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अब पुलिस को जावेद के आका की तलाश
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बागपत:::::: पुलिस मुठभेड में ढेर हुए एक लाख के इनामी बदमाश जावेद का फाइल फोटो।
- फोटो : BARAUT
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- मुठभेड़ में ढेर हुए एक लाख के इनामी जावेद के गैंग, सदस्यों और कारबाइन की चल रही पड़ताल
- फरार हुए 50 हजार के इनामी हाशिम की तलाश भी तेज हुई
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत/बड़ौत। पुलिस मुठभेड़ में मारा गया लोनी का जावेद दिल्ली से बागपत के बीच एक के बाद एक आपराधिक वारदात अंजाम दे रहा था। पुलिस जांच कर रही है कि उसका ताल्लुक किस गैंग से है। बरामद हुई कारबाइन उसके पास तक कैसे पहुंची। फरार 50 हजार के इनामी हाशिम की तलाश भी तेज हो गई है।
बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार की रात मंडी बाईपास पर पुलिस मुठभेड़ में गाजियाबाद के लोनी निवासी जावेद उर्फ राशिद मारा गया था। बिना नंबर की सेंट्रो कार से एक पिस्टल .30 बोर, कारबाइन 9 एमएम बोर, 31 कारतूस और नौ खोखे बरामद हुए थे। उसका साथी 50 हजार रुपये का इनामी हाशिम भागने में कामयाब हो गया था। जांच की जा रही है कि जावेद कौन से गैंग से जुड़ा हुआ था। अगर वह खुद सरगना था तो उसके गैंग में कौन-कौन सदस्य हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि उसने कारबाइन कहां से हासिल की। एसपी अभिषेक सिंह का कहना है कि प्रत्येक बिंदु पर जांच चल रही है। कारबाइन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जावेद पर दिल्ली, गाजियाबाद और बागपत के थानों में मुकदमे दर्ज हैं।
कारबाइन लेकर कहां जा रहा था जावेद
बड़ौत। दिल्ली पुलिस के सिपाही मनीष यादव की हत्या करने का आरोपी जावेद आखिर किस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए बड़ौत आया था। पुलिस जावेद के फरार साथी 50 हजार के इनामी हाशिम की तलाश में जुटी है। इसके लिए चार टीमों का गठन किया गया है। उसकी धरपकड़ के बाद ही राज का पर्दाफाश हो सकेगा।
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शाम छह बजे घर से निकला था जावेद
बागपत। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद जावेद का शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भाई आबिद ने बताया कि मंगलवार शाम छह बजे वह घर से अकेला निकला था। उन्हें जानकारी नहीं है कि वह किसके साथ और कहां गया था। छह साल पहले उसका निकाह शबनम के साथ हुआ था।
बाल-बाल बचे बड़ौत इंस्पेक्टर और दिल्ली पुलिस के एसआई
बड़ौत। मुठभेड़ के दौरान जावेद ने गोली चलाई। दिल्ली पुलिस के एएसआई आदेश यादव व बड़ौत इंस्पेक्टर अजय शर्मा बुलेट प्रूफ जैकेट की वजह से बाल-बाल बच गए। दोनों की जैकेट पर गोली लगी।
डालूहेड़ा की मनीष यादव की कर दी थी हत्या
बड़ौत। सीओ आलोक कुमार ने बताया कि जावेद ने दिल्ली पुलिस के सिपाही मनीष यादव की नौ सितंबर 2020 को सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र में लूट के दौरान हत्या कर दी थी। इससे पूर्व जावेद ने अपने साथियों के साथ 27 जुलाई को दिल्ली के सेंटर ड्रिस्ट्रिक्ट थाना क्षेत्र में डीसीपी संजय भाटिया पर भी जानलेवा हमला किया था। इसमें डीसीपी बाल-बाल बच गए थे।
तीन साल में शातिर अपराधी बन गया था जावेद
बागपत। लोनी का जावेद तीन साल में शातिर अपराधी बन गया। उसके ऊपर 19 मुकदमे दर्ज थे। पहला मुकदमा दिल्ली के महरौली थाने में साल 2017 में दर्ज हुआ था। चार मुकदमे महरौली थाने में एक के बाद एक दर्ज हुए। इसके बाद गाजियाबाद और बागपत के सिंघावली अहीर और बालैनी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। गाजियाबाद से सटे बागपत जिले के क्षेत्र में वह वारदात अंजाम देकर वापस भाग जाता था। बंथला मार्ग पर लूट की वारदात की थी। 2020 में दिल्ली पुलिस के सिपाही मनीष यादव को रोककर लूटपाट की कोशिश की थी। लूट के बाद सिपाही की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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- फरार हुए 50 हजार के इनामी हाशिम की तलाश भी तेज हुई
