से ही गम में डूबे परिजनों और रिश्तेदारों ने गमगीन माहौल में मृतक का अंतिम संस्कार करना पड़ा।
मोहल्ला चक्रसेनपुर के निवासी नंदराम की पत्नी बिरमो देवी का 10 अक्तूबर को 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वह पुत्र-पुत्री के साथ नाती पोतों का भरा पूरा परिवार छोड़ गई है। 20 अक्तूबर को उनकी तेरहवीं थी। परिवार के सभी लोग बृहस्पतिवार को दिन निकलते ही तेरहवीं की रस्म को पूरा कराने लिए जुटे थे। लेकिन तेरहवीं का हवन शुरू होने वाला था कि सदमे में आए पुत्र यशपाल की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। तेरहवीं की रस्म बीच में रोककर गमगीन माहौल में मृतक यशपाल सिंह का अंतिम संस्कार करना पड़ा। मां के गम में पुत्र की मौत पर लोग परिवार को सांत्वना देने में दिन भर जुटे रहे।
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खेकड़ा (बागपत) मोहल्ला चक्रसेनपुर में परिजनों और रिश्तेदारों के साथ मां की तेरहवीं के दौरान सदमे में आए पुत्र ने भी दम तोड़ दिया। पहले से ही गम में डूबे परिजनों और रिश्तेदारों ने गमगीन माहौल में मृतक का अंतिम संस्कार करना पड़ा।
मोहल्ला चक्रसेनपुर के निवासी नंदराम की पत्नी बिरमो देवी का 10 अक्तूबर को 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वह पुत्र-पुत्री के साथ नाती पोतों का भरा पूरा परिवार छोड़ गई है। 20 अक्तूबर को उनकी तेरहवीं थी। परिवार के सभी लोग बृहस्पतिवार को दिन निकलते ही तेरहवीं की रस्म को पूरा कराने लिए जुटे थे। लेकिन तेरहवीं का हवन शुरू होने वाला था कि सदमे में आए पुत्र यशपाल की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों और रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। तेरहवीं की रस्म बीच में रोककर गमगीन माहौल में मृतक यशपाल सिंह का अंतिम संस्कार करना पड़ा। मां के गम में पुत्र की मौत पर लोग परिवार को सांत्वना देने में दिन भर जुटे रहे।
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