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बागपत: सांसद निधि के 13.46 लाख रुपये खर्च नहीं कर सके अफसर
Sun, 19 Feb 2023 12:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
Updated Sun, 19 Feb 2023 12:09 AM IST
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बागपत। सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत केंद्र से जिले को आवंटित किए बजट के 13.46 लाख रुपये खर्च नहीं हो पाए। वह अब केंद्र सरकार को वापस भेजे जाएंगे। जिसके लिए जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग ने शेष धनराशि की वापसी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत केंद्र सरकार ने जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग को बजट आवंटित किया था। जिसके लिए प्रस्ताव मिलने पर बजट ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को भेज दिया था। जिसमें जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग के परियोजना निदेशक विद्यानाथ शुक्ल ने बताया कि आवंटित बजट से 16वीं लोकसभा में स्वीकृत सभी कार्य पूर्ण हो चुके है।
जिसमें 13.46 लाख रुपये अभी शेष बचे हुए हैं, जो उस समय खर्च नहीं हो सके। शासन ने 16वीं लोकसभा का खाता बंद करने के आदेश जारी किए है। जिसके चलते जिला ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के खाते में शेष सांसद निधि के 13 लाख 46 हजार रुपये वापस भेजे जाएंगे। उन्होंने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर शेष बजट वापस भेजने के लिए कहा। साथ ही पूर्ण कराए गए कार्यों के हस्तानांतरण प्रमाणपत्र भी भेजने के निर्देश दिए।
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तभी खर्च हो सकता था बजट
इस पूरे मामले में अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आ रही है। अगर वर्ष 2014-19 के बीच का बजट तब बचा हुआ था तो उसे सांसद के कार्यकाल के आखिरी समय में बताया जा सकता था और उनसे कार्यों के प्रस्ताव लिए जा सकते थे। लेकिन तब प्रस्ताव तक नहीं लिए गए और वह बजट खाते में बचा रहा। जिसको अब विकास कार्य कराने की जगह वापस लौटाना पड़ेगा।
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सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत केंद्र सरकार ने जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग को बजट आवंटित किया था। जिसके लिए प्रस्ताव मिलने पर बजट ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को भेज दिया था। जिसमें जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग के परियोजना निदेशक विद्यानाथ शुक्ल ने बताया कि आवंटित बजट से 16वीं लोकसभा में स्वीकृत सभी कार्य पूर्ण हो चुके है।
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जिसमें 13.46 लाख रुपये अभी शेष बचे हुए हैं, जो उस समय खर्च नहीं हो सके। शासन ने 16वीं लोकसभा का खाता बंद करने के आदेश जारी किए है। जिसके चलते जिला ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के खाते में शेष सांसद निधि के 13 लाख 46 हजार रुपये वापस भेजे जाएंगे। उन्होंने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर शेष बजट वापस भेजने के लिए कहा। साथ ही पूर्ण कराए गए कार्यों के हस्तानांतरण प्रमाणपत्र भी भेजने के निर्देश दिए।
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तभी खर्च हो सकता था बजट
इस पूरे मामले में अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आ रही है। अगर वर्ष 2014-19 के बीच का बजट तब बचा हुआ था तो उसे सांसद के कार्यकाल के आखिरी समय में बताया जा सकता था और उनसे कार्यों के प्रस्ताव लिए जा सकते थे। लेकिन तब प्रस्ताव तक नहीं लिए गए और वह बजट खाते में बचा रहा। जिसको अब विकास कार्य कराने की जगह वापस लौटाना पड़ेगा।