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... न मर्ज न मिटे दर्द, 40 गांव पर एक डाक्टर
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न मर्ज मिटे न दर्द, 40 गांव पर एक डाक्टर
बागपत, बड़ौत। भले ही प्रदेश सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन स्थिति बिल्कुल इसके विपरीत है। सीएचसी पर पिछले नौ माह से तैनात एक मात्र चिकित्साधिकारी के भरोसे 40 गांवों के मरीज हैं। सीएचसी अधीक्षक द्वारा सीएमओ को पत्र भेजे जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसका सीधा खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
सीएचसी से मलकपुर, जौनमाना, ढिकाना, लोयन, सिनौली, लुहारी, कोताना, जागोस, बोहला, चौबली, राजपुर, बड़ौली, बड़का, अलावलपुर, ईदरीशपुर समेत 40 गांव व बड़ौत शहर जुड़ा हुआ है। लेकिन यहां पर तैनात तीन चिकित्साधिकारियों का यहां से दूसरी जगह स्थानांतरण हो गया, अब एक मात्र चिकित्साधिकारी राजीव त्यागी के भरोसे सैकड़ों मरीजों का इलाज है,। नौ माह से यहां पर आने वाले मरीज परेशान हैं। ऐसी स्थिति में अब मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैै। आलम यह है कि पहले मरीजों को घंटों लाइन में लगकर पर्चियां बनवानी पड़ती हैं।
ये बोले मरीज----
- मरीज राजेंद्र ने बताया कि सीएचसी पर अन्य चिकित्साधिकारियों की भी तैनानी होनी चाहिए। प्रतिदिन यहां पर सैकड़ों मरीज आते हैं, लेकिन चिकित्साधिकारियों की कमी के कारण मरीजों को दिक्कतें हो रही हैं।
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- राहुल ने बताया कि अक्सर बीमारी के चलते सीएचसी पर आता रहता है, लेकिन डाक्टरों की कमी के कारण परेशानी हो रही है।
- ये बोले सीएचसी अधीक्षक
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि नौ माह से सीएचसी पर एकमात्र चिकित्साधिकारी तैनात है, हालांकि इमरजेंसी आने पर वह स्वयं भी मरीज को देखते हैं। यहां पर चार चिकित्साधिकारियों की नियुक्त करने के लिए सीएमओ को पत्र भेजा है।
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बागपत, बड़ौत। भले ही प्रदेश सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन स्थिति बिल्कुल इसके विपरीत है। सीएचसी पर पिछले नौ माह से तैनात एक मात्र चिकित्साधिकारी के भरोसे 40 गांवों के मरीज हैं। सीएचसी अधीक्षक द्वारा सीएमओ को पत्र भेजे जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसका सीधा खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
सीएचसी से मलकपुर, जौनमाना, ढिकाना, लोयन, सिनौली, लुहारी, कोताना, जागोस, बोहला, चौबली, राजपुर, बड़ौली, बड़का, अलावलपुर, ईदरीशपुर समेत 40 गांव व बड़ौत शहर जुड़ा हुआ है। लेकिन यहां पर तैनात तीन चिकित्साधिकारियों का यहां से दूसरी जगह स्थानांतरण हो गया, अब एक मात्र चिकित्साधिकारी राजीव त्यागी के भरोसे सैकड़ों मरीजों का इलाज है,। नौ माह से यहां पर आने वाले मरीज परेशान हैं। ऐसी स्थिति में अब मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैै। आलम यह है कि पहले मरीजों को घंटों लाइन में लगकर पर्चियां बनवानी पड़ती हैं।
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ये बोले मरीज----
- मरीज राजेंद्र ने बताया कि सीएचसी पर अन्य चिकित्साधिकारियों की भी तैनानी होनी चाहिए। प्रतिदिन यहां पर सैकड़ों मरीज आते हैं, लेकिन चिकित्साधिकारियों की कमी के कारण मरीजों को दिक्कतें हो रही हैं।
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- राहुल ने बताया कि अक्सर बीमारी के चलते सीएचसी पर आता रहता है, लेकिन डाक्टरों की कमी के कारण परेशानी हो रही है।
- ये बोले सीएचसी अधीक्षक
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार ने बताया कि नौ माह से सीएचसी पर एकमात्र चिकित्साधिकारी तैनात है, हालांकि इमरजेंसी आने पर वह स्वयं भी मरीज को देखते हैं। यहां पर चार चिकित्साधिकारियों की नियुक्त करने के लिए सीएमओ को पत्र भेजा है।