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अब बिना इंटरनेट के भी बच्चें कर सकेंगे पढ़ाई
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शासन ने लांच किया बिना इंटरनेट से चलने वाला रीड अलांग एप
एप पर कहानियों के अलावा बच्चों के मनोरंज की सामग्री उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की शिक्षा के लिए रीड अलांग एप लांच किया गया है। यह एप बिना इंटरनेट के चलता है। एप पर कक्षा एक से आठवीं तक की सामग्री उपलब्ध है। एप पर कहानियों के अलावा बच्चों के मनोरंज की सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।
लॉकडाउन में बच्चों को शिक्षण कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से व्हाट्सएप पर वर्चुअल कक्षाओं का शुभारंभ किया गया था। एंड्राइड व इंटरनेट की समस्या के कारण बच्चों का शिक्षण प्रभावित हो रहा था। अब शासन ने रीड अलांग एप लांच किया है। इस एप का संचालन बिना नेट के किया जा सकता है। इस पर हिंदी और इंगलिश भाषा में बच्चों को शिक्षण कराने के लिए पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया गया है। मनोरंजन, कहानियां के माध्यम से शिक्षण कराने की सामग्री भी उपलब्ध है।
बीएसए राजीव रंजन मिश्र ने बताया कि जिन क्षेत्रों में इंटरनेट की समस्या है, उन क्षेत्रों के बच्चों के लिए एप ज्यादा उपयोगी साबित होगा। सभी खंड शिक्षाधिकारियों एवं विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बच्चों को रीड अलांग एप के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए गए है।
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एप पर कहानियों के अलावा बच्चों के मनोरंज की सामग्री उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की शिक्षा के लिए रीड अलांग एप लांच किया गया है। यह एप बिना इंटरनेट के चलता है। एप पर कक्षा एक से आठवीं तक की सामग्री उपलब्ध है। एप पर कहानियों के अलावा बच्चों के मनोरंज की सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है।
लॉकडाउन में बच्चों को शिक्षण कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से व्हाट्सएप पर वर्चुअल कक्षाओं का शुभारंभ किया गया था। एंड्राइड व इंटरनेट की समस्या के कारण बच्चों का शिक्षण प्रभावित हो रहा था। अब शासन ने रीड अलांग एप लांच किया है। इस एप का संचालन बिना नेट के किया जा सकता है। इस पर हिंदी और इंगलिश भाषा में बच्चों को शिक्षण कराने के लिए पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया गया है। मनोरंजन, कहानियां के माध्यम से शिक्षण कराने की सामग्री भी उपलब्ध है।
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बीएसए राजीव रंजन मिश्र ने बताया कि जिन क्षेत्रों में इंटरनेट की समस्या है, उन क्षेत्रों के बच्चों के लिए एप ज्यादा उपयोगी साबित होगा। सभी खंड शिक्षाधिकारियों एवं विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बच्चों को रीड अलांग एप के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए गए है।
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