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कोरोना वायरस के खौफ से पोषण पखवाड़ा हुआ कुपोषित
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बड़ौत (बागपत)। कोरोना वायरस के कारण पोषण पखवाडे़ स्थगित कर दिया गया है। इसके अंतर्गत स्वयं सहायता समूह की बैठक और पोषण दौड़ सहित कई कार्यक्रम होने थे।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक शत्रुघन सिंह ने विभागीय अफसरों को पत्र भेजकर आठ से 22 मार्च तक पोषण पखवाड़ा मनाने का रोस्टर जारी किया था। इससे पुरुषों की सहभागिता को ध्यान में रखा गया। अभियान को सफल बनाने के लिए आईसीडीएस, शिक्षा, पंचायती राज, स्वास्थ्य, उद्यान, राष्ट्रीय आजीविका मिशन आदि विभागों को शामिल किया गया। पहले दिन जिलास्तर व इसके एक-दो दिन बाद तहसील व ब्लाक स्तर पर पोषण पखवाड़े की लांचिग होने का जिक्र दिवसवार कैलेंडर में है। किशोरियों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच काउंटर, 11-14 साल की स्कूल न जाने वाली किशोरियों की जांच व पोषण एवं स्वास्थ्य परामर्श सभी उपकेन्द्रों पर एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रधान के साथ बैठक होनी थी। इसके बाद हर रोज 22 मार्च तक अलग-अलग कार्यक्रम होने थे, लेकिन ये कार्यक्रम नहीं हुए।
ये प्रोग्राम थे प्रस्तावित
बड़ौत। बच्चों का वजन, स्वयं सहायता समूह की बैठक, कार्यकत्रियों का गृह भ्रमण, किसानों की बैठक, व्यंजन प्रतियोगिता, पुष्टाहार वितरण, चौपाल, पोषण दौड़ प्रतियोगिता, सफाई कर्मी व स्वच्छाग्राही को सम्मानित करना आदि गतिविधियों होनी थी।
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क्या बोली सीडीपीओ
बाल विकास परियोजना अधिकारी बड़ौत सारधा और बाल विकास परियोजना अधिकारी छपरौली जानकी देवी का कहना था कि इस समय पूरे देश मेें कोरोना वायरस का प्रकोप चल रहा है। इसकी वजह से पूरी तरह से पोषण पखवाड़ा नहीं मनाया गया। आला अधिकारियों के आदेशों के अनुसार कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
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बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक शत्रुघन सिंह ने विभागीय अफसरों को पत्र भेजकर आठ से 22 मार्च तक पोषण पखवाड़ा मनाने का रोस्टर जारी किया था। इससे पुरुषों की सहभागिता को ध्यान में रखा गया। अभियान को सफल बनाने के लिए आईसीडीएस, शिक्षा, पंचायती राज, स्वास्थ्य, उद्यान, राष्ट्रीय आजीविका मिशन आदि विभागों को शामिल किया गया। पहले दिन जिलास्तर व इसके एक-दो दिन बाद तहसील व ब्लाक स्तर पर पोषण पखवाड़े की लांचिग होने का जिक्र दिवसवार कैलेंडर में है। किशोरियों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच काउंटर, 11-14 साल की स्कूल न जाने वाली किशोरियों की जांच व पोषण एवं स्वास्थ्य परामर्श सभी उपकेन्द्रों पर एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रधान के साथ बैठक होनी थी। इसके बाद हर रोज 22 मार्च तक अलग-अलग कार्यक्रम होने थे, लेकिन ये कार्यक्रम नहीं हुए।
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ये प्रोग्राम थे प्रस्तावित
बड़ौत। बच्चों का वजन, स्वयं सहायता समूह की बैठक, कार्यकत्रियों का गृह भ्रमण, किसानों की बैठक, व्यंजन प्रतियोगिता, पुष्टाहार वितरण, चौपाल, पोषण दौड़ प्रतियोगिता, सफाई कर्मी व स्वच्छाग्राही को सम्मानित करना आदि गतिविधियों होनी थी।
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क्या बोली सीडीपीओ
बाल विकास परियोजना अधिकारी बड़ौत सारधा और बाल विकास परियोजना अधिकारी छपरौली जानकी देवी का कहना था कि इस समय पूरे देश मेें कोरोना वायरस का प्रकोप चल रहा है। इसकी वजह से पूरी तरह से पोषण पखवाड़ा नहीं मनाया गया। आला अधिकारियों के आदेशों के अनुसार कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।