फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   No Dargah in Barnawa Baghpat, it is land of Lakshagrah, Court Muslim side petition rejected

Baghpat: बरनावा में दरगाह नहीं, लाक्षागृह की जमीन, मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज, 53 वर्ष से चल रहा था वाद

Mon, 05 Feb 2024 03:41 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 05 Feb 2024 03:41 PM IST
सार

बागपत जनपद में  ऐतिहासिक टीला महाभारत का लाक्षागृह को शेख बदरुउद्दीन की दरगाह व कब्रिस्तान बताने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिका को सोमवार को कोर्ट ने खारिज कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि बरनावा में दरगाह नहीं बल्कि लाक्षागृह की जमीन है। 

विज्ञापन
No Dargah in Barnawa Baghpat, it is land of Lakshagrah, Court Muslim side petition rejected
बरनावा का एतिहासिक टीला - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

बागपत जनपद में हिंडन और कृष्णा नदी के संगम पर बसे बरनावा गांव स्थित ऐतिहासिक टीला महाभारत का लाक्षागृह है या शेख बदरुउद्दीन की दरगाह व कब्रिस्तान को लेकर 53 वर्षों से न्यायालय में चल रहे वाद पर सोमवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। बरनावा में दरगाह नहीं, लाक्षागृह की जमीन है और इसलिए ही मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी गई। 

विज्ञापन


बरनावा के रहने वाले मुकीम खान ने वर्ष 1970 में मेरठ की अदालत में दायर किए वाद में लाक्षागृह गुरुकुल के संस्थापक ब्रह्मचारी कृष्णदत्त महाराज को प्रतिवादी बनाया था। इसमें मुकीम खान और कृष्णदत्त महाराज दोनों का निधन हो चुका है। दोनों पक्ष से अन्य लोग वाद की पैरवी कर रहे हैं। जिला अलग हो जाने के बाद अब यह मामला सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम की कोर्ट में चल रहा था। 

विज्ञापन

No Dargah in Barnawa Baghpat, it is land of Lakshagrah, Court Muslim side petition rejected
बरनावा में एतिहासिक स्थल - फोटो : Amar Ujala

वहीं, दोनों पक्षों के लोग अपने-अपने वकीलों के माध्यम से कोर्ट में साक्ष्य भी प्रस्तुत कर रहे थे। मामले में कोर्ट से मौके का मुआयना कराने की भी अपील की गई थी। वाद में कोर्ट द्वारा फैसला सुनाने के लिए पिछले कई महीने से जल्द तारीख लगाई जा रही थी। इस मामले में सोमवार को कोर्ट ने अपना फैंसला सुनाया और मुस्लिम पक्ष की याचिका को निरस्त कर दिया गया। 

कोर्ट में पेश किए गए साक्ष्य के आधार पर ये माना गया कि वहां दरगाह व कब्रिस्तान की ज़मीन किसी भी जगह राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है।

यह भी पढ़ें: ISI एजेंट ने उगले राज: हनी ट्रैप के जरिए पाकिस्तानी महिला हैंडलर करा रही थी जासूसी, ऐसे बना था शिकार

No Dargah in Barnawa Baghpat, it is land of Lakshagrah, Court Muslim side petition rejected
बरनावा में लाक्षागृह - फोटो : Amar Ujala
बरनावा के रहने वाले मुकीम खान ने वर्ष 1970 में मेरठ की अदालत में वाद दायर किया था, जिसमें उन्होंने लाक्षागृह गुरुकुल के संस्थापक ब्रह्मचारी कृष्णदत्त महाराज को प्रतिवादी बनाया गया था। इसमें मुकीम खान और कृष्णदत्त महाराज दोनों का निधन हो चुका है और दोनों पक्ष से अन्य लोग पैरवी कर रहे हैं। अब यह मामला बागपत में सिविल जज जूनियर डिवीजन प्रथम की कोर्ट में चल रहा था, जिसमें एक पक्ष से अय्यूब, मुन्ना समेत अन्य और दूसरे पक्ष से गांधी धाम समिति के प्रबंधक राजपाल त्यागी वकीलों के माध्यम से कोर्ट में अपने-अपने साक्ष्य प्रस्तुत कर चुके थे, जिससे केस अब फैसले पर आ चुका था। 
विज्ञापन

No Dargah in Barnawa Baghpat, it is land of Lakshagrah, Court Muslim side petition rejected
बरनावा गांव में टीले पर विवादित स्थल । संवाद
वाद दायर करने वाले पक्ष ने यह किया था दावा
इसमें मुकीम खान की तरफ से वाद दायर करते हुए दावा किया गया था कि बरनावा में प्राचीन टीले पर शेख बदरूद्दीन की दरगाह और कब्रिस्तान है। वह सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में दर्ज होने के साथ ही रजिस्टर्ड है। उसमें कहा गया था कि कृष्णदत्त महाराज बाहर के रहने वाले हैं और वह कब्रिस्तान को खत्म करके हिंदुओं का तीर्थ बनाना चाहते हैं। 

No Dargah in Barnawa Baghpat, it is land of Lakshagrah, Court Muslim side petition rejected
बरनावा का प्राचीन लाक्षाग्रह
प्रतिवादी पक्ष ने दिया था यह तर्क
बरनावा के लाक्षागृह स्थित संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री का कहना है कि यह एतिहासिक टीला महाभारत कालीन लाक्षाग्रह है। यहां सुरंग व अन्य अवशेष इसका प्रमाण हैं। इसके सभी साक्ष्य कोर्ट में पैरवी कर रही गांधी धाम समिति के पदाधिकारियों ने दिए हुए थे।
 

No Dargah in Barnawa Baghpat, it is land of Lakshagrah, Court Muslim side petition rejected
बरनावा स्थित टीला - फोटो : BAGHPAT
मौके का मुआयना कराने को प्रार्थना देंगे
गांधी धाम समिति के वकील रणवीर सिंह तोमर ने बताया कि उनकी तरफ से सभी साक्ष्य कोर्ट में दिए हुए थे। वहीं अदालत के फैसले से वह काफी खुश हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed