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नवाब परिवार का सबसे ज्यादा कब्जा, अब बदला सियासी गणित

Fri, 14 Jan 2022 10:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jan 2022 10:33 PM IST
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Nawab family captured the most, now political maths changed
बागपत का राष्ट्र वंदना चौक - फोटो : BAGHPAT
विधानसभा सीट : बागपत
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- पांच बार यहां से विधायक रहे कोकब हमीद, पिता नवाब शौकत हमीद भी बने एक बार विधायक
- पिछले दो चुनाव में बसपा और भाजपा के सिर सजा ताज, इस बार भी आसान नहीं चुनावी जंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बागपत विधानसभा सीट पर भले ही किसी एक पार्टी का कब्जा नहीं रहा हो और हर एक या दूसरे चुनाव में राजनीतिक पार्टियों को मतदाता बदलते रहे हो। मगर, नवाब परिवार का बागपत विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा कब्जा रहा है। पहले नवाब शौकत हमीद को लोगों ने विधायक बनाया तो उसके बाद राजनीति में उतरे बेटे नवाब कोकब हमीद के सिर पर सबसे ज्यादा पांच बार विधायकी का ताज रख दिया। दोनों पिता-पुत्र 28 साल तक बागपत सीट से विधायक रहे और काबीना मंत्री की कुर्सी भी मिली।
10 साल से बदला सियासी गणित
बागपत विधानसभा सीट पर वर्ष 1993 से लेकर 2012 तक लगातार नवाब कोकब हमीद विधायक रहे। लेकिन दस साल पहले वर्ष 2012 में सियासी गणित पूरी तरह से बदल गया और दलित व गुर्जर वोटरों के गठजोड़ के साथ ही जाट-मुस्लिम के बिखराव ने पहली बार बसपा की हेमलता चौधरी के सिर पर विधायकी का ताज रख दिया। हालांकि बसपा उसे आगे नहीं बढ़ा सकी और वर्ष 2017 में इस सीट पर पहली बार भाजपा का कमल खिला और योगेश धामा विधायक बने।
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इस बार किसी के लिए आसान नहीं चुनावी जंग
जिस तरह से पार्टियों ने चुनावी मैदान में अपने प्रत्याशी उतारे है, उससे इस बार किसी के लिए चुनावी जंग आसान नहीं दिख रही है। रालोद-सपा गठबंधन ने नवाब कोकब हमीद के बेटे अहमद हमीद को प्रत्याशी घोषित किया है तो भाजपा से विधायक योगेश धामा ही चुनावी जंग में उतरने को तैयार है। आप ने यहां से नवीन गुर्जर को प्रत्याशी बनाया है तो बसपा भी गुर्जर या मुस्लिम में किसी एक को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। ऐसे में जातीय समीकरण को देखते हुए कड़ी टक्कर होती दिख रही है।
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नेताओं की बढ़ती जा रही जिज्ञासा
वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष जनक सिंह सोम कहते है कि पहले नेताओं की जिज्ञासा कम होती थी और वह समाजसेवा के लिए राजनीति में आते थे। अब वक्त बदलने के साथ चुनाव का पूरा स्वरूप ही बदल गया है। बागपत में कोर्ट रोड के रहने वाले ब्रह्मपाल रोहिल्ला बताते है कि पहले चुनाव के लिए न ज्यादा प्रचार होता था और न इतना ज्यादा कोई खर्च करता था। अब चुनाव जीतने को हर हथकंडा अपनाया जाता है।
वर्ष विधायक पार्टी
1952-57 आचार्य दीपांकर कम्यूनिस्ट पार्टी
1957-62 रघुबीर सिंह कांग्रेस
1962-67 शौकत हमीद कांग्रेस
1967-68 आचार्य दीपांकर कम्यूनिस्ट पार्टी
1969-74 विक्रम सिंह कांग्रेस
1974-77 सत्यपाल मलिक भारतीय क्रांति दल
1977-80 इस्माइल जनता पार्टी
1980-85 महेश चंद कांग्रेस
1985-89 कोकब हमीद कांग्रेस
1989-91 साहब सिंह जनता दल
1991-92 महेंद्र जैन जनता दल
1993-2012 कोकब हमीद कांग्रेस, क्रांति दल, लोकदल
2012-17 हेमलता चौधरी बसपा
2017 योगेश धामा भाजपा
बागपत में मतदाता
कुल 313363
महिला 141857
पुरुष 171478
अन्य 25
जातिगत आंकड़े
जाति मतदाता
मुस्लिम 73 हजार
जाट 45 हजार
दलित 29 हजार
यादव 24 हजार
गुर्जर 22 हजार
ब्राह्मण 20 हजार
त्यागी 13 हजार
ठाकुर 9 हजार
मतदान केंद्र
मतदान स्थल 351
मतदान केंद्र 163
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