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत/बड़ौत। पुलिस मुठभेड़ में मारा गया लोनी का जावेद दिल्ली से बागपत के बीच एक के बाद एक आपराधिक वारदात अंजाम दे रहा था। पुलिस जांच कर रही है कि उसका ताल्लुक किस गैंग से है। बरामद हुई कारबाइन उसके पास तक कैसे पहुंची। फरार 50 हजार के इनामी हाशिम की तलाश भी तेज हो गई है।
बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार की रात मंडी बाईपास पर पुलिस मुठभेड़ में गाजियाबाद के लोनी निवासी जावेद उर्फ राशिद मारा गया था। बिना नंबर की सेंट्रो कार से एक पिस्टल .30 बोर, कारबाइन 9 एमएम बोर, 31 कारतूस और नौ खोखे बरामद हुए थे। उसका साथी 50 हजार रुपये का इनामी हाशिम भागने में कामयाब हो गया था। जांच की जा रही है कि जावेद कौन से गैंग से जुड़ा हुआ था। अगर वह खुद सरगना था तो उसके गैंग में कौन-कौन सदस्य हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि उसने कारबाइन कहां से हासिल की। एसपी अभिषेक सिंह का कहना है कि प्रत्येक बिंदु पर जांच चल रही है। कारबाइन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जावेद पर दिल्ली, गाजियाबाद और बागपत के थानों में मुकदमे दर्ज हैं।
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कारबाइन लेकर कहां जा रहा था जावेद
बड़ौत। दिल्ली पुलिस के सिपाही मनीष यादव की हत्या करने का आरोपी जावेद आखिर किस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए बड़ौत आया था। पुलिस जावेद के फरार साथी 50 हजार के इनामी हाशिम की तलाश में जुटी है। इसके लिए चार टीमों का गठन किया गया है। उसकी धरपकड़ के बाद ही राज का पर्दाफाश हो सकेगा।
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शाम छह बजे घर से निकला था जावेद
बागपत। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद जावेद का शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भाई आबिद ने बताया कि मंगलवार शाम छह बजे वह घर से अकेला निकला था। उन्हें जानकारी नहीं है कि वह किसके साथ और कहां गया था। छह साल पहले उसका निकाह शबनम के साथ हुआ था।
बाल-बाल बचे बड़ौत इंस्पेक्टर और दिल्ली पुलिस के एसआई
बड़ौत। मुठभेड़ के दौरान जावेद ने गोली चलाई। दिल्ली पुलिस के एएसआई आदेश यादव व बड़ौत इंस्पेक्टर अजय शर्मा बुलेट प्रूफ जैकेट की वजह से बाल-बाल बच गए। दोनों की जैकेट पर गोली लगी।
डालूहेड़ा की मनीष यादव की कर दी थी हत्या
बड़ौत। सीओ आलोक कुमार ने बताया कि जावेद ने दिल्ली पुलिस के सिपाही मनीष यादव की नौ सितंबर 2020 को सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र में लूट के दौरान हत्या कर दी थी। इससे पूर्व जावेद ने अपने साथियों के साथ 27 जुलाई को दिल्ली के सेंटर ड्रिस्ट्रिक्ट थाना क्षेत्र में डीसीपी संजय भाटिया पर भी जानलेवा हमला किया था। इसमें डीसीपी बाल-बाल बच गए थे।
तीन साल में शातिर अपराधी बन गया था जावेद
बागपत। लोनी का जावेद तीन साल में शातिर अपराधी बन गया। उसके ऊपर 19 मुकदमे दर्ज थे। पहला मुकदमा दिल्ली के महरौली थाने में साल 2017 में दर्ज हुआ था। चार मुकदमे महरौली थाने में एक के बाद एक दर्ज हुए। इसके बाद गाजियाबाद और बागपत के सिंघावली अहीर और बालैनी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। गाजियाबाद से सटे बागपत जिले के क्षेत्र में वह वारदात अंजाम देकर वापस भाग जाता था। बंथला मार्ग पर लूट की वारदात की थी। 2020 में दिल्ली पुलिस के सिपाही मनीष यादव को रोककर लूटपाट की कोशिश की थी। लूट के बाद सिपाही की गोली मारकर हत्या कर दी थी।