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Baghpat News: युवाओं के सपनाें पर अफसरों ने लगाया ग्रहण, नहीं बना सिंथेटिक ट्रैक
Tue, 31 Dec 2024 12:42 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Tue, 31 Dec 2024 12:42 AM IST
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बागपत। केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह ने युवाओं के सपनों को पंख लगाने के लिए पहला सिंथेटिक ट्रैक बनवाने को 84 लाख रुपये का बजट दिया। मगर, अफसरों ने युवाओं के सपने पर ग्रहण लगा दिया और ट्रैक बनवाने की जगह ग्रामीण अभियंत्रण विभाग उस रुपये को दबाकर बैठ गया। एक्सईएन ने उसका टेंडर तक नहीं छोड़ा तो अब रुपये वापस लिए जाएंगे।
केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह ने अपनी पूरी निधि को केवल खेल सुविधाओं के लिए खर्च करने की बात कही थी। इसके तहत ही जयंत ने छपरौली के विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 200 मीटर का सिंथेटिक ट्रैक बनवाने का प्रस्ताव दिया था। इसका सबसे बड़ा कारण बताया गया था कि यहां सिंथेटिक ट्रैक नहीं होने से युवाओं को पुलिस व सेना की भर्ती की तैयारी करने में परेशानी होती है।
वह भर्ती में पिछड़ रहे हैं और वह ट्रैक पर अभ्यास करेंगे तो भर्ती में आगे रह सकते हैं। ट्रैक बनवाने को लेकर एक साल तक खींचतान होती रही और अब दो महीने पहले प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर करीब 84 लाख रुपये निर्माण संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को दिए। यह ट्रैक तीन महीने में बनाया जाना था।
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मगर, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की एक्सईएन दो महीने में ट्रैक निर्माण के लिए टेंडर तक नहीं छोड़ सकी। इस स्थिति को देखते हुए अब ट्रैक निर्माण का कार्य संस्था बदलकर एचएसआईडीसी से कराया जाएगा। इसके लिए पत्र भी जारी कर दिया गया है।
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केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह ने अपनी पूरी निधि को केवल खेल सुविधाओं के लिए खर्च करने की बात कही थी। इसके तहत ही जयंत ने छपरौली के विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में 200 मीटर का सिंथेटिक ट्रैक बनवाने का प्रस्ताव दिया था। इसका सबसे बड़ा कारण बताया गया था कि यहां सिंथेटिक ट्रैक नहीं होने से युवाओं को पुलिस व सेना की भर्ती की तैयारी करने में परेशानी होती है।
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वह भर्ती में पिछड़ रहे हैं और वह ट्रैक पर अभ्यास करेंगे तो भर्ती में आगे रह सकते हैं। ट्रैक बनवाने को लेकर एक साल तक खींचतान होती रही और अब दो महीने पहले प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर करीब 84 लाख रुपये निर्माण संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को दिए। यह ट्रैक तीन महीने में बनाया जाना था।
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मगर, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की एक्सईएन दो महीने में ट्रैक निर्माण के लिए टेंडर तक नहीं छोड़ सकी। इस स्थिति को देखते हुए अब ट्रैक निर्माण का कार्य संस्था बदलकर एचएसआईडीसी से कराया जाएगा। इसके लिए पत्र भी जारी कर दिया गया है।