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किसानों पर दर्ज मुकदमे खत्म करने में बाधा बने अफसर

Mon, 21 Mar 2022 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Mar 2022 11:57 PM IST
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Officers became a hindrance in ending the cases filed against the farmers
किसानों पर दर्ज मुकदमे खत्म करने में बाधा बने अफसर
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बागपत। पिछले दो साल में पराली जलाने पर किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमों को खत्म करने में बागपत, बिजनौर और गाजियाबाद सहित 32 जिलों के अफसर बाधा बन रहे हैं। शासन के मांगने के बाद भी इन जिलों से रिपोर्ट नहीं भेजी गई। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने इस पर नाराजगी जाहिर की है और डीएम व एसपी को जल्द रिपोर्ट भेजने के लिए पत्र लिखा है।
प्रदेश में पराली जलाने के 868 मुकदमे दर्ज किए गए थे। प्रदेश सरकार ने गत वर्ष ये मुकदमे खत्म करने की घोषणा की थी। इसके बाद सभी जिलों से दर्ज मुकदमों और उनकी स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई थी। यह भी जानकारी देनी थी मुकदमें कोर्ट में पहुंच गए हैं या नहीं। 43 जिलों के अधिकारियों ने रिपोर्ट भेज दी। डीएम राजकमल यादव ने बताया कि बागपत से रिपोर्ट भेजने के लिए तैयार की गई थी। वह किस कारण से नहीं पहुंची है, इसका पता कराया जाएगा। संवाद
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पराली जलाने पर दर्ज हुए मामले
बागपत में करीब छह और सहारनपुर में 34 मामले दर्ज हुए थे। बिजनौर में तीन मामले दर्ज हुए थे, जिनमें आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया जा चुका है। शामली में 39 किसानों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे।
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इन जिलों के अफसरों ने नहीं भेजी रिपोर्ट
बागपत, बिजनौर, गाजियाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, आगरा, मथुरा, लखीमपुर खीरी, एटा, इटावा, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, आजमगढ़, मऊ, एटा, कासगंज, प्रयागराज, प्रतापगढ़, चंदौली, सोनभद्र, भदोही, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, बांदा, झांसी, जालौन।
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