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Baghpat News: चार माह से मनरेगा मजदूरों को नहीं मिली मजदूरी, फीकी रहेगी दिवाली
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बड़ौत। मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों को चार माह से मजदूरी नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। जुलाई से अक्तूबर माह तक का भुगतान अटका होने से मजदूरों की दिवाली भी फीकी रहेगी।
अलावलपुर निवासी महिपाल, कासिमपुर खेड़ी निवासी मुस्तकीम और सिनौली निवासी अनिल, गीता व आकाश सहित 470 से अधिक मजदूरों को चार माह से मजदूरी नहीं मिली है। मजदूरों का कहना है कि मनरेगा के तहत काम करने के बाद भी मेहनताना नहीं मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। त्योहार पर परिवार की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है। मजदूरों का करीब आठ लाख रुपये की भुगतान लंबित होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उधार लेकर चला रहे परिवार का खर्च
- जुलाई से मजदूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। चार माह से मजदूरी नहीं मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। दिवाली पर बच्चों के लिए कपड़े और मिठाई खरीदने की इच्छा थी, लेकिन जेब खाली है। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए भी उधार लेना पड़ रहा है। केला सिनौली।
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- परिवार में एक सदस्य बीमार है। मजदूरी नहीं मिलने के कारण उसका इलाज कराने के लिए भी उधार लेना पड़ा। चार माह तक काम करने के बाद भी मेहनताना नहीं मिला है। त्योहार सिर पर है और आर्थिक तंगी के चलते दिवाली मनाने की चिंता सता रही है। नरेश, मलकपुर
वर्जन
- सभी मजदूरों के कार्य की फीडिंग का कार्य पूरा हो चुका है। एक सप्ताह के अंदर सभी का भुगतान आ जाएगा। राहुल वर्मा उपायुक्त श्रम रोजगार।
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अलावलपुर निवासी महिपाल, कासिमपुर खेड़ी निवासी मुस्तकीम और सिनौली निवासी अनिल, गीता व आकाश सहित 470 से अधिक मजदूरों को चार माह से मजदूरी नहीं मिली है। मजदूरों का कहना है कि मनरेगा के तहत काम करने के बाद भी मेहनताना नहीं मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। त्योहार पर परिवार की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है। मजदूरों का करीब आठ लाख रुपये की भुगतान लंबित होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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उधार लेकर चला रहे परिवार का खर्च
- जुलाई से मजदूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। चार माह से मजदूरी नहीं मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। दिवाली पर बच्चों के लिए कपड़े और मिठाई खरीदने की इच्छा थी, लेकिन जेब खाली है। रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए भी उधार लेना पड़ रहा है। केला सिनौली।
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- परिवार में एक सदस्य बीमार है। मजदूरी नहीं मिलने के कारण उसका इलाज कराने के लिए भी उधार लेना पड़ा। चार माह तक काम करने के बाद भी मेहनताना नहीं मिला है। त्योहार सिर पर है और आर्थिक तंगी के चलते दिवाली मनाने की चिंता सता रही है। नरेश, मलकपुर
वर्जन
- सभी मजदूरों के कार्य की फीडिंग का कार्य पूरा हो चुका है। एक सप्ताह के अंदर सभी का भुगतान आ जाएगा। राहुल वर्मा उपायुक्त श्रम रोजगार।