...ओ मेरा पारस बड़ा ही भोला

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Sep 2021 11:38 PM IST
बड़ौत श्री 1008 पार्श्वनाथ मन्दिर में पूजा करते जैन श्रद्घालु।
बड़ौत श्री 1008 पार्श्वनाथ मन्दिर में पूजा करते जैन श्रद्घालु। - फोटो : BARAUT
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क्षमावाणी के साथ दशलक्षण पर्व का समापन, श्रद्धालुओं ने श्रीजी को अर्घ्य चढ़ाए
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/ बड़ौत/ अमीनगर सराय। दशलक्षण पर्व के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने श्रीजी का अर्घ्य चढ़ाकर क्षमावाणी की प्रार्थना की। शाम को धर्मसभा में जैन आचार्यों ने क्षमावाणी पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं को गलती करने पर क्षमा मांगने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में दशलक्षण व्रत करने वाले व विधान करने वाले श्रद्धालुओं को सम्मानित किया गया। बड़ौत में मानवी ने ‘ओ मेरा पारस बड़ा ही भोला है, देखू तो वह जग से निराला है’ सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। कस्बा अमीनगर नगर सराय में पर्व के समापन पर श्रीजी की शोभायात्रा निकाली गई।
बागपत नगर के श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में भगवान श्री पारसनाथ की प्रतिमा को मंदिर प्रांगण में पांडुक शिला पर विराजमान कर भगवान का अभिषेक और शांति धारा कराई गई। शांतिधारा करने का सौभाग्य पियूष जैन, पालकी जैन, चिराग जैन, नीरज जैन, धीरज जैन, ऋषभ जैन, मुन्ना जैन को प्राप्त हुआ। इसके उपरांत क्षमावाणी पर्व की पूजा हुई। श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रांगण में विराजमान श्री पारसनाथ भगवान के सम्मुख क्षमावाणी पर्व के अर्घ्य समर्पित किए। मयंक जैन ने कहा कि जाने अनजाने में कोई गलती करते है तो हमें उसकी क्षमा मांग लेनी चाहिए और हमेशा क्षमा भाव रखना चाहिए। संध्या कालीन कार्यक्रमो में सर्व प्रथम 48 दिवसीय भक्ताम्बर स्त्रोत का पाठ किया गया। सकल जैन समाज बागपत, जैन सेवा संघ, कपिल जैन, आलोक जैन ने विधान करने वाले और दशलक्षण व्रत करने वाले श्रद्धालुओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में पंकज जैन , कोषाध्यक्ष पियुष जैन, प्रबंधक मुन्ना जैन, मंत्री अतुल जैन, संजीव जैन विनीत जैन सार्थक जैन ऋषभ जैन, यश, तरुण, विकास, कमल, अनमोल, कामिनी जैन, सुषमा जैन, सुशीला जैन, पालकी जैन, बबीता जैन आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।

बड़ौत में श्री 1008 पार्श्वनाथ मंदिर में विधानाचार्य पंडित नेमचंद के दिशा निर्देशन में प्रासुक जल द्वारा श्री जी का प्रक्षालन अभिषेक सौधर्म इंद्र सतेंद्र जैन, कुबेर इंद्र अमित जैन, नायक ऋषभ जैन, महेंद्र इंद्र अतिशय जैन द्वारा किया गया। इसके उपरांत सरस्वती पूजा व क्षमावाणी की पूजा की गई। पंडित नेमचंद ने कहा कि क्षमा करने से क्षमा मांगने से कोई छोटा नहीं होता। भजन संध्या का शुभारंभ पंडित नेमचंद ने मंगलचरण से किया। प्रदीप जैन ने ‘मेरी डोली लेकर चले बोलो बंधु इधर-उधर’, संयम जैन ने ‘वो भी बाबा कहते है हम भी बाबा कहते है’ सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। ममता, स्वीटी, मोनिका ने भी भजन पर भक्ति भाव से नृत्य किया। कलाकारों को ऋषभ जैन द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप जैन ने किया। अंत में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सतेंद्र जैन ने विधानाचार्य व समस्त पुजारियों एवं विधान में लगने वाले भक्तों व श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। मीडिया प्रभारी आदिश जैन ने बताया कि हिमांशु जैन ने पूरे भादो माह में बीस दिन तक एकासन की तथा दस दिन तक चौबीस घंटे में सिर्फ एक बार पानी लेकर दशलक्षण व्रत रखा। कार्यक्रम में सतेंद्र जैन, नरेश, अनिल, आदिश, पवन, राजीव, संयम मुकेश, अमन, राजेश का योगदान रहा।

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