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तेलंगाना की कंपनी को भेजा नोटिस, पांच दिन में मांगा जवाब
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रेमेडेसिविर इंजेक्शन की तस्करी का मामला
19 मई को पकड़े गए थे रेमेडेसिविर के 60 इंजेक्शन, पिता-पुत्र सहित तीन हुए थे गिरफ्तार
इंजेक्शन के रेपर पर मिला था तेलंगाना राज्य की एक कंपनी का रेपर
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। रेमेडेसिविर इंजेक्शन की तस्करी के मामले में अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने तेलंगाना राज्य की कंपनी को नोटिस भेजा है। पकड़े गए रेमेडेसिविर के इंजेक्शन पर तेलंगाना राज्य की एक कंपनी का रेपर लगा मिला था। विभाग की ओर से कंपनी के दिल्ली स्थित डिपो को नोटिस भेज कर पांच दिन में जवाब मांगा गया है।
गत 19 मई को राष्ट्र वंदना चौक पर पुलिस ने एक्सयूवी 500 गाड़ी से 60 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए थे। गाड़ी में मुजफ्फरनगर के गांधी कॉलोनी निवासी कपड़ा व्यापारी मनमोहन साहनी और उसका पुत्र मुकुल साहनी सवार थे। गाड़ी चंपावत (उत्तराखंड) निवासी बिशन पुत्र लक्ष्मण सिंह चला रहा था। वह हाल में सेलमपुर चौक रानीपुर हरिद्वार में रह रहा था। बिशन ने बताया कि मनमोहन साहनी के बड़े पुत्र विशाल से उसकी मुलाकात हुई थी। विशाल के माध्यम से 92 इंजेक्शन पंजाब के जिरकपुर स्थित वेदांग फार्मा कंपनी से किसी सुखपाल चौहान से खरीदे थे। 32 इंजेक्शन इन लोगों ने खपा दिए हैं। 54 सौ एमआरपी का एक इंजेक्शन करीब 9 हजार में खरीदकर 25 से 30 हजार तक में बेचते थे। विशाल और सुखपाल अभी भी पुलिस के हाथ नहीं आए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
उधर, इस मामले में ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शनों पर तेलंगाना की एक कंपनी का रेपर लगा मिला था, जिसकी डिपो दिल्ली में है। डिपो को इंजेक्शन के संबंध में नोटिस देकर पूछा गया कि क्या उक्त इंजेक्शन उनकी कंपनी के हैं। नोटिस का जवाब देने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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19 मई को पकड़े गए थे रेमेडेसिविर के 60 इंजेक्शन, पिता-पुत्र सहित तीन हुए थे गिरफ्तार
इंजेक्शन के रेपर पर मिला था तेलंगाना राज्य की एक कंपनी का रेपर
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। रेमेडेसिविर इंजेक्शन की तस्करी के मामले में अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने तेलंगाना राज्य की कंपनी को नोटिस भेजा है। पकड़े गए रेमेडेसिविर के इंजेक्शन पर तेलंगाना राज्य की एक कंपनी का रेपर लगा मिला था। विभाग की ओर से कंपनी के दिल्ली स्थित डिपो को नोटिस भेज कर पांच दिन में जवाब मांगा गया है।
गत 19 मई को राष्ट्र वंदना चौक पर पुलिस ने एक्सयूवी 500 गाड़ी से 60 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए थे। गाड़ी में मुजफ्फरनगर के गांधी कॉलोनी निवासी कपड़ा व्यापारी मनमोहन साहनी और उसका पुत्र मुकुल साहनी सवार थे। गाड़ी चंपावत (उत्तराखंड) निवासी बिशन पुत्र लक्ष्मण सिंह चला रहा था। वह हाल में सेलमपुर चौक रानीपुर हरिद्वार में रह रहा था। बिशन ने बताया कि मनमोहन साहनी के बड़े पुत्र विशाल से उसकी मुलाकात हुई थी। विशाल के माध्यम से 92 इंजेक्शन पंजाब के जिरकपुर स्थित वेदांग फार्मा कंपनी से किसी सुखपाल चौहान से खरीदे थे। 32 इंजेक्शन इन लोगों ने खपा दिए हैं। 54 सौ एमआरपी का एक इंजेक्शन करीब 9 हजार में खरीदकर 25 से 30 हजार तक में बेचते थे। विशाल और सुखपाल अभी भी पुलिस के हाथ नहीं आए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
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उधर, इस मामले में ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शनों पर तेलंगाना की एक कंपनी का रेपर लगा मिला था, जिसकी डिपो दिल्ली में है। डिपो को इंजेक्शन के संबंध में नोटिस देकर पूछा गया कि क्या उक्त इंजेक्शन उनकी कंपनी के हैं। नोटिस का जवाब देने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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