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मौत के आंकडे बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत
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बड़ौत। क्षेत्र के गांवों में आए दिन हो रही मौतों से ग्रामीण भयभीत हैं। ऐसे में गांवों में कैंप लगाकर जांच एवं दवा वितरण तो दूर हाइपोक्लोराइट का भी छिड़काव तक नहीं कराया जा रहा है। जिससे संक्रमण के फैलाव का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, संक्रमित मिलने के बाद भी न तो इलाके को हॉटस्पाट घोषित किया जा रहा और न ही आवागमन पर रोक लगाई जा रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता मोहित मुखिया, रवींद्र, नरेंद्र, अमित कुमार, जयपाल का कहना है कि निरपुड़ा, दाहा, बामनौली, दोघट, पुसार, आदमपुर, टीकरी, ईदरीशपुर, गांगनौली, थल, कासिमपुर खेड़ी, बड़ौली, मलकपुर, बावली, रमाला, किरठल, राजपुर खामपुर आदि क्षेत्र के दर्जनों गांवों में गत एक सप्ताह में बुखार व कोरोना संक्रमण के चलते बड़ी संख्या में मौत हो चुकी हैं। इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद गांव को सैनिटाइज नहीं कराया गया। मौत के बढ़ रहे आंकड़ों के बावजूद राहत बचाव को लेकर कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जा रहा है। एसडीएम एवं खंड विकास अधिकारी से गांव को सैनिटाइज कराने एवं कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ दवा वितरण की मांग की। हालांकि स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव में दवा वितरण के साथ सैनिटाइजेशन कराने की मांग की है।
लोगों से घरों में रहने की अपील
एसडीएम दुर्गेश मिश्र का कहना है कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है, गांवों में दवा का छिड़काव करने के लिए एडीओ पंचायत को निर्देशित किया जा च़ुका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घर में रहें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।
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स्वास्थ्य विभाग रख रहा नजर
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार का कहना है कि इस समय गांवों में बुखार, जुकाम व खांसी के रोगियों की पहचान के लिए अभियान जारी है। यह नौ मई तक चलेगा। गांवों में सैनिटाजेशन की जिम्मेदारी ब्लॉक अफसरों की है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग गांवों में नजर रखे हुए है। मरीजों को दवा दी जा रही है।
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सामाजिक कार्यकर्ता मोहित मुखिया, रवींद्र, नरेंद्र, अमित कुमार, जयपाल का कहना है कि निरपुड़ा, दाहा, बामनौली, दोघट, पुसार, आदमपुर, टीकरी, ईदरीशपुर, गांगनौली, थल, कासिमपुर खेड़ी, बड़ौली, मलकपुर, बावली, रमाला, किरठल, राजपुर खामपुर आदि क्षेत्र के दर्जनों गांवों में गत एक सप्ताह में बुखार व कोरोना संक्रमण के चलते बड़ी संख्या में मौत हो चुकी हैं। इसकी जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद गांव को सैनिटाइज नहीं कराया गया। मौत के बढ़ रहे आंकड़ों के बावजूद राहत बचाव को लेकर कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जा रहा है। एसडीएम एवं खंड विकास अधिकारी से गांव को सैनिटाइज कराने एवं कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के साथ दवा वितरण की मांग की। हालांकि स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे में ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव में दवा वितरण के साथ सैनिटाइजेशन कराने की मांग की है।
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लोगों से घरों में रहने की अपील
एसडीएम दुर्गेश मिश्र का कहना है कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से वार्ता की जा रही है, गांवों में दवा का छिड़काव करने के लिए एडीओ पंचायत को निर्देशित किया जा च़ुका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घर में रहें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें।
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स्वास्थ्य विभाग रख रहा नजर
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार का कहना है कि इस समय गांवों में बुखार, जुकाम व खांसी के रोगियों की पहचान के लिए अभियान जारी है। यह नौ मई तक चलेगा। गांवों में सैनिटाजेशन की जिम्मेदारी ब्लॉक अफसरों की है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग गांवों में नजर रखे हुए है। मरीजों को दवा दी जा रही है।