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Baghpat News: पिता ने वर्ष 2002 में डाली थी वोट, अब ऑनलाइन नहीं मिल रहा रिकाॅर्ड

Mon, 15 Dec 2025 12:59 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Dec 2025 12:59 AM IST
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My father cast his vote in 2002, but his record is no longer available online.
पिता ने वर्ष 2003 में डाली थी वोट की खबर से संबं​धित फोटो। सुदेश
- वर्ष 2002 की ऑनलाइन वोटर लिस्ट में नाम नहीं मिलने से 850 से अधिक परिवारों को सता रहा वोट कटने का डर
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- लोगाें की परेशानी को बीएलओ भी नहीं कर पा रहे दूर, बूथों का चक्कर काटने के बाद भी नहीं हो रहा समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। शहर में भजन विहार कॉलोनी में रहने वाले सतीश रूहेला के पिता मित्रसैन ने वर्ष 2002 में विधानसभा चुनाव में वोट डाली थी, लेकिन अब ऑनलाइन रिकाॅर्ड नहीं मिल रहा है। इसलिए पूरे परिवार के वोट कटने का डर सता रहा है। इस तरह की समस्या लेकर बूथों पर लोग पहुंच रहे हैं और उनकी समस्या का बीएलओ भी निस्तारण नहीं कर पा रहे हैं।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता गणना प्रपत्र भरने का कार्य चल रहा है। प्रपत्र भरने के लिए चुनाव आयोग ने समय बढ़ा दिया था, लेकिन अभी भी लोगों के सामने काफी परेशानी हो रही है। लोगों का ऑनलाइन वोटर लिस्ट में रिकॉर्ड नहीं मिल पाने के कारण गणना प्रपत्र नहीं भर पा रहे हैं। लोगों को समझ नहीं आ रहा कि प्रपत्र में क्या जानकारी भरें। उनकी इस परेशानी को बीएलओ भी दूर नहीं कर पा रहे हैं।
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बागपत में कोर्ट रोड स्थित भजन विहार काॅलोनी निवासी सतीश रूहेला ने बताया कि पिता मित्रसैन ने वर्ष 2002 में विधानसभा के चुनाव में वोट डाली थी। परिवार के लोग भी 22 साल से मतदान करते आ रहे हैं। अब ऑनलाइन रिकाॅर्ड नहीं मिल पाने के कारण दो पीढि़यों की वोट कटने पर डर हो रहा है। बली गांव निवासी मनोज ने बताया कि पिता जयचंद दरोगा की ऑनलाइन वोट नहीं मिल रही है। ऐसे में परिवार के लोग कैसे गणना प्रपत्र भरें और यदि गणना प्रपत्र नहीं भरेंगे तो वोट कट जाएगी। इसके अलावा मनोज, रविंद्र, मनोज आदि के परिवार के सदस्यों की ऑनलाइन वोट नहीं मिल पा रही है।
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-- मायके की जानकारी जुटाना महिला मतदाताओं के लिए बना मुसीबत
एसआईआर महिला मतदाताओं के लिए मुसीबत बन गया है। उन्हें मायके से वोटर लिस्ट की जानकारी जुटानी पड़ रही है। फिर इसका मिलान करने में बीएलओ परेशान हो रहे हैं। उन्हें ऐसे वोटरों का मिलान करने में ज्यादा दिक्कत हो रही है जिनके नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं थे। ऐसी महिला मतदाताओं का मिलान उनके दादा या दादी के नाम से करना पड़ रहा है। बंदपुर की सुदेश, मुजफ्फरनगर की अंजली, दिल्ली की रेनू, गीता व पूनम, शामली की प्रियंका, पुष्पा आदि ने बताया कि मायके में पिता के नाम की वोट ऑनलाइन नहीं मिल पा रही है और ऐसे में उन्हें परेशानी हो रही है।

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किसी को कोई समस्या हो रही है तो वह बीएलओ से बात कर सकते हैं। उनके स्तर पर समाधान नहीं होगा तो अधिकारियों के पास अपनी समस्या लेकर जा सकते हैं। इसमें कोई परेशानी नहीं होगी और वोट कटने वाली कोई बात नहीं है। समस्या का समाधान कराया जाएगा। - अमरचंद वर्मा, एसडीएम

पिता ने वर्ष 2003 में डाली थी वोट की खबर से संबंधित फोटो। सुदेश

पिता ने वर्ष 2003 में डाली थी वोट की खबर से संबंधित फोटो। सुदेश

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