फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Officers declassified enemy property

Baghpat: शत्रु संपत्ति के कर दिए बैनामे, अब जांच के बाद भी मामले की दबाने में लगे अधिकारी

Wed, 20 Sep 2023 01:45 AM IST
नोएडा ब्यूरो अंकित चौहान, अमर उजाला, बागपत
अंकित चौहान, अमर उजाला, बागपत Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Wed, 20 Sep 2023 01:45 AM IST
सार

जिस शत्रु संपत्ति को जब्त करने के लिए शासन को फाइल भेजी हुई है। अफसरों ने उस शत्रु संपत्ति के बैनामे कर दिए। इसकी शिकायत होने पर जांच कराई तो उसमें पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद भी कार्रवाई करने की जगह मामले को दबा दिया गया।

विज्ञापन
Officers declassified enemy property
भूमि - फोटो : अरम उजाला

विस्तार

जिस शत्रु संपत्ति को जब्त करने के लिए शासन को फाइल भेजी हुई है। अफसरों ने उस शत्रु संपत्ति के बैनामे कर दिए। इसकी शिकायत होने पर जांच कराई तो उसमें पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद भी कार्रवाई करने की जगह मामले को दबा दिया गया।
विज्ञापन


बागपत शहर में शत्रु संपत्ति की वर्ष 2022 में तलाश शुरू कराई गई तो सबसे ज्यादा शत्रु संपत्ति यमुना पक्का घाट के पास मिली। यह जमीन जिन लोगों के नाम थी, वह पाकिस्तान चले गए थे। इसलिए ही प्रशासन ने खसरा संख्या के आधार पर जमीन को शत्रु संपत्ति घोषित करके जब्त करने के लिए फाइल शासन को भेजी थी। यह कार्रवाई मार्च 2022 में की गई थी। लेकिन उसके बाद अगस्त 2022 में उन खसरा संख्या की जमीनों के उप निबंधक कार्यालय में बैनामे हो गए। इसका खुलासा तब हुआ, जब पिछले महीने इसकी शिकायत हुई और जांच कराई गई। जिसमें तहसील प्रशासन ने खुद बताया कि किस जगह पर शत्रु संपत्ति है।
विज्ञापन


 अब जांच के बाद भी मामले की दबाने में लगे अधिकारी
शत्रु संपत्ति के बैनामे करने का मामला जानकारी में आने पर ईदगाह मोहल्ले के रहने वाले नजाकत ने एडीएम के पास शिकायत की। जिसकी जांच करके लेखपाल ने अपनी पूरी रिपोर्ट दी। उसमें कहा गया कि जिन लोगों पर बैनामे करने का आरोप लगाया गया है, उनको चेतावनी दी गई है। जबकि सबूत के तौर पर बैनामे भी उपलब्ध कराए गए। इस तरह से शत्रु संपत्ति के मामले में तहसील के अधिकारियों ने लीपापोती कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


 एसडीएम कार्यालय से पहले ही कागज गायब
शत्रु संपत्ति की जांच करने के लिए वर्ष 2000 के आसपास भी कार्रवाई शुरू की गई और उसके लिए पत्र भी जारी किए गए। लेकिन वह पत्र एसडीएम कार्यालय में पहुंचकर गायब होते रहे। इसका खुलासा तब हुआ, जब शत्रु संपत्ति की जांच की गई तो कलक्ट्रेट से पत्र जारी किए हुए मिले और वह एसडीएम कार्यालय से गायब मिले। ऐसी करीब पांच फाइलें हैं जो गायब की गईं।

 यह मामला अभी जानकारी में नहीं कि शत्रु संपत्ति के बैनामे कैसे हुए। यह अब जानकारी में आया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। - जितेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed