{"_id":"5f3191978ebc3e3ccc5f6721","slug":"now-anganwadi-workers-will-also-have-to-do-diploma-baraut-news-mrt4954996172","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी करना होगा डिप्लोमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी करना होगा डिप्लोमा
विज्ञापन
-नई शिक्षा नीति के तहत प्री- प्राइमरी कैडर तैयार करने पर जोर
-इंटर या उससे अधिक शिक्षित के लिए होगा छह माह का कोर्स
बड़ौत । सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू होने के साथ बेसिक स्तर के शिक्षक और आंगनबाड़ी कर्मियों को भी छह महीने और एक साल की विशेष प्रशिक्षण लेना होगा। 12वीं और इससे उच्च स्तर पर शिक्षितों को केवल छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स करना होगा। जबकि इससे कम शिक्षा वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक साल का डिप्लोमा कोर्स कराया जाएगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इसका प्रावधान किया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्री-प्राइमरी शिक्षा को खास तवज्जो दी गई है। पूर्व के फार्मूले की जगह सरकार ने बेसिक से माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा के लिए नया फार्मूला तैयार किया है। पहले पांच साल में तीन साल प्री-प्राइमरी के लिए और बाकी दो पहली और दूसरी कक्षा के लिए। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों के दिमाग का 85 प्रतिशत विकास छह साल की उम्र से पहले ही हो जाता है। यही वो समय होता है जिसमें उनके भविष्य की बुनियाद रखी जा सकती है। लेकिन प्री-प्राइमरी स्तर के छात्रों को शिक्षा से जोड़ना भी कम चुनौतीपूर्ण न होगा। आंगनबाड़ी स्तर पर बच्चों के पोषण और शारारिक गतिविधियों की लिए अनुकूल माहौल जरूर मिल जाता है, लेकिन की उनकी ऊर्जा को शिक्षा की ओर मोड़ने के लिए खास तकनीक की आवश्यकता होगी। इसके लिए प्री-प्राइमरी और पहली, दूसरी कक्षा स्तर के लिए शिक्षकों के लिए एक अलग कैडर की जरूरत है।
यह अपनाई जाएगी प्रक्रिया
1. एनसीइआरटी बनाएगा सर्टिफिकेट कोर्स और डिप्लोमा का पाठ्यक्रम।
2. सभी आंगनबाड़ी कर्मचारियों को कराया जाएगा यह विशेष प्रशिक्षण।
3. बेसिक कक्षाओं में पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए भी जरूरी होंगे दोनों कोर्स।
4. प्री-प्राइमरी से कक्षा दो तक के लिए एक पृथक कैडर का ढांचा होगा तैयार।
-इस प्रकार होगी पढ़ाई
दोनों कोर्स को आनलाइन और आफलाइन दोनों मोड में चलाया जाएगा। डिजिटल, डिस्टेंस एजुकेशन, डीटीएच चैनल के साथ स्मार्ट फोन के माध्यम से शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को इससे जोड़ा जाएगा। इससे वे अपना वर्तमान काम करते हुए अपनी नई क्षमता भी विकसित कर सकेंगे।
विज्ञापन
वर्जन
सरकार की ओर से ऐसी योजना पर कार्य किया जा रहा है। निर्देश मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
शारदा, बाल विकास परियोजना अधिकारी।
विज्ञापन
-इंटर या उससे अधिक शिक्षित के लिए होगा छह माह का कोर्स
बड़ौत । सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू होने के साथ बेसिक स्तर के शिक्षक और आंगनबाड़ी कर्मियों को भी छह महीने और एक साल की विशेष प्रशिक्षण लेना होगा। 12वीं और इससे उच्च स्तर पर शिक्षितों को केवल छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स करना होगा। जबकि इससे कम शिक्षा वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एक साल का डिप्लोमा कोर्स कराया जाएगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इसका प्रावधान किया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्री-प्राइमरी शिक्षा को खास तवज्जो दी गई है। पूर्व के फार्मूले की जगह सरकार ने बेसिक से माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा के लिए नया फार्मूला तैयार किया है। पहले पांच साल में तीन साल प्री-प्राइमरी के लिए और बाकी दो पहली और दूसरी कक्षा के लिए। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों के दिमाग का 85 प्रतिशत विकास छह साल की उम्र से पहले ही हो जाता है। यही वो समय होता है जिसमें उनके भविष्य की बुनियाद रखी जा सकती है। लेकिन प्री-प्राइमरी स्तर के छात्रों को शिक्षा से जोड़ना भी कम चुनौतीपूर्ण न होगा। आंगनबाड़ी स्तर पर बच्चों के पोषण और शारारिक गतिविधियों की लिए अनुकूल माहौल जरूर मिल जाता है, लेकिन की उनकी ऊर्जा को शिक्षा की ओर मोड़ने के लिए खास तकनीक की आवश्यकता होगी। इसके लिए प्री-प्राइमरी और पहली, दूसरी कक्षा स्तर के लिए शिक्षकों के लिए एक अलग कैडर की जरूरत है।
विज्ञापन
यह अपनाई जाएगी प्रक्रिया
1. एनसीइआरटी बनाएगा सर्टिफिकेट कोर्स और डिप्लोमा का पाठ्यक्रम।
2. सभी आंगनबाड़ी कर्मचारियों को कराया जाएगा यह विशेष प्रशिक्षण।
3. बेसिक कक्षाओं में पढ़ा रहे शिक्षकों के लिए भी जरूरी होंगे दोनों कोर्स।
4. प्री-प्राइमरी से कक्षा दो तक के लिए एक पृथक कैडर का ढांचा होगा तैयार।
-इस प्रकार होगी पढ़ाई
दोनों कोर्स को आनलाइन और आफलाइन दोनों मोड में चलाया जाएगा। डिजिटल, डिस्टेंस एजुकेशन, डीटीएच चैनल के साथ स्मार्ट फोन के माध्यम से शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को इससे जोड़ा जाएगा। इससे वे अपना वर्तमान काम करते हुए अपनी नई क्षमता भी विकसित कर सकेंगे।
विज्ञापन
वर्जन
सरकार की ओर से ऐसी योजना पर कार्य किया जा रहा है। निर्देश मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
शारदा, बाल विकास परियोजना अधिकारी।