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Baghpat News: महिलाओं के जख्मों पर लगाना था मरहम, छिड़क दिया नमक
Mon, 02 Jun 2025 12:56 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Mon, 02 Jun 2025 12:56 AM IST
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बागपत। पति को खोने का दर्द झेल रही महिलाओं के जख्मों पर सरकार ने पारिवारिक लाभ योजना से मरहम लगाने का प्रयास किया। मगर अफसरों ने इन महिलाओं के जख्मों पर नमक छिड़क दिया और अपनी लापरवाही छिपाने के लिए 1700 आवेदनों को ब्लॉक कर दिया। इनको अनब्लॉक कराने के लिए कार्यालय आने वाली आवेदकों के घर जाकर पांच-पांच हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। ऐसे अभी तक 20 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।
विधवा महिलाओं के लिए प्रदेश सरकार ने पारिवारिक लाभ योजना चलाई हुई है। यदि किसी महिला के पति का 60 वर्ष की आयु से पहले निधन हो जाता है तो महिला को योजना के तहत एक बार 30 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके लिए छह माह के अंदर आवेदन करना होता है।
मगर यहां आवेदन करने वाली 1700 महिलाओं को समाज कल्याण विभाग से लाभ नहीं दिया गया। आवेदन जमा होते चले गए तो सीएम डेस्क बोर्ड पर रैंक गिरती चली गई। इससे बचने के लिए अधिकारियों ने इन सभी आवेदनों को ब्लॉक कर दिया।
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उनको अनब्लाॅक कराने के लिए महिलाओं को समाज कल्याण विभाग कार्यालय में भटकना पड़ रहा है और इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। nकार्यालय से डाटा हो रहा लीक, घर पहुंचकर मांग रहे रुपये : समाज कल्याण विभाग से कर्मचारी ही आवेदकों का डाटा लीक कर रहे हैं। इसके बाद दलाल लाभार्थी के घर पहुंचते हैं और लाभ दिलाने के लिए पांच हजार रुपये की मांग करते हैं। यदि पांच हजार रुपये नहीं दिए जाते हैं तो उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाता है। संवाद
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विधवा महिलाओं के लिए प्रदेश सरकार ने पारिवारिक लाभ योजना चलाई हुई है। यदि किसी महिला के पति का 60 वर्ष की आयु से पहले निधन हो जाता है तो महिला को योजना के तहत एक बार 30 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके लिए छह माह के अंदर आवेदन करना होता है।
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मगर यहां आवेदन करने वाली 1700 महिलाओं को समाज कल्याण विभाग से लाभ नहीं दिया गया। आवेदन जमा होते चले गए तो सीएम डेस्क बोर्ड पर रैंक गिरती चली गई। इससे बचने के लिए अधिकारियों ने इन सभी आवेदनों को ब्लॉक कर दिया।
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उनको अनब्लाॅक कराने के लिए महिलाओं को समाज कल्याण विभाग कार्यालय में भटकना पड़ रहा है और इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। nकार्यालय से डाटा हो रहा लीक, घर पहुंचकर मांग रहे रुपये : समाज कल्याण विभाग से कर्मचारी ही आवेदकों का डाटा लीक कर रहे हैं। इसके बाद दलाल लाभार्थी के घर पहुंचते हैं और लाभ दिलाने के लिए पांच हजार रुपये की मांग करते हैं। यदि पांच हजार रुपये नहीं दिए जाते हैं तो उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाता है। संवाद