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विधायक ऐसा हो, जो वोटर की पीड़ा समझे
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Mon, 23 Jan 2017 12:45 AM IST
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सरूरपुर गांव में चुनावी चर्चा करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सरूरपुर कलां गांव में हुक्के की गुड़गुड़ाहट के समय उम्र दराज लोगों की चौपाल सज गई। चुनाव की चर्चा में सभी मशगूल हो गए। किसानों की समस्याओं को सबसे प्रमुख बताया। सरकार किसी की भी बने किसान और गांव के विकास के लिए छोटी-छोटी समस्या दूर होनी चाहिए। नेता ऐसा हो जो जनता की पीड़ा को समझे।
दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे पर स्थित सरूरपुर कलां गांव में रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य के पास उम्रदराज लोगों की चौपाल लग गई। हुक्का की गुड़गुड़ाहट पर चुनाव की चर्चा होनी शुरू हो गई। लोगों ने कहा जमीनी मुद्दों पर किसी का ध्यान नहीं है। इस दौरान अधिकांश लोगों ने कहा किसानों की पीढ़ा को कोई नेता नहीं समझ रहा है। केवल इन पर राजनीति चल रही।
किसानों के गन्ने का भुगतान, बिजली की समस्या पर कोई जनप्रतिनिधि या जिला प्रशासन में बैठे अधिकारी ध्यान नहीं देता है। ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश संपर्क मार्ग जर्जर पड़े हैं। चुनाव में राजनेता दावे बहुत करते है, लेकिन अमल कुछ भी नहीं होता है। गांव के विकास पर किसी का ध्यान नहीं है। गांवों के रास्तों में गंदा पानी भरा रहता है। नेता ऐसा होना चाहिए जो जनता की पीड़ा को समझ अौर गांव विकास को प्राथमिकता देता हो।
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हरबीर सिंह ने कहा हाईवे के न बनने से गांव के साथ-साथ जिले का ही विकास रुक गया है। चुनाव आते ही नेता नोएडा और गाजियाबाद बनाने के दावे करते हैं, विकास के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है। बिंदर, ओमपाल, महावीर ने कहा जिस भी पार्टी का प्रत्याशी जीते वह सभी को साथ लेकर चले और जिले में विकास कराए। सुभाष नैन, सतपाल, पीतम, सुरेंद्र, राजेंद्र ने कहा गांव का विकास होगा, तभी देश आगे बढ़ सकता है।
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दिल्ली-यमुनौत्री हाईवे पर स्थित सरूरपुर कलां गांव में रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य के पास उम्रदराज लोगों की चौपाल लग गई। हुक्का की गुड़गुड़ाहट पर चुनाव की चर्चा होनी शुरू हो गई। लोगों ने कहा जमीनी मुद्दों पर किसी का ध्यान नहीं है। इस दौरान अधिकांश लोगों ने कहा किसानों की पीढ़ा को कोई नेता नहीं समझ रहा है। केवल इन पर राजनीति चल रही।
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किसानों के गन्ने का भुगतान, बिजली की समस्या पर कोई जनप्रतिनिधि या जिला प्रशासन में बैठे अधिकारी ध्यान नहीं देता है। ग्रामीण क्षेत्र में अधिकांश संपर्क मार्ग जर्जर पड़े हैं। चुनाव में राजनेता दावे बहुत करते है, लेकिन अमल कुछ भी नहीं होता है। गांव के विकास पर किसी का ध्यान नहीं है। गांवों के रास्तों में गंदा पानी भरा रहता है। नेता ऐसा होना चाहिए जो जनता की पीड़ा को समझ अौर गांव विकास को प्राथमिकता देता हो।
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हरबीर सिंह ने कहा हाईवे के न बनने से गांव के साथ-साथ जिले का ही विकास रुक गया है। चुनाव आते ही नेता नोएडा और गाजियाबाद बनाने के दावे करते हैं, विकास के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है। बिंदर, ओमपाल, महावीर ने कहा जिस भी पार्टी का प्रत्याशी जीते वह सभी को साथ लेकर चले और जिले में विकास कराए। सुभाष नैन, सतपाल, पीतम, सुरेंद्र, राजेंद्र ने कहा गांव का विकास होगा, तभी देश आगे बढ़ सकता है।