{"_id":"62093f7670990347be058f76","slug":"not-only-fraternity-families-also-got-divided-into-parties-on-voting-baghpat-news-mrt5767737117","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिरादरी ही नहीं, पति-पत्नी व बेटा भी पार्टियों में बंट गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिरादरी ही नहीं, पति-पत्नी व बेटा भी पार्टियों में बंट गए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- एक परिवार में पति ने हाथ का साथ लिया, पत्नी ने चलाया नल तो बेटे की पसंद कमल
- सिनौली में बेटे ने कमल खिलया तो पिता ने नल चलाया, हर विधानसभा में ऐसे कई परिवार
- परिवारों के बिखरने के रुझान ने प्रत्याशियों को चिंता में डाला
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जनपद जिस तरह से मतदान हुआ है, उससे बूथों की स्थिति को देखकर भी हार-जीत का समीकरण उलझ रहा है। पार्टियों में बंटी सभी बिरादरियों ने अपने मने के प्रत्याशियों को जिताने के लिए खूब आगे आकर वोट किया है। बिरादरी ही नहीं, बल्कि परिवारों में पति, पत्नी व बेटा भी पार्टियों में बंट गए है। एक ही परिवार में तीन पार्टियों को वोट गया है। ऐसा कोई एक परिवार नहीं है, बल्कि बागपत के एक हजार से ज्यादा परिवारों में यही स्थिति रही है। ऐसे में किसी भी प्रत्याशी का हार-जीत का आंकलन लगाना ज्यादा मुश्किल हो गया है। हालांकि जिसने जिस पार्टी को वोट किया है, वह अपने प्रत्याशी की जीत तय बता रहा है।
पिता ने कमल खिलाया तो बेटे ने हैंडपंप चलाया
सिनौली गांव के रहने वाले पिता-पुत्र भी पार्टियों को लेकर बंट गए। पिता कहते है कि वह सरकार की नीतियों से प्रभावित है। सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था बेहतर की तो अन्य काफी कार्य कराए है। इसे देखते हुए ही उन्होंने कमल खिलाया है, जबकि उनका बेटा कहता है कि सरकार में बेरोजगारी के कारण युवाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। इस कारण ही उसने हैंडपंप चलाया है।
बेटे को भाया कमल व पिता को हैंडपंप पसंद आया
बागपत में राशिद कालोनी के रहने वाले पिता-पुत्र की पसंद भी अलग-अलग पार्टियां है। युवक का कहना है कि उसे कमल का फूल पसंद आया। वह उनकी नीतियों से प्रभावित है। इस बार सरकार ने विकास कार्य काफी कराए है। उसके पिता की राह जुदा हो गई और उन्होंने हैंडपंप चलाया।
विज्ञापन
बेटे, पिता व माता तीनों की अलग-अलग पसंद
बागपत में कोर्ट रोड पर रहने वाले एक परिवार में तीन पार्टियों को जगह मिल रही है। युवक को कमल का फूल पसंद आया है तो उसके पिता ने हाथ का साथ दिया है। माता ने अलग जाकर हैंडपंप चलाया है। इस तरह एक परिवार में तीन पार्टियों ने जगह बनाई हुई है। इस तरह ही पुराने कस्बे के युवक को कमल पसंद आया है, जबकि उसके पिता को हैंडपंप अच्छा लगा है।
विज्ञापन
- सिनौली में बेटे ने कमल खिलया तो पिता ने नल चलाया, हर विधानसभा में ऐसे कई परिवार
- परिवारों के बिखरने के रुझान ने प्रत्याशियों को चिंता में डाला
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जनपद जिस तरह से मतदान हुआ है, उससे बूथों की स्थिति को देखकर भी हार-जीत का समीकरण उलझ रहा है। पार्टियों में बंटी सभी बिरादरियों ने अपने मने के प्रत्याशियों को जिताने के लिए खूब आगे आकर वोट किया है। बिरादरी ही नहीं, बल्कि परिवारों में पति, पत्नी व बेटा भी पार्टियों में बंट गए है। एक ही परिवार में तीन पार्टियों को वोट गया है। ऐसा कोई एक परिवार नहीं है, बल्कि बागपत के एक हजार से ज्यादा परिवारों में यही स्थिति रही है। ऐसे में किसी भी प्रत्याशी का हार-जीत का आंकलन लगाना ज्यादा मुश्किल हो गया है। हालांकि जिसने जिस पार्टी को वोट किया है, वह अपने प्रत्याशी की जीत तय बता रहा है।
पिता ने कमल खिलाया तो बेटे ने हैंडपंप चलाया
सिनौली गांव के रहने वाले पिता-पुत्र भी पार्टियों को लेकर बंट गए। पिता कहते है कि वह सरकार की नीतियों से प्रभावित है। सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था बेहतर की तो अन्य काफी कार्य कराए है। इसे देखते हुए ही उन्होंने कमल खिलाया है, जबकि उनका बेटा कहता है कि सरकार में बेरोजगारी के कारण युवाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। इस कारण ही उसने हैंडपंप चलाया है।
विज्ञापन
बेटे को भाया कमल व पिता को हैंडपंप पसंद आया
बागपत में राशिद कालोनी के रहने वाले पिता-पुत्र की पसंद भी अलग-अलग पार्टियां है। युवक का कहना है कि उसे कमल का फूल पसंद आया। वह उनकी नीतियों से प्रभावित है। इस बार सरकार ने विकास कार्य काफी कराए है। उसके पिता की राह जुदा हो गई और उन्होंने हैंडपंप चलाया।
विज्ञापन
बेटे, पिता व माता तीनों की अलग-अलग पसंद
बागपत में कोर्ट रोड पर रहने वाले एक परिवार में तीन पार्टियों को जगह मिल रही है। युवक को कमल का फूल पसंद आया है तो उसके पिता ने हाथ का साथ दिया है। माता ने अलग जाकर हैंडपंप चलाया है। इस तरह एक परिवार में तीन पार्टियों ने जगह बनाई हुई है। इस तरह ही पुराने कस्बे के युवक को कमल पसंद आया है, जबकि उसके पिता को हैंडपंप अच्छा लगा है।