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सन्नाटे के बीच राहत, मॉक ड्रिल से परखीं तैयारियां
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सन्नाटे के बीच राहत, मॉक ड्रिल से परखीं तैयारियां
बागपत। कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जनता ूकर्फ्यू के दौरान जिला अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहा। स्वास्थ्य विभाग ने मॉक ड्रिल कर अपनी तैयारियों को परखा। अभ्यास कराया यदि कोई कोरोना पीड़ित वास्तव में आ जाता है तो स्वास्थ्य कर्मचारियों को उसे आइसोलेशन वार्ड तक कैसे ले जाना है।
जनता ूकर्फ्यू के चलते रविवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही सन्नाटा रहा। स्वास्थ्य कर्मचारियों की आवाजाही देखने को मिली। यहां ओपीडी बंद रही, जबकि आकस्मिक सेवाएं जारी रही, लेकिन मरीज नहीं पहुंचे। चिकित्सक अस्पताल में मौजूद रहे। सीएमओ डॉ. आरके टंडन ने बताया 31 मार्च तक ओपीडी बंद कर दी। रविवार को जनता कर्फ्यू होने के कारण जिला अस्पताल सुनसान रहा। ओपीडी बंद है तथा चिकित्सक किसी भी आपात काल सेवा के लिए अस्पताल में मौजूद हैं। कोरोना वायरस के संदिग्ध को आइसोलेट करने व आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने के लिए चिकित्सकों को रिहर्सल कराई जा रही है। एंबूलेंस आती है, वार्ड ब्वॉय और चिकित्सक दौड़कर वैन के पास पहुंचते हैं। स्ट्रेचर पर मरीज को लेटाकर आइसोलेशन वार्ड की ओर जाते हैं। मरीज को वार्ड में भर्ती किया जाता है। अंदर किसी को भी आने की अनुमति नहीं है। मॉक ड्रिल के दौरान आइसोलेशन वार्ड में मरीज का इलाज करने और उसका सैंपल लेने के लिए जाने वाला चिकित्सक पूरी किट पहनकर मरीज का सैंपल भरता है और सैंपल को सुरक्षित जांच के लिए भेज दिया जाता है। सैंपल लेने के बाद आइसोलेशन वार्ड का गेट बंद किया जाता है। इस वार्ड की ओर आने वाले प्रत्येक रास्ते को बंद किया, ताकि कोई ओर व्यक्ति वार्ड की ओर न आ सकें। सीएमओ डॉ. आरके टंडन ने बताया कि विभाग की टीम किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है। मॉक ड्रिल का मकसद बेहतर तैयारी है।
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बागपत। कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जनता ूकर्फ्यू के दौरान जिला अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहा। स्वास्थ्य विभाग ने मॉक ड्रिल कर अपनी तैयारियों को परखा। अभ्यास कराया यदि कोई कोरोना पीड़ित वास्तव में आ जाता है तो स्वास्थ्य कर्मचारियों को उसे आइसोलेशन वार्ड तक कैसे ले जाना है।
जनता ूकर्फ्यू के चलते रविवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही सन्नाटा रहा। स्वास्थ्य कर्मचारियों की आवाजाही देखने को मिली। यहां ओपीडी बंद रही, जबकि आकस्मिक सेवाएं जारी रही, लेकिन मरीज नहीं पहुंचे। चिकित्सक अस्पताल में मौजूद रहे। सीएमओ डॉ. आरके टंडन ने बताया 31 मार्च तक ओपीडी बंद कर दी। रविवार को जनता कर्फ्यू होने के कारण जिला अस्पताल सुनसान रहा। ओपीडी बंद है तथा चिकित्सक किसी भी आपात काल सेवा के लिए अस्पताल में मौजूद हैं। कोरोना वायरस के संदिग्ध को आइसोलेट करने व आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने के लिए चिकित्सकों को रिहर्सल कराई जा रही है। एंबूलेंस आती है, वार्ड ब्वॉय और चिकित्सक दौड़कर वैन के पास पहुंचते हैं। स्ट्रेचर पर मरीज को लेटाकर आइसोलेशन वार्ड की ओर जाते हैं। मरीज को वार्ड में भर्ती किया जाता है। अंदर किसी को भी आने की अनुमति नहीं है। मॉक ड्रिल के दौरान आइसोलेशन वार्ड में मरीज का इलाज करने और उसका सैंपल लेने के लिए जाने वाला चिकित्सक पूरी किट पहनकर मरीज का सैंपल भरता है और सैंपल को सुरक्षित जांच के लिए भेज दिया जाता है। सैंपल लेने के बाद आइसोलेशन वार्ड का गेट बंद किया जाता है। इस वार्ड की ओर आने वाले प्रत्येक रास्ते को बंद किया, ताकि कोई ओर व्यक्ति वार्ड की ओर न आ सकें। सीएमओ डॉ. आरके टंडन ने बताया कि विभाग की टीम किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार है। मॉक ड्रिल का मकसद बेहतर तैयारी है।
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